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गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करें सरकार: मदनी
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Tue, 06 Feb 2018 01:19 AM IST
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मौलाना अरशद मदनी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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गोहत्या के नाम पर देश में घटित हो रही वारदातों को रोकने के लिए मुसलमानों की सबसे बड़ी जमात जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी का बड़ा बयान आया है। मदनी का कहना है कि सरकार को गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कर देना चाहिए। क्योंकि इससे पूरे देश में बीफ पर पाबंदी लग जाएगी और इससे जुड़ी हिंसा को भी रोका जा सकेगा।
सोमवार को खास बातचीत में जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि सरकार को तुरंत गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कर देना चाहिए। जिससे गाय को संरक्षित किया जा सके साथ ही गाय को लेकर वही कानून लागू होना चाहिए जो अन्य संरक्षित जानवरों के लिए है।
इससे पूरे देश में बीफ पर पाबंदी लगेगी और इससे जुड़ी हिंसा को भी रोका जा सकेगा। उन्होंने कहा कि आए दिन ये सुनने को मिलता है कि गोहत्या के नाम पर किसी बेकसूर को मौत के घाट उतार दिया या अधमरा करके छोड़ दिया गया।
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यह घटनाएं मुल्क को बदनाम करने वाली है। इससे हिंदुस्तान की छवि दूसरे मुल्कों में खराब हो रही है। इसलिए जरूरी है कि सरकार गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करे दें। ताकि इसको लेकर देश के अलग अलग हिस्सों में जो हिंसा हो रही है, उस पर पाबंदी लग सके।
मौलाना मदनी ने कहा कि पिछले दिनों में मुंबई में एकता कांफ्रेंस में भी इस बात को जोरशोर से रखा गया कि गोहत्या को रोकने के लिए कानून बनाया जाए। जिसमें शामिल हुए आर्य समाजी व समाजसेवी स्वामी अग्निवेश ने कहा था कि उन लोगों के खिलाफ भी कानून बनना चाहिए जो लोग गाय को खुला सड़कों पर छोड़ देते हैं।
गोहत्या को लेकर कुछ अहम घटनाएं
देवबंद। 28 सितंबर 2016 में यूपी के दादरी में अखलाक की हत्या भीड़ ने कर दी थी। आरोप था कि बकरीद के अवसर पर फ्रिज में बीफ रखा हुआ था। 5 अप्रैल 2017 को अलवर में पहलू खान की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी।
कहा गया था कि वे गाय की तस्करी में शामिल था। जुलाई 2016 में गुजरात के ऊना में दलित युवकों पिटाई के बाद इस मामले ने तूल पकड़ा और गुजरात में बड़ा आंदोलन खड़ा हो गया। जिसके अगुवा रहे जिग्नेश मेवाणी गुजरात से विधायक चुने गए।
बता दें कि वर्ष 2017 में गाय को लेकर 20 जगह हमले हुए जिसमें गाय मारने की ज्यादातर बातें महज अफवाह पाई गईं। इन वारदातों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी बयान देना पड़ा था। ब्यूरो
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सोमवार को खास बातचीत में जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि सरकार को तुरंत गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कर देना चाहिए। जिससे गाय को संरक्षित किया जा सके साथ ही गाय को लेकर वही कानून लागू होना चाहिए जो अन्य संरक्षित जानवरों के लिए है।
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इससे पूरे देश में बीफ पर पाबंदी लगेगी और इससे जुड़ी हिंसा को भी रोका जा सकेगा। उन्होंने कहा कि आए दिन ये सुनने को मिलता है कि गोहत्या के नाम पर किसी बेकसूर को मौत के घाट उतार दिया या अधमरा करके छोड़ दिया गया।
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यह घटनाएं मुल्क को बदनाम करने वाली है। इससे हिंदुस्तान की छवि दूसरे मुल्कों में खराब हो रही है। इसलिए जरूरी है कि सरकार गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करे दें। ताकि इसको लेकर देश के अलग अलग हिस्सों में जो हिंसा हो रही है, उस पर पाबंदी लग सके।
मौलाना मदनी ने कहा कि पिछले दिनों में मुंबई में एकता कांफ्रेंस में भी इस बात को जोरशोर से रखा गया कि गोहत्या को रोकने के लिए कानून बनाया जाए। जिसमें शामिल हुए आर्य समाजी व समाजसेवी स्वामी अग्निवेश ने कहा था कि उन लोगों के खिलाफ भी कानून बनना चाहिए जो लोग गाय को खुला सड़कों पर छोड़ देते हैं।
गोहत्या को लेकर कुछ अहम घटनाएं
देवबंद। 28 सितंबर 2016 में यूपी के दादरी में अखलाक की हत्या भीड़ ने कर दी थी। आरोप था कि बकरीद के अवसर पर फ्रिज में बीफ रखा हुआ था। 5 अप्रैल 2017 को अलवर में पहलू खान की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी।
कहा गया था कि वे गाय की तस्करी में शामिल था। जुलाई 2016 में गुजरात के ऊना में दलित युवकों पिटाई के बाद इस मामले ने तूल पकड़ा और गुजरात में बड़ा आंदोलन खड़ा हो गया। जिसके अगुवा रहे जिग्नेश मेवाणी गुजरात से विधायक चुने गए।
बता दें कि वर्ष 2017 में गाय को लेकर 20 जगह हमले हुए जिसमें गाय मारने की ज्यादातर बातें महज अफवाह पाई गईं। इन वारदातों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी बयान देना पड़ा था। ब्यूरो