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Saharanpur News: फास्ट ट्रैक से मिली थी उम्रकैद, हाईकोर्ट ने किया बरी
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सहारनपुर। 14 साल पहले महमूदपुर गांव में हुई सलमान की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे अकरम और उनके जीजा को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। दोनों को हाईकोर्ट ने बरी कर दिया है। इससे पहले फास्ट ट्रैक कोर्ट ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
महमूदपुर गांव निवासी सलमान नवंबर 2011 में संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। उसके पिता ने सात नवंबर को फतेहपुर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। छानबीन के बाद पुलिस ने 27 नवंबर को गांव के ही अकरम को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में अकरम ने अपने जीजा शमीम के साथ मिलकर सलमान का अपहरण कर उसकी हत्या करना स्वीकार कर लिया। शव को हरिद्वार के एक खेत में नहर के पास छिपा दिया था।
पुलिस ने सलमान की हड्डियां और कपड़े एक गन्ने के खेत से बरामद कर लिए थे। शव पूरी तरह सड़ चुका था।
इसके बाद जीजा शमीम को भी गिरफ्तार कर लिया था। वह दो साल दो माह तक जेल में रहे, इसके बाद जमानत पर बाहर आ गए। पुलिस ने उनके साथी अब्दुल सत्तार के खिलाफ भी आरोप पत्र दाखिल किया। 25 फरवरी 2021 फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर दो ने अकरम व शमीम को दोषी माना और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। तभी से दोनों जेल में थे।
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महमूदपुर गांव निवासी सलमान नवंबर 2011 में संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। उसके पिता ने सात नवंबर को फतेहपुर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। छानबीन के बाद पुलिस ने 27 नवंबर को गांव के ही अकरम को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में अकरम ने अपने जीजा शमीम के साथ मिलकर सलमान का अपहरण कर उसकी हत्या करना स्वीकार कर लिया। शव को हरिद्वार के एक खेत में नहर के पास छिपा दिया था।
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पुलिस ने सलमान की हड्डियां और कपड़े एक गन्ने के खेत से बरामद कर लिए थे। शव पूरी तरह सड़ चुका था।
इसके बाद जीजा शमीम को भी गिरफ्तार कर लिया था। वह दो साल दो माह तक जेल में रहे, इसके बाद जमानत पर बाहर आ गए। पुलिस ने उनके साथी अब्दुल सत्तार के खिलाफ भी आरोप पत्र दाखिल किया। 25 फरवरी 2021 फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर दो ने अकरम व शमीम को दोषी माना और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। तभी से दोनों जेल में थे।
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