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खामियों के बाद भी सील नहीं हुए गंगोह के कमेले
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sun, 26 Mar 2017 01:34 AM IST
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कई बड़ी खामियों के बावजूद प्रशासन ने गंगोह में चल रहे दोनों कमेले अभी तक सील नहीं किए हैं। हालांकि प्रशासन नगर पंचायत के अंडर में चल रहे कमेले को दो दिन पहले ही सील कर देने के दावे कर रहा है, मगर हकीकत यह है कि कमेले में पशु कटान जरूर बंद है, मगर गेट पर शनिवार तक भी कोई सील नहीं थी। यही स्थिति दूसरे कमेले के साथ है, जो जिला पंचायत का है।
गंगोह में दो वैध कमेले हैं। इनमें एक कमेला जिला पंचायत और दूसरा कमेला नगर पंचायत के अंडर में है। प्रदेश में योगी की सरकार बनने के बाद से अवैध कमेलों को बंद कराया जा रहा है। साथ ही मानकों को पूरा न करने वाले वैध कमेले भी सील किए जा रहे हैं।
इसी क्रम में एसडीएम नकुड़ ने दो दिन पहले गंगोह में चल रहे नगर पालिका के कमेले में खामियां मिलने पर उसे सील कर दिया था। प्रशासन ने कमेला सील कर देने का दावा किया था। मगर हकीकत यह है कि कमेले में पशुओं का कटान तो बंद है, मगर गेट पर शनिवार की देर शाम तक सील नहीं लगी थी। यही स्थिति जिला पंचायत के कमेले के साथ है। सूत्रों ने बताया कि कमेले में पशुओं का कटान एक महीने से बंद है, मगर गेट पर सील नहीं है। ऐसे में प्रशासन की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं।
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कमेलों पर कार्रवाई न होने पर रोष
गंगोह। नगर क्षेत्र में मानकों को ताक पर रखकर अधिकारियों की शह पर चल रहे नगर पालिका और जिला पंचायत के कमेलों पर कार्रवाई न होने से भाजपाइयों में रोष है। प्रतिनिधिमंडल ने डीएम से मिलकर मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाने की चेतावनी देते हुए कार्रवाई की मांग की।
शनिवार को भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष योगेश रोहिला के नेतृत्व में भाजपाइयों का एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी शफकत कमाल से मिला। उन्होंने बताया कि गंगोह में जिला पंचायत और नगर पालिका द्वारा संचालित कमेलों में अधिकारियों की शह पर मानकों के विपरीत अंधाधुंध कटान किया जा रहा है। प्रदूषण नियंत्रण विभाग के मानकों का भी पालन नही किया जा रहा है।
एसडीएम से जवाब मांगा जाएगा
गंगोह में दो कमेले हैं, जिनमें से एक चल रहा है, जबकि दूसरे को मानकों का पालन न करने की वजह से दो दिन पहले ही बंद कराया गया है। इसके लिए एसडीएम नकुड़ को मौके पर भेजा गया था। कमेले पर सील लगाई है या नहीं इस संबंध में एसडीएम से जवाब मांगा जाएगा। जो भी कमेला मानकों को पूरा नहीं करेगा उसे चालू नहीं होने दिया जाएगा।
- शफकत कमाल, डीएम।
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गंगोह में दो वैध कमेले हैं। इनमें एक कमेला जिला पंचायत और दूसरा कमेला नगर पंचायत के अंडर में है। प्रदेश में योगी की सरकार बनने के बाद से अवैध कमेलों को बंद कराया जा रहा है। साथ ही मानकों को पूरा न करने वाले वैध कमेले भी सील किए जा रहे हैं।
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इसी क्रम में एसडीएम नकुड़ ने दो दिन पहले गंगोह में चल रहे नगर पालिका के कमेले में खामियां मिलने पर उसे सील कर दिया था। प्रशासन ने कमेला सील कर देने का दावा किया था। मगर हकीकत यह है कि कमेले में पशुओं का कटान तो बंद है, मगर गेट पर शनिवार की देर शाम तक सील नहीं लगी थी। यही स्थिति जिला पंचायत के कमेले के साथ है। सूत्रों ने बताया कि कमेले में पशुओं का कटान एक महीने से बंद है, मगर गेट पर सील नहीं है। ऐसे में प्रशासन की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं।
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कमेलों पर कार्रवाई न होने पर रोष
गंगोह। नगर क्षेत्र में मानकों को ताक पर रखकर अधिकारियों की शह पर चल रहे नगर पालिका और जिला पंचायत के कमेलों पर कार्रवाई न होने से भाजपाइयों में रोष है। प्रतिनिधिमंडल ने डीएम से मिलकर मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाने की चेतावनी देते हुए कार्रवाई की मांग की।
शनिवार को भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष योगेश रोहिला के नेतृत्व में भाजपाइयों का एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी शफकत कमाल से मिला। उन्होंने बताया कि गंगोह में जिला पंचायत और नगर पालिका द्वारा संचालित कमेलों में अधिकारियों की शह पर मानकों के विपरीत अंधाधुंध कटान किया जा रहा है। प्रदूषण नियंत्रण विभाग के मानकों का भी पालन नही किया जा रहा है।
एसडीएम से जवाब मांगा जाएगा
गंगोह में दो कमेले हैं, जिनमें से एक चल रहा है, जबकि दूसरे को मानकों का पालन न करने की वजह से दो दिन पहले ही बंद कराया गया है। इसके लिए एसडीएम नकुड़ को मौके पर भेजा गया था। कमेले पर सील लगाई है या नहीं इस संबंध में एसडीएम से जवाब मांगा जाएगा। जो भी कमेला मानकों को पूरा नहीं करेगा उसे चालू नहीं होने दिया जाएगा।
- शफकत कमाल, डीएम।