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पेयजल परियोजनाओं को पलीता

Sat, 21 May 2016 12:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर Updated Sat, 21 May 2016 12:07 AM IST
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Drinking water projects squib
नगर निगम आयुक्त पंकज राय ने कहा कि लोगों की सुविधा के लिए यह फैसला लिया है।
सहारनपुर जिले में पानी के लिए गांव-गांव मच रहे शोर के लिए अधिकारियों की उदासीनता के साथ यहां के जनप्रतिनिधि भी जिम्मेदार हैं। अधिकारियों ने गांवों के लिए पेयजल योजनाएं बनाकर शासन को भेजकर अपनी ड्यूटी पूरी कर ली।
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जनप्रतिनिधियों ने किसी योजना की पैरवी नहीं की जिस कारण अब जिले की 35 पेयजल योजनाएं ठंडे बस्ते में चली गईं है। जिले के लगभग हर गांव में पीने के पानी की कमी से लोग जूझ रहे हैं।
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खासकर बेहट के घाड़ क्षेत्र में तो पीने के पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। लोग आज भी काफी दूर स्थित जंगलों में स्थित जल स्रोतों से ही पानी भरकर लाने के लिए मजबूर हैं।
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लगातार हंगामा हो रहा है, पानी की व्यवस्था कराने के लिए मांग की जा रही है, पूरा घाड़ क्षेत्र पानी के तड़प रहा है, लेकिन उनकी यह तड़प किसी को नजर नहीं आ रही है।

अधिकारियों ने अपनी फजीहत से बचने के लिए क्षेत्र के 35 गांवों की पेयजल योजनाओं का खाका तैयार कर शासन को भेज दिया। जिससे परियोजनाओं से आसपास के मजरों को मिलाकर लगभग 100 गांवों के लोगों को पानी उपलब्ध कराया जा सके।

अधिकारियों ने प्रस्ताव भेजने के बाद उनकी सुध नहीं ली। छह माह से अधिक समय हो गया शासन में पेयजल योजनाओं को लटके हुए, लेकिन फूटी कौड़ी भी जिले को नसीब नहीं हो सकी।

जिले की योजनाओं की पैरवी करने की जिम्मेदारी जनप्रतिनिधियों की है, लेकिन उनको भी इसकी कोई चिंता नहीं है। नतीजा ये रहा कि 35 परियोजनाओं को पलीता लग गया। जल निगम के सूत्रों के अनुसार इन परियोजनाओं को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।

न तो उन परियोजनाओं की फाइलों को खुलवाने का कोई प्रयास कर रहा है और न ही कोई गांवों में पेयजल योजनाएं लगवाने के लिए कोई गंभीरता दिखा रहा है।

 शासन ने चुनावी वर्ष में विधायकों एवं एमएलसी को 100 नए हैंडपंप लगवाने और 100 रिबोर कराए जाने का कोटा दिया है। लेकिन 1609 गांवों के लिए यह भी ऊंट के मुंह में जीरा से अधिक नहीं है।


सिर्फ पेयजल योजनाएं ही गांवों की प्यास बुझाने का विकल्प माना जा रहा है। नलकूप लगवाकर ओवरहैड टैंक से पूरे गांव में पाइप लाइन बिछाकर पानी की सप्लाई करने से ही समस्या का समाधान हो सकेगा।
 
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