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ईद पर अल्लाह से मांगी अमन की दुआएं
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 17 Jun 2018 12:22 AM IST
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सहारनपुर में ईद की नमाज अदा करते अकीदतमंद।
- फोटो : अमर उजाला
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सहारनपुर। ईद-उल-फितर पर ईदगाहों और मस्जिदों में मुस्लिम समाज के लोगों ने अकीदत के साथ ईद की नमाज अदा की। नमाज के बाद देश में खुशहाली और अमन की दुआएं मांगी र्गइं। तकरीर में नायब शहर काजी नदीम अख्तर ने कहा कि बेहतरीन इंसान वही है, जो किसी को तकलीफ न पहुंचाए।
अंबाला रोड स्थित ईदगाह पर नमाज पढ़ने के लिए लोग सुबह से ही पहुंचना शुरू हो गए थे। नायब शहर काजी नदीम अख्तर ने आठ बजकर पचास मिनट पर नमाज अदा कराई। नमाज के बाद देश में खुशहाली और अमन की दुआएं मांगी गई। तकरीर में काजी नदीम अख्तर ने कहा कि ईद के मायने भाईचारा कायम करना है। इंसान को इंसान के काम आना चाहिए। बेहतरीन इंसान वही है, जो किसी को तकलीफ ना पहुंचाए।
अल्लाह उस व्यक्ति को पसंद करता है, जो दूसरों के काम आता है। हमें दूसरों को खुशी और राहत देनी चाहिए। गरीब लोगों के प्रति हमदर्दी रखनी चाहिए, जिसे तरह रमजान माह गुजारा है। इसी तरह पूरे वर्ष को गुजारना चाहिए। उन्होंने सभी को ईद की बधाई देते हुए भाईचारा कायम रखने की अपील की। चौक फव्वारा स्थित जामा मस्जिद में इमाम मुफ्ती कारी अरशद गोरा ने नमाज अदा कराई। प्रबंधक मोलवी फरीद ने कहा कि कोई मजहब हमें बैर रखना नहीं सिखाता है। इस्लाम मोहब्बत का पैगाम देता है, जिस पर चलकर हमें भाईचारा कायम रखना चाहिए।
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अंबाला रोड स्थित ईदगाह पर नमाज पढ़ने के लिए लोग सुबह से ही पहुंचना शुरू हो गए थे। नायब शहर काजी नदीम अख्तर ने आठ बजकर पचास मिनट पर नमाज अदा कराई। नमाज के बाद देश में खुशहाली और अमन की दुआएं मांगी गई। तकरीर में काजी नदीम अख्तर ने कहा कि ईद के मायने भाईचारा कायम करना है। इंसान को इंसान के काम आना चाहिए। बेहतरीन इंसान वही है, जो किसी को तकलीफ ना पहुंचाए।
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अल्लाह उस व्यक्ति को पसंद करता है, जो दूसरों के काम आता है। हमें दूसरों को खुशी और राहत देनी चाहिए। गरीब लोगों के प्रति हमदर्दी रखनी चाहिए, जिसे तरह रमजान माह गुजारा है। इसी तरह पूरे वर्ष को गुजारना चाहिए। उन्होंने सभी को ईद की बधाई देते हुए भाईचारा कायम रखने की अपील की। चौक फव्वारा स्थित जामा मस्जिद में इमाम मुफ्ती कारी अरशद गोरा ने नमाज अदा कराई। प्रबंधक मोलवी फरीद ने कहा कि कोई मजहब हमें बैर रखना नहीं सिखाता है। इस्लाम मोहब्बत का पैगाम देता है, जिस पर चलकर हमें भाईचारा कायम रखना चाहिए।
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