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Saharanpur News: जिपं में टेंडर की करीब 250 फाइलों से दस्तावेज गायब
Sun, 22 Jun 2025 12:36 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sun, 22 Jun 2025 12:36 AM IST
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सहारनपुर। जिला पंचायत कार्यालय में बड़ा मामला सामने आया है। विकास कार्यों के लिए छोड़े गए टेंडर की करीब 250 फाइलों से दस्तावेज गायब कर दिए गए, जबकि कुछ फाइलों में दस्तावेज फाड़े गए हैं। ऐसे में ठेकेदारों से टेंडर के दस्तावेज दोबारा पूरे कराए जा रहे हैं, जिस कारण विकास कार्यों में और अधिक देरी होगी। शासन को भी अवगत करा दिया गया है।
दरअसल, जिला पंचायत की तरफ से 35 करोड़ के करीब 300 से ज्यादा टेंडर जारी किए गए थे, लेकिन एक तत्कालीन अधिकारी और जिला पंचायत अध्यक्ष व सदस्यों के बीच मनमुटाव के चलते उनके वर्क ऑर्डर जारी नहीं हो रहे थे। इस वजह से विकास कार्य भी अटके हुए थे। अब वर्क ऑर्डर पूरे करने की प्रक्रिया चल रही है। तब पता चला कि टेंडर की करीब 250 से ज्यादा फाइलें ऐसी हैं, जिसमें दस्तावेज ही गायब हैं। कुछ फाइलें ऐसी भी हैं, जिसमें दस्तावेज फटे हुए हैं। किसी में एफडी तो किसी में शपथ पत्र व अन्य दस्तावेज नहीं हैं।
इस कारण वर्क ऑर्डर भी पूरे नहीं हो रहे, जिस तरीके से फाइलों से दस्तावेज गायब हैं और फटे हुए हैं उससे आशंका जताई जा रही है कि जानबूझकर विकास कार्यों को अटकाने के लिए किसी ने ऐसा किया है। बताया जा रहा है कि जिन फाइलों से दस्तावेज गायब किए गए हैं, उनमें करीब पांच करोड़ से अधिक के टेंडर हैं। अब ऐसी फाइलों को चिह्नित कर ठेकेदारों से दोबारा दस्तावेज पूरे कराए जा रहे हैं।
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तीन दिन में 200 टेंडर के वर्क ऑर्डर हुए जारी
जिला पंचायत में पिछले कुछ माह से ठीकठाक नहीं चल रहा था। इस वजह से वर्क ऑर्डर जारी नहीं हो रहे थे और टेंडर की फाइलें धूल फांक रही थीं। हाल ही में नए अपर मुख्य अधिकारी को यहां पर तैनात किया गया है। पिछले तीन दिन का आंकड़ा देखें तो टेंडर की करीब 200 फाइलों के वर्क ऑर्डर जारी कर दिए गए। अभी भी काफी फाइलें पेंडिंग हैं, जिन पर तेजी से काम चल रहा है।
फैक्ट फाइल :
जिला पंचायत का वार्षिक बजट करीब 35 करोड़ है। इससे 49 वार्डों में विकास कार्य होते हैं। पिछले कुछ सालों से पूरा बजट खर्च नहीं हो रहा है। फिलहाल जिला पंचायत के पास 135 करोड़ रुपये जमा है।
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यह मामला बेहद गंभीर है। एक तत्कालीन अधिकारी ने जानबूझकर ऐसा किया है, जिससे दोबारा फाइल पूरी करनी पड़े। शासन को भी इस संबंध में अवगत करा दिया गया है। प्रयास है कि सभी फाइलों में दस्तावेज जल्दी से जल्दी पूर करा दिए जाए, जिससे विकास कार्यों में देरी न हो।
- चौधरी मांगेराम, अध्यक्ष जिला पंचायत
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दरअसल, जिला पंचायत की तरफ से 35 करोड़ के करीब 300 से ज्यादा टेंडर जारी किए गए थे, लेकिन एक तत्कालीन अधिकारी और जिला पंचायत अध्यक्ष व सदस्यों के बीच मनमुटाव के चलते उनके वर्क ऑर्डर जारी नहीं हो रहे थे। इस वजह से विकास कार्य भी अटके हुए थे। अब वर्क ऑर्डर पूरे करने की प्रक्रिया चल रही है। तब पता चला कि टेंडर की करीब 250 से ज्यादा फाइलें ऐसी हैं, जिसमें दस्तावेज ही गायब हैं। कुछ फाइलें ऐसी भी हैं, जिसमें दस्तावेज फटे हुए हैं। किसी में एफडी तो किसी में शपथ पत्र व अन्य दस्तावेज नहीं हैं।
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इस कारण वर्क ऑर्डर भी पूरे नहीं हो रहे, जिस तरीके से फाइलों से दस्तावेज गायब हैं और फटे हुए हैं उससे आशंका जताई जा रही है कि जानबूझकर विकास कार्यों को अटकाने के लिए किसी ने ऐसा किया है। बताया जा रहा है कि जिन फाइलों से दस्तावेज गायब किए गए हैं, उनमें करीब पांच करोड़ से अधिक के टेंडर हैं। अब ऐसी फाइलों को चिह्नित कर ठेकेदारों से दोबारा दस्तावेज पूरे कराए जा रहे हैं।
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तीन दिन में 200 टेंडर के वर्क ऑर्डर हुए जारी
जिला पंचायत में पिछले कुछ माह से ठीकठाक नहीं चल रहा था। इस वजह से वर्क ऑर्डर जारी नहीं हो रहे थे और टेंडर की फाइलें धूल फांक रही थीं। हाल ही में नए अपर मुख्य अधिकारी को यहां पर तैनात किया गया है। पिछले तीन दिन का आंकड़ा देखें तो टेंडर की करीब 200 फाइलों के वर्क ऑर्डर जारी कर दिए गए। अभी भी काफी फाइलें पेंडिंग हैं, जिन पर तेजी से काम चल रहा है।
फैक्ट फाइल :
जिला पंचायत का वार्षिक बजट करीब 35 करोड़ है। इससे 49 वार्डों में विकास कार्य होते हैं। पिछले कुछ सालों से पूरा बजट खर्च नहीं हो रहा है। फिलहाल जिला पंचायत के पास 135 करोड़ रुपये जमा है।
यह मामला बेहद गंभीर है। एक तत्कालीन अधिकारी ने जानबूझकर ऐसा किया है, जिससे दोबारा फाइल पूरी करनी पड़े। शासन को भी इस संबंध में अवगत करा दिया गया है। प्रयास है कि सभी फाइलों में दस्तावेज जल्दी से जल्दी पूर करा दिए जाए, जिससे विकास कार्यों में देरी न हो।
- चौधरी मांगेराम, अध्यक्ष जिला पंचायत