{"_id":"57e6c5454f1c1bc32ca83753","slug":"high-court-order-not-to-remove-the-transformer-from-the-school-gate","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाईकोर्ट के आदेश पर भी नहीं हटा स्कूल के गेट से ट्रांसफार्मर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाईकोर्ट के आदेश पर भी नहीं हटा स्कूल के गेट से ट्रांसफार्मर
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sat, 24 Sep 2016 11:56 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर में विद्युत निगम ने स्कूली बच्चों के खतरे की परवाह किए बिना ही स्कूल के गेट पर ट्रांसफार्मर लगवा दिया। कालेज प्रबंधक एक ट्रांसफार्मर को हटवाने के लिए हाईकोर्ट तक जा पहुंचे, हाईकोर्ट के आदेश के बाद ट्रांसफार्मर तो हटवा लिया गया, लेकिन सिस्टम आज तक नहीं उतरवाया गया।
शहर के जनकपुरी मोहल्ले में जया पब्लिक हाई स्कूल के प्रबंशक सौरभ सिंघल ने आरोप लगाया कि विद्युत निगम ने उनके स्कूल के गेट पर ही रोके जाने के बावजूद ट्रांसफार्मर लगा दिया। जबकि उन्होंने उसका काफी विरोध किया था, बच्चों को खतरा होने की बात भी कही थी, लेकिन विद्युत निगम के ठेकेदार ने उनकी एक न सुनी। उसने आरोप लगाया कि ट्रांसफार्मर की जगह चेंज करने के बदले में ठेकेदार ने उनसे अवैध धन की मांग की। जब उन्होंने पैसे नहीं दिए तो उसने खंभे पर ट्रांसफार्मर का पूरा सिस्टम भी वहीं लगा दिया गया। इसकी शिकायत उन्होंने अधिशासी अभियंता से लेकर मुख्य अभियंता तक से की और ट्रांसफार्मर शिफ्ट किए जाने की मांग की। इसके बाद उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिट दायर की। जिस पर चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच के आदेश के बाद विद्युत निगम ने वहां से ट्रांसफार्मर हटवा लिया, लेकिन सिस्टम पोल, वायरिंग, एमसीबी बॉक्स नहीं हटवाया गया। अधिशासी अभियंता राकेश वार्ष्णेय का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश पर उन्होंने तुरंत ट्रांसफार्मर हटवा दिया। अब सिर्फ वहां खंभा लगा हुए है।
विज्ञापन
शहर के जनकपुरी मोहल्ले में जया पब्लिक हाई स्कूल के प्रबंशक सौरभ सिंघल ने आरोप लगाया कि विद्युत निगम ने उनके स्कूल के गेट पर ही रोके जाने के बावजूद ट्रांसफार्मर लगा दिया। जबकि उन्होंने उसका काफी विरोध किया था, बच्चों को खतरा होने की बात भी कही थी, लेकिन विद्युत निगम के ठेकेदार ने उनकी एक न सुनी। उसने आरोप लगाया कि ट्रांसफार्मर की जगह चेंज करने के बदले में ठेकेदार ने उनसे अवैध धन की मांग की। जब उन्होंने पैसे नहीं दिए तो उसने खंभे पर ट्रांसफार्मर का पूरा सिस्टम भी वहीं लगा दिया गया। इसकी शिकायत उन्होंने अधिशासी अभियंता से लेकर मुख्य अभियंता तक से की और ट्रांसफार्मर शिफ्ट किए जाने की मांग की। इसके बाद उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिट दायर की। जिस पर चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच के आदेश के बाद विद्युत निगम ने वहां से ट्रांसफार्मर हटवा लिया, लेकिन सिस्टम पोल, वायरिंग, एमसीबी बॉक्स नहीं हटवाया गया। अधिशासी अभियंता राकेश वार्ष्णेय का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश पर उन्होंने तुरंत ट्रांसफार्मर हटवा दिया। अब सिर्फ वहां खंभा लगा हुए है।
विज्ञापन