UP: सोनम वांगचुक पर इमरान मसूद का बड़ा हमला, बोले- 45 सांसद गए तो अनशन नहीं तोड़ा, दो मंत्री गए तो मान गए
सहारनपुर में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने सोनम वांगचुक के आंदोलन को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 45 सांसदों के मिलने पर अनशन नहीं तोड़ा गया, लेकिन दो मंत्रियों के पहुंचने पर वह मान गए। इमरान ने सरकार पर भी गंभीर आरोप लगाए।
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कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने सोनम वांगचुक के आंदोलन और उनके अनशन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के 45 सांसदों के मिलने के बावजूद सोनम वांगचुक ने अनशन नहीं तोड़ा, लेकिन दो केंद्रीय मंत्रियों के पहुंचने पर वह मान गए। इमरान मसूद ने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी क्या बात हुई कि दो मंत्रियों के मिलने के बाद उन्होंने अपना रुख बदल लिया।
इमरान मसूद बोले- 45 सांसद गए, तब अनशन नहीं तोड़ा
इमरान मसूद ने कहा कि विपक्ष की ओर से लगातार सोनम वांगचुक से अनशन तोड़ने की अपील की जा रही थी। उन्होंने कहा कि 45 सांसद उनसे मिलने गए, लेकिन उन्होंने अनशन नहीं तोड़ा। इसके बाद दो मंत्री पहुंचे और वह मान गए।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि सोनम वांगचुक को पहले चीनी एजेंट तक कहा गया था, लेकिन आज भाजपा उनकी सबसे बड़ी समर्थक बन गई है। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाते हुए कहा कि आंदोलन के मुद्दे पर निर्णायक परिणाम सामने आना चाहिए।
#WATCH | Saharanpur, UP: On his statement "Anna part two" for Sonam Wangchuk, Congress MP Imran Masood says, "We repeatedly said that he should break his fast. 45 MPs went, but you didn't break it. Two ministers went, and you agreed. What did you agree to? They used to call you a… pic.twitter.com/wtbYGkFE5s
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) July 25, 2026
इस्तीफे नहीं होंगे तो किसी को डर नहीं
इमरान मसूद ने कहा कि जब तक इस्तीफे नहीं होंगे, तब तक किसी को डर नहीं होगा। उन्होंने सरकार की ओर से तेज सुनवाई वाली अदालतें बनाए जाने के दावे पर भी सवाल उठाया।
उन्होंने कहा कि किसी मामले में फैसला तभी आएगा, जब आरोपपत्र दाखिल किया जाएगा। कांग्रेस सांसद ने सवाल किया कि क्या पिछले मामले में आरोपपत्र दाखिल किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल बातें और बहाने बना रही है।
शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर देश को पीछे ले जाना चाहते हैं
इमरान मसूद ने सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार देश को अशिक्षित बनाना चाहती है और शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर देश को उसी स्थिति में रखना चाहती है, जहां वह पहले था।
उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक का आंदोलन गंभीर मुद्दे से जुड़ा है। अनशन के दौरान उनकी सेहत को लेकर लगातार चिंता बनी हुई थी। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन का कोई निर्णायक परिणाम निकलना चाहिए।