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टोली में तनातनी के बीच राशन विक्रेता का चयन
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sun, 01 May 2016 11:57 PM IST
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सहारनपुर के विकासखंड़ मुजफ्फराबाद की ग्राम पंचायत टोली में रविवार को कड़ी सुरक्षा के बीच हुई खुली बैठक में उचित दर विक्रेता का चयन हुआ। हालांकि इस दौरान कई बार हंगामे की स्थिती बनी। आखिर में अमरीशा नाम की महिला को उचित दर विक्रेता के लिए चुन लिया गया।
बता दें कि टोली ग्राम पंचायत में पिछले काफी समय से उचित दर विक्रेता को चयन को लेकर विवाद चल रहा था। बीती सात अप्रैल को एसडीएम के आदेश पर चयन के लिए बैठक हुई थी, लेकिन राजनेेताओ के दबाव के चलते इसे बीच में ही स्थगित कर दिया गया था।
रविवार को पुन: विक्रेता के चयन के लिए प्राथमिक विद्यालय में एडीओ पंचायत ओमप्रकाश और ग्राम पंचायत सचिव विवेक कुमार की मौजूदगी में खुली बैठक बुलाई गई।
इसमें पूर्व प्रधान गुट से अमरीशा पत्नी इमरान और वर्तमान प्रधान सुल्ताना गुट से मेहराज पत्नी मुस्तकीम ने अपनी-अपनी दावेदारी की थी। खुली बैठक में अमरीशा को 196 वोट मिले, जबकि मेहराज को 172 वोट ही मिले इस प्रकार अमरीशा का चयन हुआ। इस दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही।
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प्रधानी चुनाव से भी ज्यादा रिस्की, टोली ग्राम पंचायत में उचित दर विक्रेता का चुनाव प्रधानी के चुनाव से भी रिस्की रही। पूर्व एवं वर्तमान गुटों के बीच विक्रेता का चयन मूछों की लड़ाई बना हुआ था। कई दिन से दोनों गुट ग्रामीणों को अपने पक्ष में करने के लिए दिन रात एक किए हुए थे।
रविवार को सुबह होते ही विक्रेता के चयन को लेकर प्राथमिक विद्यालय के बाहर दोनों गुटों की भीड़ जमा हो गई थी। खासी गहमागहमी के बीच खुली बैठक में चयन की प्रक्रिया पूरी की गई। कई बार पुलिस को हंगामा होने पर भीड़ को खदेड़ना भी पड़ा।
प्रधान सुल्ताना के मुताबिक, टोली गांव की उचित दर विक्रेता की दुकान दूसरे विक्रेता से अटैच होने के चलते उनके गांव के लोगों को राशन वितरण सही तरीके से नहीं हो पा रहा था। उनका मकसद विक्रेता का चयन कराना था, ताकि ग्रामीणों को समय से राशन का वितरण हो सके। कुछ लोग चयन प्रक्रिया को प्रभावित करने के प्रयास में लगे थे।
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बता दें कि टोली ग्राम पंचायत में पिछले काफी समय से उचित दर विक्रेता को चयन को लेकर विवाद चल रहा था। बीती सात अप्रैल को एसडीएम के आदेश पर चयन के लिए बैठक हुई थी, लेकिन राजनेेताओ के दबाव के चलते इसे बीच में ही स्थगित कर दिया गया था।
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रविवार को पुन: विक्रेता के चयन के लिए प्राथमिक विद्यालय में एडीओ पंचायत ओमप्रकाश और ग्राम पंचायत सचिव विवेक कुमार की मौजूदगी में खुली बैठक बुलाई गई।
इसमें पूर्व प्रधान गुट से अमरीशा पत्नी इमरान और वर्तमान प्रधान सुल्ताना गुट से मेहराज पत्नी मुस्तकीम ने अपनी-अपनी दावेदारी की थी। खुली बैठक में अमरीशा को 196 वोट मिले, जबकि मेहराज को 172 वोट ही मिले इस प्रकार अमरीशा का चयन हुआ। इस दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही।
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प्रधानी चुनाव से भी ज्यादा रिस्की, टोली ग्राम पंचायत में उचित दर विक्रेता का चुनाव प्रधानी के चुनाव से भी रिस्की रही। पूर्व एवं वर्तमान गुटों के बीच विक्रेता का चयन मूछों की लड़ाई बना हुआ था। कई दिन से दोनों गुट ग्रामीणों को अपने पक्ष में करने के लिए दिन रात एक किए हुए थे।
रविवार को सुबह होते ही विक्रेता के चयन को लेकर प्राथमिक विद्यालय के बाहर दोनों गुटों की भीड़ जमा हो गई थी। खासी गहमागहमी के बीच खुली बैठक में चयन की प्रक्रिया पूरी की गई। कई बार पुलिस को हंगामा होने पर भीड़ को खदेड़ना भी पड़ा।
प्रधान सुल्ताना के मुताबिक, टोली गांव की उचित दर विक्रेता की दुकान दूसरे विक्रेता से अटैच होने के चलते उनके गांव के लोगों को राशन वितरण सही तरीके से नहीं हो पा रहा था। उनका मकसद विक्रेता का चयन कराना था, ताकि ग्रामीणों को समय से राशन का वितरण हो सके। कुछ लोग चयन प्रक्रिया को प्रभावित करने के प्रयास में लगे थे।