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Saharanpur News: स्टांप फर्जीवाड़ा मामले में वाद दर्ज करने की तैयारी में विभाग
Wed, 13 Mar 2024 01:58 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Wed, 13 Mar 2024 01:58 AM IST
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सहारनपुर। सहायक महानिरीक्षक निबंधन/सहायक आयुक्त स्टांप द्वारा नगर निगम के ठेकों में स्टांप फर्जीवाड़े की जांच पूरी कर ली गई है, साथ ही उनकी ओर से वाद दर्ज करने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है, जिसे लेकर संबंधित में खलबली है। एक व्यक्ति के खिलाफ पहले ही वाद दर्ज हो चुका है, जिसका मामला एडीएम वित्त एवं राजस्व की कोर्ट भेजा गया है।
नगर निगम से प्रति वर्ष विभिन्न कार्याें के लिए करोड़ों रुपये के ठेके छोड़े जाते हैं, जिनमें निर्माण, जल कल, स्वास्थ्य विभाग, गैराज, पार्किंग, पशु मंडी, कमेला आदि प्रमुख हैं। बीते दिनों विभिन्न ठेकों में मात्र 100 रुपये के अपर्याप्त मूल्य के स्टांप लगाने का मामला प्रकाश में आया, साथ ही पार्किंग के ठेकों के दस्तावेजों में कूटरचित स्टांप पकड़े गए हैं। ई-स्टांप के मूल्यों में छेड़छाड़ कर लगाए गए पाए गए थे। मामले में मंडलायुक्त हृषिकेश भास्कर यशोद ने नगर निगम के बीते चार साल के तमाम ठेकों के दस्तावेजों के साथ लगे स्टांप की जांच कराने के निर्देश दिए सहायक महानिरीक्षक निबंधक को दिए थे।
सहायक महानिरीक्षक निबंधन/सहायक आयुक्त स्टांप बृजेश सिंह चौधरी ने जांच पूरी कर ली है। अनेक ठेकों के दस्तावेजों में 33,18,190 रुपये के कम स्टांप मिले हैं। जिसके बाद उन्होंने संबंधित के खिलाफ वाद दर्ज करने की तैयारी शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि एक वाद पहले ही दर्ज हो चुका है, जिसे एडीएम वित्त एवं राजस्व की कोर्ट भेजा गया है।
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मंडलायुक्त के निर्देश पर नगर निगम के वर्ष 2021, 22, 23 और 24 के ठेकों के दस्तावेजों में लगेे स्टांप की जांच कर ली गई है। 33,18,190 रुपये के स्टांप कम पाए गए हैं। इस मामले में संबंधित के विरुद्ध वाद दर्ज किए जाएंगे। एक वाद पहले ही दर्ज कराया जा चुका है, जिसका मामला एडीएम एफ की कोर्ट में है।
- बृजेश सिंह चौधरी, एआईजी स्टांप
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नगर निगम से प्रति वर्ष विभिन्न कार्याें के लिए करोड़ों रुपये के ठेके छोड़े जाते हैं, जिनमें निर्माण, जल कल, स्वास्थ्य विभाग, गैराज, पार्किंग, पशु मंडी, कमेला आदि प्रमुख हैं। बीते दिनों विभिन्न ठेकों में मात्र 100 रुपये के अपर्याप्त मूल्य के स्टांप लगाने का मामला प्रकाश में आया, साथ ही पार्किंग के ठेकों के दस्तावेजों में कूटरचित स्टांप पकड़े गए हैं। ई-स्टांप के मूल्यों में छेड़छाड़ कर लगाए गए पाए गए थे। मामले में मंडलायुक्त हृषिकेश भास्कर यशोद ने नगर निगम के बीते चार साल के तमाम ठेकों के दस्तावेजों के साथ लगे स्टांप की जांच कराने के निर्देश दिए सहायक महानिरीक्षक निबंधक को दिए थे।
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सहायक महानिरीक्षक निबंधन/सहायक आयुक्त स्टांप बृजेश सिंह चौधरी ने जांच पूरी कर ली है। अनेक ठेकों के दस्तावेजों में 33,18,190 रुपये के कम स्टांप मिले हैं। जिसके बाद उन्होंने संबंधित के खिलाफ वाद दर्ज करने की तैयारी शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि एक वाद पहले ही दर्ज हो चुका है, जिसे एडीएम वित्त एवं राजस्व की कोर्ट भेजा गया है।
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मंडलायुक्त के निर्देश पर नगर निगम के वर्ष 2021, 22, 23 और 24 के ठेकों के दस्तावेजों में लगेे स्टांप की जांच कर ली गई है। 33,18,190 रुपये के स्टांप कम पाए गए हैं। इस मामले में संबंधित के विरुद्ध वाद दर्ज किए जाएंगे। एक वाद पहले ही दर्ज कराया जा चुका है, जिसका मामला एडीएम एफ की कोर्ट में है।
- बृजेश सिंह चौधरी, एआईजी स्टांप