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Saharanpur News: 15 देशों से होकर आए फ्रांस्वा हैनॉट को भारत भाया
Thu, 23 May 2024 05:33 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Thu, 23 May 2024 05:33 AM IST
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सहारनपुर। साइकिल पर दुनिया का भ्रमण करने निकले फ्रांस के इंजीनियर फ्रांस्वा हैनॉट मंगलवार रात सहारनपुर की न्यू भगत सिंह कॉलोनी पहुंचे, जहां उनका फूल मालाओं से स्वागत किया गया। इसके बाद बुधवार को स्मॉल वंडर्स स्कूल में भी उनका स्वागत किया गया। 15 देशों की 11,500 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर चुके हैनॉट ने भारत में मिले प्यार की वजह से भारत को सबसे अच्छा देश बताया।
हैनॉट ने बताया कि पूरा सफर आनंदभरा रहा है। सबसे अधिक आनंद भारत में आया, यहां के लोग, यहां का कल्चर और यहां का भोजन बहुत अच्छा है। उन्हें पूरी, पराठा आलू सबसे अधिक पसंद आए हैं। बताया कि साइकिलिंग बचपन से कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान सबसे अधिक अड़चन पाकिस्तान बॉर्डर पर आई, जहां ई-वीजा को नहीं माना गया। ऐसे में उन्हें वापस होना पड़ा। स्मॉल वंडर्स स्कूल में प्रधानाचार्य सविता मखीजा ने फूल माला से उनका स्वागत किया।
उन्होंने विद्यार्थियों को साइकिलिंग के फायदे बताए। उन्होंने कहा कि साइकिल चलाने से एक ओर जहां स्वास्थ्य सही रहता है, वहीं पर्यावरण भी सुरक्षित रहता है। शेफाली मल्होत्रा ने बताया कि अभी तक हैनॉट 15 देशों को साइकिल से पार कर चुके हैं। उन्होंने अपनी यात्रा 14 फरवरी 2024 को शुरू की थी और पांच महीने बाद वह 25 जुलाई तक चेन्नई पहुंचेंगे। वह अपने साथ चार जोड़ी कपड़े एवं कुछ आपातकालीन दवाएं व पानी की बोतल लेकर चल रहे हैं।
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हैनॉट ने बताया कि पूरा सफर आनंदभरा रहा है। सबसे अधिक आनंद भारत में आया, यहां के लोग, यहां का कल्चर और यहां का भोजन बहुत अच्छा है। उन्हें पूरी, पराठा आलू सबसे अधिक पसंद आए हैं। बताया कि साइकिलिंग बचपन से कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान सबसे अधिक अड़चन पाकिस्तान बॉर्डर पर आई, जहां ई-वीजा को नहीं माना गया। ऐसे में उन्हें वापस होना पड़ा। स्मॉल वंडर्स स्कूल में प्रधानाचार्य सविता मखीजा ने फूल माला से उनका स्वागत किया।
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उन्होंने विद्यार्थियों को साइकिलिंग के फायदे बताए। उन्होंने कहा कि साइकिल चलाने से एक ओर जहां स्वास्थ्य सही रहता है, वहीं पर्यावरण भी सुरक्षित रहता है। शेफाली मल्होत्रा ने बताया कि अभी तक हैनॉट 15 देशों को साइकिल से पार कर चुके हैं। उन्होंने अपनी यात्रा 14 फरवरी 2024 को शुरू की थी और पांच महीने बाद वह 25 जुलाई तक चेन्नई पहुंचेंगे। वह अपने साथ चार जोड़ी कपड़े एवं कुछ आपातकालीन दवाएं व पानी की बोतल लेकर चल रहे हैं।
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