फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Discussion on election results including tea shops, chaupals and intersections

Saharanpur News: चाय की दुकान, चौपाल और चौराहों सहित चहुंओर चुनावी परिणाम पर चर्चा

Sun, 07 May 2023 12:30 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 07 May 2023 12:30 AM IST
विज्ञापन
Discussion on election results including tea shops, chaupals and intersections
- कोई खतीजा मसूद की 40 हजार से जीत का दावा कर रहा
विज्ञापन

- तो कोई डॉ. अजय कुमार को 50 हजार वोट से बता रहा जीता हुआ
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। चाय की दुकान से लेकर चौपाल और चौराहों तथा खेत और खलिहान तक में। यहां तक की सरकारी कार्यालयों में भी निकाय चुनाव के परिणाम को लेकर चर्चा जारी है। इन दिनों हर कोई राजनीतिक विश्लेषक की भूमिका में अपने ही आंकड़े पेश कर प्रत्याशियों की जीत का दावा कर रहा है। महापौर सीट पर कोई खतीजा मसूद को 25 से 40 हजार वोट से जीता रहा है, तो कोई डॉ. अजय कुमार के 50 हजार मतों से जीत के दावे कर रहा है। ऐसी स्थिति में 13 मई को मतगणना का नतीजा क्या जाएगा यह देखना सभी के लिए दिलचस्प होगा।


नगर निगम महापौर सीट पर पहले से मुकाबला भाजपा और बसपा के बीच माना जा रहा है। इसकी प्रमुख वजह 2017 का निकाय चुनाव है, जिसमें बसपा प्रत्याशी हाजी फजलुर्रहमान को भाजपा प्रत्याशी संजीव वालिया से मात्र दो हजार वोट कम मिले थे। पहले मेयर बने संजीव वालिया को 1,21,201 और हाजी फजलुर्रहमान को 1,19,201 मत मिले थे। बसपा के दूसरे नंबर पर रहने का एक वजह यह भी मानी गई थी, क्योंकि जिन 32 गांवों को शहर में मिलाकर नगर निगम का गठन किया गया था वह दलित बहुल हैं। इसके अलावा उन्हें मुस्लिम होने के नाते मुस्लिम समाज का वोट भी मिला था।
विज्ञापन

इस बार चुनाव मैदान में इमरान मसूद की भाभी खतीजा मसूद हैं। चूंकि इमरान का अपना वोट बैंक माना जाता है। इसलिए भाजपा के साथ टक्कर खतीजा मसूद की मानी जा रही है। मतदान से पहले के साथ ही मतदान के बाद भी मुकाबला भाजपा और बसपा के ही बीच माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के साथ ही हर गली और मोहल्ले में या कहें प्रत्येक व्यक्ति राजनीतिक विश्लेषक नजर आ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

मतदान के बाद से पूरे महानगर में भाजपा के डॉ. अजय कुमार और बसपा की खतीजा मसूद की जीत के दावे अलग-अलग लोगों द्वारा किए जा रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि खतीजा मसूद को दलितों का 80 फीसदी से अधिक वोट मिला है। साथ ही मुस्लिमों का ध्रुवीकरण होने पर उनका वोट भी काफी संख्या में उनके खाते में आया है।

उधर, भाजपा के डॉ. अजय कुमार की जीत के सबसे बड़ा दावे की वजह भाजपा की लहर के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का इफेक्ट है। साथ ही हिन्दू क्षेत्रों में जमकर वोटिंग हुई है। माना जा रहा है कि उक्त वोटिंग भाजपा और डाॅ. अजय के पक्ष में हुई है। चर्चा यह भी है कि भाजपा ओबीसी के साथ ही दलित और मुस्लिम वोटरों में भी सेंध लगाने में सफल रही है। ऐसे में डॉ. अजय की जीत के प्रबल दावे विश्लेषक कर रहे हैं। हर जगह एक सवाल कॉमन है, जो लोग एक दूसरे से कर रहे हैं वह है ''''किसे जिता रहे हो?'''' यही हाल जनपद के बाकी 11 निकायों का है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed