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गेहूं खरीद में अव्वल रहा जनपद, धान खरीद में पिछडा
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तितरो के धान क्रेय केन्द्र
- फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। धान की सरकारी खरीद में जनपद पिछड़ रहा है। जिले में अब तक 4583 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है जबकि गत वर्ष इसी अवधि में 7400 मीट्रिक टन धान खरीदा गया था। धान की खरीद कम होने का कारण बारिश भी मानी जा रही है। क्योंकि बरसात के कारण धान में नमी बनी रही और उस धान को किसान केंद्र पर लेकर नहीं पहुंचे।
दरअसल, जिले में 12914.850 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था, जिसके चलते जिला गेहूं खरीद में अव्वल रहा। वहीं, धान खरीद में तस्वीर उलटी हो गई। जनपद में धान की सरकारी खरीद के लिए 27 क्रय केंद्र खोल रखे हैं। जिले को 12200 मीट्रिक टन धान खरीद करने का लक्ष्य दिया गया है। अब तक धान खरीद के लक्ष्य का 37.57 प्रतिशत ही पूरा हो सका है। प्रदेश सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के तहत सिर्फ सामान्य श्रेणी के धान की ही खरीद कराती है। बासमती को किसान खुले बाजार में बेचते हैं। सरकार ने इस बार धान की सामान्य प्रजाति का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1940 रुपये और ग्रेड-ए प्रजाति के धान का भाव 1960 प्रति क्विंटल घोषित कर रखा है।
420 किसानों को नहीं मिला भुगतान
जनपद में खरीदे गए धान के मूल्य का करीब 65 प्रतिशत का भुगतान किसानों के बैंक खातों में भेज दिया गया है, जबकि 420 किसान ऐसे हैं जिनके खाते में पैसा नहीं पहुंचा है। इन किसानों का 310.13 लाख रुपये अवशेष है।
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बारिश के कारण देर से शुरू हुई धान खरीद
इस बार गत वर्ष की अपेक्षा करीब एक सप्ताह देरी से धान खरीद शुरू हुई है। इसकी वजह बारिश के कारण धान में नमी की मात्रा अधिक रहना है। धान खरीद में तेजी लाई जा रही है। उम्मीद है लक्ष्य को पूरा कर दिया जाएगा। - संजीव राय, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
आंकड़ों की नजर में धान खरीद
धान खरीद का लक्ष्य 12200 मीट्रिक टन
अब खरीदा गया धान 4583.431 मीट्रिक टन
धान क्रय केंद्र 27
धान बेचने वाले किसान 1262
किसानों को किया गया भुगतान 576.59 लाख रुपये
किसानों का अवशेष भुगतान 310.13 लाख रुपये
(नोट: खाद्य विपणन विभाग के 10 नवंबर के आंकड़ों के अनुसार)
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दरअसल, जिले में 12914.850 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था, जिसके चलते जिला गेहूं खरीद में अव्वल रहा। वहीं, धान खरीद में तस्वीर उलटी हो गई। जनपद में धान की सरकारी खरीद के लिए 27 क्रय केंद्र खोल रखे हैं। जिले को 12200 मीट्रिक टन धान खरीद करने का लक्ष्य दिया गया है। अब तक धान खरीद के लक्ष्य का 37.57 प्रतिशत ही पूरा हो सका है। प्रदेश सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के तहत सिर्फ सामान्य श्रेणी के धान की ही खरीद कराती है। बासमती को किसान खुले बाजार में बेचते हैं। सरकार ने इस बार धान की सामान्य प्रजाति का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1940 रुपये और ग्रेड-ए प्रजाति के धान का भाव 1960 प्रति क्विंटल घोषित कर रखा है।
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420 किसानों को नहीं मिला भुगतान
जनपद में खरीदे गए धान के मूल्य का करीब 65 प्रतिशत का भुगतान किसानों के बैंक खातों में भेज दिया गया है, जबकि 420 किसान ऐसे हैं जिनके खाते में पैसा नहीं पहुंचा है। इन किसानों का 310.13 लाख रुपये अवशेष है।
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बारिश के कारण देर से शुरू हुई धान खरीद
इस बार गत वर्ष की अपेक्षा करीब एक सप्ताह देरी से धान खरीद शुरू हुई है। इसकी वजह बारिश के कारण धान में नमी की मात्रा अधिक रहना है। धान खरीद में तेजी लाई जा रही है। उम्मीद है लक्ष्य को पूरा कर दिया जाएगा। - संजीव राय, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
आंकड़ों की नजर में धान खरीद
धान खरीद का लक्ष्य 12200 मीट्रिक टन
अब खरीदा गया धान 4583.431 मीट्रिक टन
धान क्रय केंद्र 27
धान बेचने वाले किसान 1262
किसानों को किया गया भुगतान 576.59 लाख रुपये
किसानों का अवशेष भुगतान 310.13 लाख रुपये
(नोट: खाद्य विपणन विभाग के 10 नवंबर के आंकड़ों के अनुसार)