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नामित मजिस्ट्रेट फांसी पर झूला
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Thu, 10 Mar 2016 12:51 AM IST
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अरुण शर्मा का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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थाना कुतुबशेर क्षेत्र में सहारनपुर गंगोह रोड पर बुधवार दोपहर बाद रुपड़ी गांव स्थित एक बाग में बृजेश नगर से तीन दिन पहले लापता बाल अधिकार संरक्षण समिति में नामित मजिस्ट्रेट अरुण शर्मा का लाश मिलने से सनसनी फैल गई।
परिजनों की ओर से उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। पुलिस की जांच पड़ताल में यह तथ्य सामने आया है कि मजिस्ट्रेट ने खुद छह मार्च को 100 नंबर पर डायल कर खुदकुशी करने के बारे में जानकारी दी थी। शव के पास से सुसाइड नोट भी मिला है।
रुपड़ी गांव में बुधवार दोपहर बाद कुुछ ग्रामीणों ने मानकमऊ चौकी पर पुलिस को सूचित किया कि यहां सेवाराम के बाग के एक पेड़ पर रस्सी से बंधा शव लटका हुआ है। शव मिलने का पता लगने के बाद ग्रामीणों की भीड़ भी बाग में जमा हो गई। थाना सदर प्रभारी एसके दुबे, मानकमऊ चौकी प्रभारी भूपेंद्र कुमार ने बाग में पहुंचकर मामले की छानबीन की तो पता चला कि शव बृजेश नगर से लापता अरुण शर्मा (42) की है।
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पुलिस ने शव को पेड़ से उतारने के बाद सफेद रंग की रस्सी, कुछ विजिटिंग कार्ड और एक सुसाइड नोट भी बरामद किया है। सदर प्रभारी ने बताया कि बृजेश नगर निवासी अरुण शर्मा बाल अधिकार संरक्षण समिति में नामित मजिस्ट्रेट था। यह समिति बाल अधिकारों से संबंधी मामलों की सुनवाई करती है। इसके अलावा वह एक शिक्षक भी था।
उन्होंने बताया कि यह व्यक्ति छह मार्च को गायब हुआ था। उसी दिन परिजनों की ओर से गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। पुलिस के मुताबिक छह मार्च की शाम ही साढ़े चार बजे के करीब 100 नंबर फोन पर एक शख्स की काल आई थी कि वह खुदकुशी करने वाला है।
इसके बाद चौकी प्रभारी और पुलिस की अन्य टीमों ने उसके फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, मगर इस शख्स और लोकेशन का पता नहीं चल पाया। पुलिस ने बताया कि तभी से गुमशुदा शख्स की तलाश चल रही थी। मंगलवार की शाम भी कुछ ग्रामीणों के साथ मानकमऊ से लेकर अन्य गांवों में छानबीन की थी।
उत्पीड़न से परेशान होकर उठाया कदम ः पुलिस के मुताबिक मृतक के पास से मिले सुसाइड नोट और परिजनों से बातचीत के बाद अभी तक यही पता चला है कि बाल अधिकार संरक्षण समिति में ही सेवा के दौरान किसी विभागीय स्तर की जांच के कारण मानसिक तनाव में यह कदम उठाया गया।
पुलिस यह भी पड़ताल कर रही है कि बृजेश नगर से कई किलोमीटर दूर यहां आकर ही इस शख्स ने फांसी क्यों लगाई। हालांकि हत्या के बाद शव लटकाने जैसी किसी संभावना से इनकार किया गया है।
उधर, घटनास्थल पर पहुंचे मृतक के भाई कर्नल आनंद और अन्य लोगों ने पारिवारिक कारण बताते हुए अधिक जानकारी देने में असमर्थता जाहिर की। पुलिस का कहना है कि शव कब्जे में लेने के बाद मामले की छानबीन शुरू कर दी गई है।
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परिजनों की ओर से उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। पुलिस की जांच पड़ताल में यह तथ्य सामने आया है कि मजिस्ट्रेट ने खुद छह मार्च को 100 नंबर पर डायल कर खुदकुशी करने के बारे में जानकारी दी थी। शव के पास से सुसाइड नोट भी मिला है।
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रुपड़ी गांव में बुधवार दोपहर बाद कुुछ ग्रामीणों ने मानकमऊ चौकी पर पुलिस को सूचित किया कि यहां सेवाराम के बाग के एक पेड़ पर रस्सी से बंधा शव लटका हुआ है। शव मिलने का पता लगने के बाद ग्रामीणों की भीड़ भी बाग में जमा हो गई। थाना सदर प्रभारी एसके दुबे, मानकमऊ चौकी प्रभारी भूपेंद्र कुमार ने बाग में पहुंचकर मामले की छानबीन की तो पता चला कि शव बृजेश नगर से लापता अरुण शर्मा (42) की है।
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पुलिस ने शव को पेड़ से उतारने के बाद सफेद रंग की रस्सी, कुछ विजिटिंग कार्ड और एक सुसाइड नोट भी बरामद किया है। सदर प्रभारी ने बताया कि बृजेश नगर निवासी अरुण शर्मा बाल अधिकार संरक्षण समिति में नामित मजिस्ट्रेट था। यह समिति बाल अधिकारों से संबंधी मामलों की सुनवाई करती है। इसके अलावा वह एक शिक्षक भी था।
उन्होंने बताया कि यह व्यक्ति छह मार्च को गायब हुआ था। उसी दिन परिजनों की ओर से गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। पुलिस के मुताबिक छह मार्च की शाम ही साढ़े चार बजे के करीब 100 नंबर फोन पर एक शख्स की काल आई थी कि वह खुदकुशी करने वाला है।
इसके बाद चौकी प्रभारी और पुलिस की अन्य टीमों ने उसके फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, मगर इस शख्स और लोकेशन का पता नहीं चल पाया। पुलिस ने बताया कि तभी से गुमशुदा शख्स की तलाश चल रही थी। मंगलवार की शाम भी कुछ ग्रामीणों के साथ मानकमऊ से लेकर अन्य गांवों में छानबीन की थी।
उत्पीड़न से परेशान होकर उठाया कदम ः पुलिस के मुताबिक मृतक के पास से मिले सुसाइड नोट और परिजनों से बातचीत के बाद अभी तक यही पता चला है कि बाल अधिकार संरक्षण समिति में ही सेवा के दौरान किसी विभागीय स्तर की जांच के कारण मानसिक तनाव में यह कदम उठाया गया।
पुलिस यह भी पड़ताल कर रही है कि बृजेश नगर से कई किलोमीटर दूर यहां आकर ही इस शख्स ने फांसी क्यों लगाई। हालांकि हत्या के बाद शव लटकाने जैसी किसी संभावना से इनकार किया गया है।
उधर, घटनास्थल पर पहुंचे मृतक के भाई कर्नल आनंद और अन्य लोगों ने पारिवारिक कारण बताते हुए अधिक जानकारी देने में असमर्थता जाहिर की। पुलिस का कहना है कि शव कब्जे में लेने के बाद मामले की छानबीन शुरू कर दी गई है।