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शिक्षा सेवा अधिकरण अधिनियम शिक्षकों के लिए डेथ वारंट - पुंडीर

Thu, 04 Mar 2021 12:05 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 04 Mar 2021 12:05 AM IST
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Education Service Tribunal Act Death Warrant for Teachers - Pundir
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ने अधिनियम का विरोध करने का निर्णय लिया
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संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य डॉ. सुशील पुंडीर ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा अधिकरण अधिनियम को शिक्षकों के लिए डेथ वारंट बताया। वह बुधवार को जिलाध्यक्ष डॉ. सादाराम के निवासी पर आयोजित संगठन की बैठक को संबोधित कर रहे थे।

पुंडीर ने कहा कि संगठन इस अधिनियम का पुरजोर विरोध करेगा। उन्होंने कहा कि अधिनियम के लागू होने बाद शिक्षकों और कर्मचारियों को शैक्षिक संस्थानों में न्याय मिलना असंभव होगा। प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अनिल शर्मा और जिलाध्यक्ष डॉ. सादाराम ने नए शिक्षकों की नियुक्ति को छह माह से अधिक का समय बीत चुका है, मगर अभी तक शैक्षिक प्रमाण पत्रों का सत्यापन नहीं कराया। इससे शिक्षकों को वेतन नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि नई पेंशन योजना के तहत शिक्षकों के वेतन से की जा रही कटौती का पैसा खातों में शो नहीं हो रहा है, जो अच्छे संकेत नहीं हैं। शिक्षकों के जीपीएफ की कटौती के बाद शिक्षकों के जीपीएफ रजिस्टर लेखा विभाग में चेक नहीं हुए हैं। जिला मंत्री रवि गुप्ता ने महिला शिक्षकों को प्रसूति अवकाश तथा चाइल्ड केयर लीव मिलने में देरी होने पर चिंता व्यक्त की। इसमें मंडल अध्यक्ष हरिपाल सिंह, मंत्री राजेश्वर बंधु, राजेश त्यागी, ब्रिजेश पुंडीर, बलवीर सिंह, राजेश यादव, रविंद्र पंवार, रामवीर सिंह, गौरव मिश्रा, मनोज शर्मा, धर्मेंद्र शर्मा, डॉ. अरविंद शर्मा मौजूद रहे।
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