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...मैं तिरंगे के लिए जान भी दे सकती हूं
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Mon, 20 Feb 2017 12:13 AM IST
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महिला मुशायरे में कलाम पेश करतीं शायर।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर के देवबंद में नवाज गर्ल्स पब्लिक स्कूल में उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी की ओर से ऑल इंडिया लेडीज मुशायरे का आयोजन किया गया। इसमें देश की नामचीन महिला शायरों ने एक से बढ़कर एक उम्दा कलाम पेश कर फिजाओं में अदब की खुशबू को बिखेर दिया।
कार्यक्रम में छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देकर सभी का मनमोह लिया। रविवार को देवबंद गंगोह बाईपास स्थित स्कूल में आयोजित मुशायरे का उद्घाटन हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर की एसपी सौम्या सिंबासिवान ने फीता काटकर किया।
इसके बाद शुरू हुई मुशायरे की महफिल में प्रसिद्ध शायरा डॉ. नसीम निकहत ने अपने जज्बात कुछ यूं बयां किए.. जिस घर में मेरे नाम की तख्ती नहीं है, एक उम्र उसी घर को सजाने में गुजर जाए।
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अना देहलवी ने मुल्क से मोहब्बत का सबूत पेश करते हुए कहा.. मुल्क से अपने मुझे इतनी मोहब्बत है अना, मैं तिरंगे के लिए जान भी दे सकती हूं। शायरा शबीना अदीब ने कुछ यूं पढ़ा.. मेरे होठों पे शिकायत भी नहीं आएगी, सामने सबके हकीकत भी नहीं आएगी, बस मुझे बेवफा कह दीजिए मर जाऊंगी, आप पर कत्ल की तोहमत भी नहीं आएगी।
खुशबू शर्मा ने कहा.. अपने पुरखों की रिवायत लिए फिरते हैं, हम नये दौर में जज्बात लिए फिरते हैं, चंद कतरों के लिए वो भी अना बेच आए, जो समंदर का हुनर साथ लिए फिरते हैं सुनाकर महिला श्रोताओं से जमकर दाद बटोरी।
इससे पूर्व यूपी उर्दू अकादमी के चेयरमैन एवं संस्था के संरक्षक डॉ. नवाज देवबंदी ने कहा कि मुशायरे का मकसद बेटियों और महिलाओं में शिक्षा के प्रति जागरूकता पैदा करना है।
इस परंपरा को देवबंद में नवाज गर्ल्स पब्लिक स्कूल ने शुरू किया, जो अब अदबी त्योहार के रूप में मनाया जाने लगा है। उन्होंने कहा कि अगर नई पीढ़ी अदबी मिजाज को अपना ले तो बहुत सी समस्याओं का हल निकल आएगा।
अध्यक्षता एसपी सौम्या सिंबासिवान व संचालन खुशबू शर्मा ने किया। कार्यक्रम में क्षेत्र की सैकड़ों महिलाओं ने शिरकत की। इस मौके पर अजमल अली खां गर्ल्स डिग्री कॉलेज मुजफ्फरनगर की प्राचार्या डॉ. अनीता अग्रवाल, इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ. सफिया, हिंदू इंटर कॉलेज सहारनपुर की प्रधानाचार्य डॉ. कुदसिया अंजुम, रुबीना शहजाद, रजिया नजम उस्मानी, आतिका उस्मानी आदि मौजूद रहे।
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कार्यक्रम में छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देकर सभी का मनमोह लिया। रविवार को देवबंद गंगोह बाईपास स्थित स्कूल में आयोजित मुशायरे का उद्घाटन हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर की एसपी सौम्या सिंबासिवान ने फीता काटकर किया।
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इसके बाद शुरू हुई मुशायरे की महफिल में प्रसिद्ध शायरा डॉ. नसीम निकहत ने अपने जज्बात कुछ यूं बयां किए.. जिस घर में मेरे नाम की तख्ती नहीं है, एक उम्र उसी घर को सजाने में गुजर जाए।
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अना देहलवी ने मुल्क से मोहब्बत का सबूत पेश करते हुए कहा.. मुल्क से अपने मुझे इतनी मोहब्बत है अना, मैं तिरंगे के लिए जान भी दे सकती हूं। शायरा शबीना अदीब ने कुछ यूं पढ़ा.. मेरे होठों पे शिकायत भी नहीं आएगी, सामने सबके हकीकत भी नहीं आएगी, बस मुझे बेवफा कह दीजिए मर जाऊंगी, आप पर कत्ल की तोहमत भी नहीं आएगी।
खुशबू शर्मा ने कहा.. अपने पुरखों की रिवायत लिए फिरते हैं, हम नये दौर में जज्बात लिए फिरते हैं, चंद कतरों के लिए वो भी अना बेच आए, जो समंदर का हुनर साथ लिए फिरते हैं सुनाकर महिला श्रोताओं से जमकर दाद बटोरी।
इससे पूर्व यूपी उर्दू अकादमी के चेयरमैन एवं संस्था के संरक्षक डॉ. नवाज देवबंदी ने कहा कि मुशायरे का मकसद बेटियों और महिलाओं में शिक्षा के प्रति जागरूकता पैदा करना है।
इस परंपरा को देवबंद में नवाज गर्ल्स पब्लिक स्कूल ने शुरू किया, जो अब अदबी त्योहार के रूप में मनाया जाने लगा है। उन्होंने कहा कि अगर नई पीढ़ी अदबी मिजाज को अपना ले तो बहुत सी समस्याओं का हल निकल आएगा।
अध्यक्षता एसपी सौम्या सिंबासिवान व संचालन खुशबू शर्मा ने किया। कार्यक्रम में क्षेत्र की सैकड़ों महिलाओं ने शिरकत की। इस मौके पर अजमल अली खां गर्ल्स डिग्री कॉलेज मुजफ्फरनगर की प्राचार्या डॉ. अनीता अग्रवाल, इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ. सफिया, हिंदू इंटर कॉलेज सहारनपुर की प्रधानाचार्य डॉ. कुदसिया अंजुम, रुबीना शहजाद, रजिया नजम उस्मानी, आतिका उस्मानी आदि मौजूद रहे।