{"_id":"652598858f3503ef75030bd7","slug":"cousin-murdered-student-for-land-worth-rs-80-lakh-saharanpur-news-c-30-1-smrt1051-11087-2023-10-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur News: 80 लाख की भूमि के लिए चचेरे भाई ने की थी छात्र की हत्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur News: 80 लाख की भूमि के लिए चचेरे भाई ने की थी छात्र की हत्या
Wed, 11 Oct 2023 12:01 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Wed, 11 Oct 2023 12:01 AM IST
विज्ञापन
देवबंद पुलिस द्धारा हत्या के आरोप में पकड़े गये आरोपी
सहारनपुर। देवबंद में हुई छात्र की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया। उसके चचेरे भाई ने ही 80 लाख रुपये की भूमि के लिए छात्र की हत्या की थी। पुलिस ने आरोपी और वारदात में शामिल रहे उसके दोस्त को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त चाकू और बाइक बरामद हो गई है।
एसपी देहात सागर जैन ने पत्रकार वार्ता में बताया कि जनपद मुजफ्फरनगर थाना चरथावल के गांव कान्हाहेड़ी निवासी पंकज पुत्र रमेश कश्यप देवबंद के मोहल्ला कायस्थवाड़ा अपनी बुआ के यहां रहकर पढ़ाई करता था। वह कक्षा 12 का छात्र था। 30 सितंबर को पंकज लापता हो गया और तीन अक्तूबर को देवबंद क्षेत्र में काली नदी में उसका शव पड़ा मिला था। चाकू से गले और सीने पर वार कर पंकज की हत्या की गई थी। मृतक के पिता की ओर से रिपोर्ट दर्ज कर वारदात के खुलासे के लिए पुलिस टीम को लगाया गया। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने इस मामले में अनुराग उर्फ रितिक पुत्र नेताब सिंह निवासी गांव कान्हाहेड़ी थाना चरथावल जिला मुजफ्फरनगर और उसके दोस्त उज्ज्वल धीमान पुत्र संजय धीमान निवासी गांव कुरलकी कोतवाली देबवंद को अंबेहटा-देवबंद रोड से गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त चाकू और बाइक बरामद हुई।
ऐसे दिया था हत्याकांड को अंजाम
पूछताछ में अनुराग ने बताया कि पंकज उसका तहेरा भाई था। वह अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। उसके ताऊ रमेश के पास आठ बीघा भूमि है, जिसकी कीमत 80 लाख रुपये है। ताऊ उस पर बहुत भरोसा करते थे। उसे मालूम था कि अगर पंकज को रास्ते से हटा दिया जाए तो ताऊ अपनी भूमि उसके नाम कर देंगे। इसीलिए उसने पंकज की हत्या करने का प्लान बनाया। इस काम में उसने अपने दोस्त उज्ज्वल को भी शामिल किया। हत्या के बदले उज्ज्वल को दो लाख रुपये देना तय हुआ था। हत्या से एक दिन पहले पंकज को फोन कर उसने मां बाला सुंदरी मंदिर के मेन गेट पर बुलाया था। वह और उसका साथी बाइक से वहां पहुंचे थे। वह पंकज को अपने साथ ले गए और काली नदी के पास ले जाकर चाकू से गर्दन और छाती पर वार कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद वह वापस अपने गांव लौट गए थे।
विज्ञापन
ऑनलाइन मंगाया था चाकू
अनुराग कई दिनों से पंकज की हत्या करने की साजिश रच रहा था। हत्या के लिए उसने चाकू भी ऑनलाइन बुक कराकर मंगवाया था। वारदात के बाद आरोपियों ने चाकू को जंगल में दबा दिया था। इसके साथ ही आरोपियों ने अपने कपड़े बदले और पुराने कपड़ों को जला दिया था। आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस 500 से अधिक सीसीटीवी चेक किए। आरोपियों ने पंकज की गर्दन पर दस से अधिक वार कर रखे थे।
विज्ञापन
एसपी देहात सागर जैन ने पत्रकार वार्ता में बताया कि जनपद मुजफ्फरनगर थाना चरथावल के गांव कान्हाहेड़ी निवासी पंकज पुत्र रमेश कश्यप देवबंद के मोहल्ला कायस्थवाड़ा अपनी बुआ के यहां रहकर पढ़ाई करता था। वह कक्षा 12 का छात्र था। 30 सितंबर को पंकज लापता हो गया और तीन अक्तूबर को देवबंद क्षेत्र में काली नदी में उसका शव पड़ा मिला था। चाकू से गले और सीने पर वार कर पंकज की हत्या की गई थी। मृतक के पिता की ओर से रिपोर्ट दर्ज कर वारदात के खुलासे के लिए पुलिस टीम को लगाया गया। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने इस मामले में अनुराग उर्फ रितिक पुत्र नेताब सिंह निवासी गांव कान्हाहेड़ी थाना चरथावल जिला मुजफ्फरनगर और उसके दोस्त उज्ज्वल धीमान पुत्र संजय धीमान निवासी गांव कुरलकी कोतवाली देबवंद को अंबेहटा-देवबंद रोड से गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त चाकू और बाइक बरामद हुई।
विज्ञापन
ऐसे दिया था हत्याकांड को अंजाम
पूछताछ में अनुराग ने बताया कि पंकज उसका तहेरा भाई था। वह अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। उसके ताऊ रमेश के पास आठ बीघा भूमि है, जिसकी कीमत 80 लाख रुपये है। ताऊ उस पर बहुत भरोसा करते थे। उसे मालूम था कि अगर पंकज को रास्ते से हटा दिया जाए तो ताऊ अपनी भूमि उसके नाम कर देंगे। इसीलिए उसने पंकज की हत्या करने का प्लान बनाया। इस काम में उसने अपने दोस्त उज्ज्वल को भी शामिल किया। हत्या के बदले उज्ज्वल को दो लाख रुपये देना तय हुआ था। हत्या से एक दिन पहले पंकज को फोन कर उसने मां बाला सुंदरी मंदिर के मेन गेट पर बुलाया था। वह और उसका साथी बाइक से वहां पहुंचे थे। वह पंकज को अपने साथ ले गए और काली नदी के पास ले जाकर चाकू से गर्दन और छाती पर वार कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद वह वापस अपने गांव लौट गए थे।
विज्ञापन
ऑनलाइन मंगाया था चाकू
अनुराग कई दिनों से पंकज की हत्या करने की साजिश रच रहा था। हत्या के लिए उसने चाकू भी ऑनलाइन बुक कराकर मंगवाया था। वारदात के बाद आरोपियों ने चाकू को जंगल में दबा दिया था। इसके साथ ही आरोपियों ने अपने कपड़े बदले और पुराने कपड़ों को जला दिया था। आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस 500 से अधिक सीसीटीवी चेक किए। आरोपियों ने पंकज की गर्दन पर दस से अधिक वार कर रखे थे।