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एक हजार का नोट देने पर रोका अंतिम संस्कार
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Thu, 10 Nov 2016 01:07 AM IST
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मनी
- फोटो : amar ujala
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सहारनपुर के मोहल्ला नुमाइश कैंप स्थित श्मशान घाट में ट्रस्ट के सदस्यों ने एक हजार रुपये का नोट लेने से इंकार करते हुए एक व्यक्ति के शव का अंतिम संस्कार रोक दिया। 100-100 के नोटों का इंतजाम किए जाने के बाद शव का दाह संस्कार करने दिया गया।
मोहल्ला नुमाइश कैंप निवासी सुनील कौशिक का निधन हो गया था। बुधवार को उनके परिजन एवं रिश्तेदार अंतिम संस्कार के लिए नुमाइश कैंप स्थित श्मशान घाट लेकर पहुंचे।
सुनील कौशिक के रिश्तेदार स्वर्ण ने बताया कि चिता के लिए लकड़ियां एवं अन्य सामग्री लेकर जब 2165 रुपये के भुगतान की बारी आई तो उन्होंने एक-एक हजार रुपये के दो नोट एवं दो नोट सौ-सौ रुपये के दिए।
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आरोप है कि एक हजार के नोट देखते ही ट्रस्ट के सदस्यों ने सामान देने से इंकार कर दिया। इस दौरान लोगों की ट्रस्ट के सदस्यों से काफी देर तक नोकझोंक हुई।
लोगों ने ट्रस्ट के लोगों को बताया कि सरकार ने श्मशान घाट पर 500 एवं 1000 रुपये के नोट लेने की छूट दी है लेकिन ट्रस्ट के सदस्य नहीं माने। लगभग आधा घंटे तक अंतिम संस्कार की प्रक्रिया रुकी रही।
आखिरकार लोगों को बाहर जाकर 100-100 रुपये के नोट एकत्रित करके लाने पड़े। 100-100 के नोट लेने के बाद ही अंतिम संस्कार पूर्ण कराया जा सका। इसको लेकर लोगों में भारी रोष व्याप्त रहा।
इस संबंध में नगर मजिस्ट्रेट हरिशंकर का कहना है कि ऐसा नहीं होना चाहिए। उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। वह मामले की जानकारी कराएंगे।
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मोहल्ला नुमाइश कैंप निवासी सुनील कौशिक का निधन हो गया था। बुधवार को उनके परिजन एवं रिश्तेदार अंतिम संस्कार के लिए नुमाइश कैंप स्थित श्मशान घाट लेकर पहुंचे।
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सुनील कौशिक के रिश्तेदार स्वर्ण ने बताया कि चिता के लिए लकड़ियां एवं अन्य सामग्री लेकर जब 2165 रुपये के भुगतान की बारी आई तो उन्होंने एक-एक हजार रुपये के दो नोट एवं दो नोट सौ-सौ रुपये के दिए।
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आरोप है कि एक हजार के नोट देखते ही ट्रस्ट के सदस्यों ने सामान देने से इंकार कर दिया। इस दौरान लोगों की ट्रस्ट के सदस्यों से काफी देर तक नोकझोंक हुई।
लोगों ने ट्रस्ट के लोगों को बताया कि सरकार ने श्मशान घाट पर 500 एवं 1000 रुपये के नोट लेने की छूट दी है लेकिन ट्रस्ट के सदस्य नहीं माने। लगभग आधा घंटे तक अंतिम संस्कार की प्रक्रिया रुकी रही।
आखिरकार लोगों को बाहर जाकर 100-100 रुपये के नोट एकत्रित करके लाने पड़े। 100-100 के नोट लेने के बाद ही अंतिम संस्कार पूर्ण कराया जा सका। इसको लेकर लोगों में भारी रोष व्याप्त रहा।
इस संबंध में नगर मजिस्ट्रेट हरिशंकर का कहना है कि ऐसा नहीं होना चाहिए। उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। वह मामले की जानकारी कराएंगे।