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अस्पताल को इलाज की दरकार, परेशान मरीज और तीमारदार

Sun, 13 Feb 2022 11:21 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 13 Feb 2022 11:21 PM IST
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Hospital needs treatment, troubled patients and relatives
सहारनपुर। एसबीडी जिला अस्पताल में प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में लोग इलाज के लिए पहुंचते हैं, लेकिन अस्पताल को खुद के इलाज की दरकार है। एक ओर जहां पेयजल के लिए मरीजों और तीमारदारों को भटकना पड़ता है, वहीं शौचालयों की हालत बदतर है। लघुशंका के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने की वजह से मरीज और तीमारदार खुले में गंदा करते हैं। जगह-जगह बदहाली है, जिनको दुरुस्त कराने तक की सुध अधिकारी नहीं ले रहे हैं। चूंकि अस्पताल की टूट फूट ठीक कराने का ठेका एक नेता के परिवार पर है। ऐसे में अस्पताल के अधिकारी भी ज्यादा कुछ कह नहीं पाते हैं। पेश है रिपोर्ट।
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पेयजल व्यवस्था ठीक नहीं
जिला अस्पताल में पेयजल की जो भी व्यवस्था है वह दान से मिले फ्रिज आदि से है। जिला अस्पताल के पेयजल प्वाइंट्स जगह-जगह खराब पड़े हैं। लाखों रुपये खर्च कर लगवाया गया बड़ा फ्रिज भी कई साल से खराब है। मुख्य इमारत ही में पहली मंजिल पर जनरल वार्ड बना है। यहां पेयजल के लिए एक ही टंकी लगी है, जो खराब है।
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शौचालयों में गंदगी और दुर्गंध
जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड और हड्डी वार्ड के दोनों शौचालयों में ठीक से सफाई नहीं होने की वजह से दुर्गंध है। शौचालयों की फ्लैश टूटी पड़ी हैं। रैन बसेरे में बने शौचालय का दरवाजा टूटा हुआ है, जिसमें कचरा भरा गया है। मुख्य इमारत में बने महिला और पुरुष शौचालय की हालत खराब है।
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खिड़कियों की जालियां फटी हैं
मरीजों को मच्छरों से बचाने के लिए वार्डों की खिड़कियों पर जालियां लगी हैं जो बेहद पुरानी होने की वजह से कई जगहों से फटी हुई हैं। मुख्य इमारत में शौचालयों की खिड़कियों पर लगी जालियां भी फटी हुई हैं।
इमारत भी जगह-जगह से जर्जर
एसबीडी जिला अस्पताल की मुख्य इमारत भी जगह-जगह से जर्जर है। ओपीडी के बाहर बरामदे का निकला छज्जा जगह-जगह से टूटा हुआ है। जिसे ठीक कराने की बजाय उसके ऊपर ही रंगाई पुताई करा दी गई है। इसी प्रकार ओपीडी के बाहर बने पार्क की चाहरदीवारी की ग्रिल भी जगह-जगह से टूटी पड़ी है और कई जगह से गायब हो चुकी है।

जिला अस्पताल में जहां भी किसी तरह की टूट फूट है या शौचालय व पेयजल व्यवस्थाएं खराब हैं। सर्वे कराकर उन्हें ठीक कराया जाएगा। ठेकेदार से भी इस संबंध में बात की जाएगी।
- डॉ. रमेश चंद्रा, कार्यवाहक प्रमुख अधीक्षक, एसबीडी जिला अस्पताल
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