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Saharanpur News: कोरोना जितना खतरनाक नहीं एचएमपीवी, बचाव की जरूरत
Sat, 11 Jan 2025 04:25 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 11 Jan 2025 04:25 PM IST
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सहारनपुर। भले ही ह्यूमन मेटान्यूमो वायरस (एचएमपीवी) की दस्तक हो गई है, लेकिन यह वायरस कोरोना जितना खतरनाक नहीं है। इससे घबराने की जरूरत नहीं है। भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूरी बनाएं। मास्क का प्रयोग करें। लक्षण दिखने पर चिकित्सक से संपर्क करें। अस्पताल में चार बेड का वार्ड आरक्षित किया है।
एचएमपीवी का लखनऊ में एक केस सामने आया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि एचएमपीवी की चपेट में बुजुर्ग, बच्चे और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले आते हैं। यह फेफड़ों और श्वसन तंत्र से जुड़ी बीमारी को पैदा करने वाला वायरस है। यह वायरस आमतौर पर संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क में आने से फैलता है।
इससे बचने के लिए हाथों को साबुन और पानी से बार-बार धोने की आवश्यकता है। खांसते और छींकते समय मुंह व नाक को ढकें। मास्क को जरूर लगाएं। यदि सर्दी, जुकाम, बुखार, गले में खराश और नाक बहती है तो चिकित्सक से सलाह लें। इसके अलावा एहतियात बरतें और ज्यादा भीड़ वाले इलाकों में जाने से बचें। उन्होंने बताया कि एचएमपीवी को लेकर शासन स्तर से कोई गाइडलाइन नहीं आई है। फिर भी हमने एसबीडी जिला अस्पताल में चार बेड का एक वार्ड तैयार कर दिया है। इस वायरस की चपेट में आने वाले पीड़ितों को वार्ड में रखा जाएगा, ताकि संक्रमण की चपेट में अन्य मरीज न आने पाएं।
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एचएमपीवी का लखनऊ में एक केस सामने आया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि एचएमपीवी की चपेट में बुजुर्ग, बच्चे और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले आते हैं। यह फेफड़ों और श्वसन तंत्र से जुड़ी बीमारी को पैदा करने वाला वायरस है। यह वायरस आमतौर पर संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क में आने से फैलता है।
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इससे बचने के लिए हाथों को साबुन और पानी से बार-बार धोने की आवश्यकता है। खांसते और छींकते समय मुंह व नाक को ढकें। मास्क को जरूर लगाएं। यदि सर्दी, जुकाम, बुखार, गले में खराश और नाक बहती है तो चिकित्सक से सलाह लें। इसके अलावा एहतियात बरतें और ज्यादा भीड़ वाले इलाकों में जाने से बचें। उन्होंने बताया कि एचएमपीवी को लेकर शासन स्तर से कोई गाइडलाइन नहीं आई है। फिर भी हमने एसबीडी जिला अस्पताल में चार बेड का एक वार्ड तैयार कर दिया है। इस वायरस की चपेट में आने वाले पीड़ितों को वार्ड में रखा जाएगा, ताकि संक्रमण की चपेट में अन्य मरीज न आने पाएं।
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