{"_id":"5dee963a8ebc3e87ef0a7aec","slug":"farmers-protest-make-officials-sit-on-the-ground-saharanpur-news-mrt457917199","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों ने किया प्रदर्शन, अधिकारियों को जमीन पर बैठाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों ने किया प्रदर्शन, अधिकारियों को जमीन पर बैठाया
विज्ञापन
सरसावा में सहकारी चीनी मिल में भाकियू कार्यकर्ताओं के बीच बैठे जीएम सीएस शर्मा और सचिव ओमवीर सिं?
- फोटो : SAHARANPUR
सरसावा (सहारनपुर)। भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने मासिक पंचायत के बाद गन्ना भुगतान तथा गन्ना पर्चियों के अनियमितीकरण और गन्ने की पत्ती तथा पराली जलाने में किसानों पर दर्ज मुकदमों को समाप्त करने को लेकर सहकारी चीनी मिल पर जोरदार प्रदर्शन किया । मिल प्रशासन तथा प्रदेश सरकार के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए भाकियू कार्यकर्ताओं ने मिल के प्रधान प्रबंधक तथा सहकारी समिति के सचिव का घेराव करते हुए अपने साथ जमीन पर बैठा लिया तथा मांगों के संबंध में ठोस आश्वासन मांगा।
सोमवार को नकुड़ रोड स्थित विकास खंड कार्यालय परिसर में भाकियू की मासिक बैठक आयोजित की गई। जिसमें गन्ना पत्ती तथा पराली जलाने पर किसानों का उत्पीड़न, गन्ना भुगतान, सहकारी समिति की गन्ना पर्ची वितरण की खराब व्यवस्था तथा गन्ने के ओवरलोड वाहनों की चर्चा की गई। बैठक के उपरांत दोपहर साढ़े बारह बजे के करीब दर्जनों की संख्या में भाकियू कार्यकर्ता सहकारी चीनी मिल के प्रशासनिक परिसर में पहुंचे तथा प्रदेश सरकार और मिल प्रशासन का विरोध करते हुए नारेबाजी करते हुए धरना देकर बैठ गए। गुस्साए किसानों ने चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक सीएस शर्मा तथा सहकारी गन्ना समिति के सचिव ओमवीर सिंह एवं गन्ना अधिकारी राजेश कुमार का घेराव करते हुए अपने बीच बैठा लिया। भाकियू की युवा विंग के जिलाध्यक्ष मेवाराम चौधरी ने कहा कि सरसावा चीनी मिल का पेराई सत्र आरंभ हुए एक माह से भी ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक किसानों को पुराने सत्र का करीब 10 करोड़ तथा वर्तमान सत्र का एक भी रुपया भुगतान नहीं मिला है। ऐसे में किसान अपना गुजारा कैसे करेगा। युवा विंग जिलाध्यक्ष ने कहा कि यदि पराली जलाने को लेकर किसानों पर दर्ज मामले रद्द नहीं हुए तो भाकियू प्रशासनिक कार्यालयों को पराली तथा पत्ती से भर देगी। बबलू चौधरी ने कहा कि सहकारी समिति की ऑन लाइन पर्ची निर्गमन की स्थिति इतनी खराब है कि किसानों का गन्ना खेतों में खड़ा है, जबकि गेहूं की बुवाई का सीजन निकला जा रहा है। सरदार हरी सिंह ने कहा कि मिल से निकलने वाली छाई के कारण जहां घरों में काली परत जम गई है वहीं श्वांस रोगियों की संख्या भी बढ़ रही है। असलम चौधरी ने गन्ने के ओवरलोड ट्रालों पर रोक लगाने की मांग की। ईश्वर चौधरी ने कहा यदि मिल प्रशासन अपने रवैये में सुधार नहीं लाता तो भाकियू कार्यकर्ता धरना देने को मजबूर होंगे। ब्लॉक अध्यक्ष सरदार भूपेंद्र सिंह ने कहा कि 11 दिसंबर को राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर राष्ट्रीय राजमार्ग जाम किए