चिलकाना (सहारनपुर)। कथा व्यास आचार्य उमेश कृष्ण बृजवासी ने कहा कि मानव को हमेशा मन में यह भावना रखनी चाहिए कि मैं भगवान का हूं और भगवान मेरे हैं। भगवान से हम जैसा भी संबंध बनाते हैं, भगवान उस संबंध को अवश्य निभाते हैं।
गांव पटनी के गुफा मंदिर के प्रांगण में श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस की कथा में भगवान श्री कृष्ण का छठी उत्सव धूमधाम से मनाया गया। भगवान श्री कृष्ण की सुंदर बाल लीलाओं ने भक्तों को भक्ति रस से ओतप्रोत कर दिया। बाल कृष्ण द्वारा पूतना का उद्धार करना, व्योमी, केशी, वकासुर, अघासुर आदि असुरों का उद्धार कर कालिया नाग को नथना, ब्रह्मा जी और इंद्र का मान मर्दन करने की कथा का श्रवण कराया। इसके अलावा बृजवासियों की रक्षा करने के लिए बाल कृष्ण द्वारा गिरिराज को अपनी कनकी अंगुली पर सात दिन रात तक धारण करने की लीलाओं का सुंदर व्याख्यान किया गया। सभी भक्तों ने मिलकर गोवर्धन की पूजा करके गिरिराज महाराज को 56 भोग लगाए। कथा में भागवत जी का पूजन पंडित आशीष शर्मा ने कराया तथा गिरिराज पूजन पंडित नाथीराम शर्मा ने कराया। आयोजन में प्रवीण शर्मा, अनिल सहगल, रजनीश, मनोज शर्मा, राकेश शर्मा, राजेंद्र कुमार आदि रहे। संवाद