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बीमारियों ने दी दस्तक, अभी तक नहीं कराया दवा का छिड़काव
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सहारनपुर। जिले में बीमारियों ने दस्तक दे दी है। वायरल बुखार पैर पसार रहा है, लेकिन शहर से लेकर देहात तक अभी दवा का छिड़काव नहीं हुआ और फॉगिंग भी नहीं कराई गई, जबकि बारिश होने के कारण जलभराव की वजह से मच्छर पनप रहे हैं। इससे मोहल्लों में डेंगू-मलेरिया का खतरा मंडरा रहा है, लेकिन इन सब पर रोक लगाने के लिए मलेरिया विभाग और नगर निकायों के पास पर्याप्त संसाधन ही नहीं हैं।
जिले में बीमारियों का प्रकोप शुरू हो चुका है। आलम यह है कि हर घर में कोई न कोई बुखार की चपेट में है। शहर के मरीज तो निजी अस्पतालों में उपचार करा लेते हैं, लेकिन ग्रामीण तो सरकारी अस्पतालों पर ही निर्भर रहते हैं। बीमारी फैलने पर ही विभाग की नींद खुलती है। मलेरिया विभाग, नगर निगम और नगर निकायों द्वारा दवा का छिड़काव और फॉगिंग करने का दावा किया जा रहा है, लेकिन हकीकत यह है कि अभी तक गांवों में दवा का छिड़काव नहीं किया गया है। इसके चलते लोग बुखार की चपेट में आ रहे हैं। लोगों का कहना है कि डेंगू और मलेरिया से बचाव के लिए गांव में कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं।
- क्या कहते हैं लोग
- नगर पालिका देवबंद की बलजीत कॉलोनी निवासी विनीता त्यागी का कहना है कि बरसात के मौसम में जगह-जगह पानी भरा हुआ है, जिसकी निकासी की कोई व्यवस्था नगर पालिका परिषद देवबंद द्वारा नहीं की जा रही है। जिससे कॉलोनी में मच्छरों व गंदगी की भरमार है। जल जनित बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है।
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- शिक्षक नगर देवबंद निवासी मोनू कुमार का कहना है कि बरसात के मौसम में संक्रमण की आशंका बहुत अधिक बढ़ जाती है, क्योंकि इस मौसम में जलजनित कीटाणु व मच्छर बहुतायत में पैदा होते हैं, जो बीमारी और संक्रमण फैलाने के लिए जिम्मेदार होते हैं। बीमारियों से बचाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है। न तो जल निकासी कराई जा रही है और न ही फॉगिंग कराई जा रही है और न ही सफाई व्यवस्था पर ध्यान दिया जा रहा है।
- नगर पालिका गंगोह के मोहल्ला कोटला के राजा दिव्यांश सैनी ने बताया कि नगर पालिका द्वारा कीटनाशक छिड़काव भी नियमित रूप से नहीं कराया जाता है। इसके चलते मच्छर जनित बीमारियां होने की आशंका बनी रहती है। उनके मोहल्ले में गंदगी की भरमार है और जलभराव रहता है। नागरिकों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है।
--सभासद नीरज अग्रवाल का कहना है कि नगर पालिका कीटनाशक छिड़काव और सफाई के नाम पर केवल खानापूर्ति कर रही है। क्षेत्र में मच्छरों की भरमार है। इससे बीमारियां फैल रही है।
- क्या बोले अधिकारी
- जिला मलेरिया अधिकारी शिवांका गौड़ का कहना है कि डेंगू और मलेरिया से लड़ने के लिए हमारे पास पर्याप्त मात्रा में संसाधन हैं। हम मशीनें और दवाइयां ग्राम प्रधानों को उपलब्ध कराते हैं, वह ही गांव में छिड़काव कराते हैं, साथ ही लगातार फॉगिंग भी होती रहती है।
- गंगोह ईओ कृष्ण मुरारी ने बताया कि नगर पालिका के पास कीटनाशक छिड़काव के लिए एक और सैनिटाइजर छिड़काव के लिए दो टैंकरों की व्यवस्था है। वह कीटनाशक छिड़काव रोस्टर के हिसाब से करा रहे हैं।