जाएंगे। किसानों के बीच बैठे प्रधान प्रबंधक ने कहा कि 17 दिसंबर को सहकारिता बोर्ड की लखनऊ में बैठक है। जिसमें लिमिट का प्रस्ताव होने के बाद गन्ना भुगतान कर दिया जाएगा। पंचायत की अध्यक्षता डॉ देवी चंद गुप्ता तथा संचालन सरदार हरि सिंह ने किया। तहसील संगठन मंत्री देवेंद्र चौधरी, भीम सिंह चौधरी, उमेश शर्मा, प्रमोद राणा, रूपेंद्र सिंह, प्रताप सिंह, यामीन, कमलजीत सिंह, मलकीत, करनैल, चंदन, सतनाम, मदनपाल, सुरेंद्र आदि दर्जनो भाकियू कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विज्ञापन
सोमवार को नकुड़ रोड स्थित विकास खंड कार्यालय परिसर में भाकियू की मासिक बैठक आयोजित की गई। जिसमें गन्ना पत्ती तथा पराली जलाने पर किसानों का उत्पीड़न, गन्ना भुगतान, सहकारी समिति की गन्ना पर्ची वितरण की खराब व्यवस्था तथा गन्ने के ओवरलोड वाहनों की चर्चा की गई। बैठक के उपरांत दोपहर साढ़े बारह बजे के करीब दर्जनों की संख्या में भाकियू कार्यकर्ता सहकारी चीनी मिल के प्रशासनिक परिसर में पहुंचे तथा प्रदेश सरकार और मिल प्रशासन का विरोध करते हुए नारेबाजी करते हुए धरना देकर बैठ गए। गुस्साए किसानों ने चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक सीएस शर्मा तथा सहकारी गन्ना समिति के सचिव ओमवीर सिंह एवं गन्ना अधिकारी राजेश कुमार का घेराव करते हुए अपने बीच बैठा लिया। भाकियू की युवा विंग के जिलाध्यक्ष मेवाराम चौधरी ने कहा कि सरसावा चीनी मिल का पेराई सत्र आरंभ हुए एक माह से भी ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक किसानों को पुराने सत्र का करीब 10 करोड़ तथा वर्तमान सत्र का एक भी रुपया भुगतान नहीं मिला है। ऐसे में किसान अपना गुजारा कैसे करेगा। युवा विंग जिलाध्यक्ष ने कहा कि यदि पराली जलाने को लेकर किसानों पर दर्ज मामले रद्द नहीं हुए तो भाकियू प्रशासनिक कार्यालयों को पराली तथा पत्ती से भर देगी। बबलू चौधरी ने कहा कि सहकारी समिति की ऑन लाइन पर्ची निर्गमन की स्थिति इतनी खराब है कि किसानों का गन्ना खेतों में खड़ा है, जबकि गेहूं की बुवाई का सीजन निकला जा रहा है। सरदार हरी सिंह ने कहा कि मिल से निकलने वाली छाई के कारण जहां घरों में काली परत जम गई है वहीं श्वांस रोगियों की संख्या भी बढ़ रही है। असलम चौधरी ने गन्ने के ओवरलोड ट्रालों पर रोक लगाने की मांग की। ईश्वर चौधरी ने कहा यदि मिल प्रशासन अपने रवैये में सुधार नहीं लाता तो भाकियू कार्यकर्ता धरना देने को मजबूर होंगे। ब्लॉक अध्यक्ष सरदार भूपेंद्र सिंह ने कहा कि 11 दिसंबर को राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर राष्ट्रीय राजमार्ग जाम किए जाएंगे। किसानों के बीच बैठे प्रधान प्रबंधक ने कहा कि 17 दिसंबर को सहकारिता बोर्ड की लखनऊ में बैठक है। जिसमें लिमिट का प्रस्ताव होने के बाद गन्ना भुगतान कर दिया जाएगा। पंचायत की अध्यक्षता डॉ देवी चंद गुप्ता तथा संचालन सरदार हरि सिंह ने किया। तहसील संगठन मंत्री देवेंद्र चौधरी, भीम सिंह चौधरी, उमेश शर्मा, प्रमोद राणा, रूपेंद्र सिंह, प्रताप सिंह, यामीन, कमलजीत सिंह, मलकीत, करनैल, चंदन, सतनाम, मदनपाल, सुरेंद्र आदि दर्जनो भाकियू कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विज्ञापन