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Saharanpur News: आयुष्मान कार्ड धारक की मौत
Tue, 12 Nov 2024 12:47 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Tue, 12 Nov 2024 12:47 AM IST
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सहारनपुर के हौजखेड़ी में आयुष्मान कार्ड धारक की मौत के बाद गमजदा परिजन ,स्रोत परिजन
सहारनपुर। आयुष्मान कार्ड धारक की सोमवार को मौत हो गई। महानगर के एक निजी चिकित्सक पर बीच में इलाज छोड़ने का आरोप लगा था। परिजन इलाज के लिए पिलखनी मेडिकल कॉलेज से लेकर चंडीगढ़ और बराड़ा अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन जान नहीं बच पाई।
दरअसल, हौजखेड़ी गांव निवासी सोमपाल को कुल्हे की हड्डी में लंबे समय दर्द की शिकायत थी। 22 अक्तूबर को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 26 अक्तूबर को चिकित्सक ने ऑपरेशन कर दिया गया। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान कूल्हे के अंग निकाल लिए और नए अंग लगाने के नाम पर 45 हजार रुपये की मांग की गई, जबकि पीड़ित का आयुष्मान कार्ड बना हुआ है। इसके बावजूद इलाज नहीं किया। कार्ड से चिकित्सक ने इलाज करने से साफ मना कर दिया। पीड़ित का पूरा उपचार नहीं किया और उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। पता लगने पर मामले में नई दृष्टि नई युग प्रधान संगठन के अध्यक्ष संजय वालिया ने अस्पताल पहुंचकर चिकित्सक से बात की। उनका आरोप है कि चिकित्सक ने रुपये जमा कराने पर भी इलाज नहीं किया। हालत गंभीर होने पर सोमपाल को परिजन आनन-फानन में राजकीय मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे।
वहां से चंडीगढ़ पीजीआई रेफर कर दिया। कुछ घंटे भर्ती रखा, जब हालत में सुधार नहीं हुआ तो परिजनों को अन्य जगह दिखाने के लिए कहा गया। रविवार रात परिजन बराड़ा अस्पताल में लाए। सोमवार सुबह चिकित्सकों ने मरीज की हालत देखकर घर ले जाने की बात कहीं। इसके बाद परिजन सोमपाल को घर लेकर पहुंचे। जहां उसने दोपहर करीब 12 बजे अंतिम सांस ली। नई दृष्टि नई युग प्रधान संगठन ने चिकित्सक पर कार्रवाई की मांग की है। पूरा मामला मुख्य चिकित्सा अधिकारी के संज्ञान में है।
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दरअसल, हौजखेड़ी गांव निवासी सोमपाल को कुल्हे की हड्डी में लंबे समय दर्द की शिकायत थी। 22 अक्तूबर को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 26 अक्तूबर को चिकित्सक ने ऑपरेशन कर दिया गया। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान कूल्हे के अंग निकाल लिए और नए अंग लगाने के नाम पर 45 हजार रुपये की मांग की गई, जबकि पीड़ित का आयुष्मान कार्ड बना हुआ है। इसके बावजूद इलाज नहीं किया। कार्ड से चिकित्सक ने इलाज करने से साफ मना कर दिया। पीड़ित का पूरा उपचार नहीं किया और उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। पता लगने पर मामले में नई दृष्टि नई युग प्रधान संगठन के अध्यक्ष संजय वालिया ने अस्पताल पहुंचकर चिकित्सक से बात की। उनका आरोप है कि चिकित्सक ने रुपये जमा कराने पर भी इलाज नहीं किया। हालत गंभीर होने पर सोमपाल को परिजन आनन-फानन में राजकीय मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे।
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वहां से चंडीगढ़ पीजीआई रेफर कर दिया। कुछ घंटे भर्ती रखा, जब हालत में सुधार नहीं हुआ तो परिजनों को अन्य जगह दिखाने के लिए कहा गया। रविवार रात परिजन बराड़ा अस्पताल में लाए। सोमवार सुबह चिकित्सकों ने मरीज की हालत देखकर घर ले जाने की बात कहीं। इसके बाद परिजन सोमपाल को घर लेकर पहुंचे। जहां उसने दोपहर करीब 12 बजे अंतिम सांस ली। नई दृष्टि नई युग प्रधान संगठन ने चिकित्सक पर कार्रवाई की मांग की है। पूरा मामला मुख्य चिकित्सा अधिकारी के संज्ञान में है।
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