- देवबंद नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी डीके रॉय का कहना है कि बरसात से पूर्व माइक्रो प्लान बनाकर संचारी रोगों से बचाव के लिए फॉगिंग व कीटनाशक दवा का छिड़काव सभी वार्डों में कराया गया था। इस दौरान नालों की सफाई भी कराई गई थी। बारिश में फॉगिंग नहीं होती है।
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जिले में बीमारियों का प्रकोप शुरू हो चुका है। आलम यह है कि हर घर में कोई न कोई बुखार की चपेट में है। शहर के मरीज तो निजी अस्पतालों में उपचार करा लेते हैं, लेकिन ग्रामीण तो सरकारी अस्पतालों पर ही निर्भर रहते हैं। बीमारी फैलने पर ही विभाग की नींद खुलती है। मलेरिया विभाग, नगर निगम और नगर निकायों द्वारा दवा का छिड़काव और फॉगिंग करने का दावा किया जा रहा है, लेकिन हकीकत यह है कि अभी तक गांवों में दवा का छिड़काव नहीं किया गया है। इसके चलते लोग बुखार की चपेट में आ रहे हैं। लोगों का कहना है कि डेंगू और मलेरिया से बचाव के लिए गांव में कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं।
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- क्या कहते हैं लोग
- नगर पालिका देवबंद की बलजीत कॉलोनी निवासी विनीता त्यागी का कहना है कि बरसात के मौसम में जगह-जगह पानी भरा हुआ है, जिसकी निकासी की कोई व्यवस्था नगर पालिका परिषद देवबंद द्वारा नहीं की जा रही है। जिससे कॉलोनी में मच्छरों व गंदगी की भरमार है। जल जनित बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है।
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- शिक्षक नगर देवबंद निवासी मोनू कुमार का कहना है कि बरसात के मौसम में संक्रमण की आशंका बहुत अधिक बढ़ जाती है, क्योंकि इस मौसम में जलजनित कीटाणु व मच्छर बहुतायत में पैदा होते हैं, जो बीमारी और संक्रमण फैलाने के लिए जिम्मेदार होते हैं। बीमारियों से बचाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है। न तो जल निकासी कराई जा रही है और न ही फॉगिंग कराई जा रही है और न ही सफाई व्यवस्था पर ध्यान दिया जा रहा है।
- नगर पालिका गंगोह के मोहल्ला कोटला के राजा दिव्यांश सैनी ने बताया कि नगर पालिका द्वारा कीटनाशक छिड़काव भी नियमित रूप से नहीं कराया जाता है। इसके चलते मच्छर जनित बीमारियां होने की आशंका बनी रहती है। उनके मोहल्ले में गंदगी की भरमार है और जलभराव रहता है। नागरिकों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है।
--सभासद नीरज अग्रवाल का कहना है कि नगर पालिका कीटनाशक छिड़काव और सफाई के नाम पर केवल खानापूर्ति कर रही है। क्षेत्र में मच्छरों की भरमार है। इससे बीमारियां फैल रही है।
- क्या बोले अधिकारी
- जिला मलेरिया अधिकारी शिवांका गौड़ का कहना है कि डेंगू और मलेरिया से लड़ने के लिए हमारे पास पर्याप्त मात्रा में संसाधन हैं। हम मशीनें और दवाइयां ग्राम प्रधानों को उपलब्ध कराते हैं, वह ही गांव में छिड़काव कराते हैं, साथ ही लगातार फॉगिंग भी होती रहती है।
- गंगोह ईओ कृष्ण मुरारी ने बताया कि नगर पालिका के पास कीटनाशक छिड़काव के लिए एक और सैनिटाइजर छिड़काव के लिए दो टैंकरों की व्यवस्था है। वह कीटनाशक छिड़काव रोस्टर के हिसाब से करा रहे हैं।
- देवबंद नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी डीके रॉय का कहना है कि बरसात से पूर्व माइक्रो प्लान बनाकर संचारी रोगों से बचाव के लिए फॉगिंग व कीटनाशक दवा का छिड़काव सभी वार्डों में कराया गया था। इस दौरान नालों की सफाई भी कराई गई थी। बारिश में फॉगिंग नहीं होती है।