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आईएस के खिलाफ जारी फतवा सहीः दारुल उलूम
ब्यूरो/ अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Thu, 10 Sep 2015 12:32 AM IST
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आतंकी संगठन आईएस के खिलाफ जारी फतवे को इस्लामी तालीम के सबसे बड़े मरकज दारुल उलूम और देवबंदी उलेमा ने सही ठहराया है। उलेमा का कहना है कि आईएस की तमाम हरकतें इस्लाम और मुसलमानों को नुकसान पहुंचाने वाली हैं।
दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना अबुल कासिम नोमानी बनारसी ने कहा कि वर्ष 2008 में दारुल उलूम देवबंद ने दहशतगर्दी के खिलाफ सबसे पहला फतवा जारी किया था। जो आज पूरी दुनिया में एक नजीर के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। मौलाना बनारसी ने कहा कि हम किसी एक तंजीम नहीं बल्कि हर तरह की दहशतगर्दी के खिलाफ हैं। उन्होंने आईएस के खिलाफ जारी हुए फतवे को सही ठहराया है।
वहीं, दारुल उलूम वक्फ के वरिष्ठ उस्ताद मौलाना मुफ्ती आरिफ कासमी और मदरसा जामिया तुल अनवरिया के मोहतमिम मौलाना नसीम अख्तर शाह कैसर ने कहा कि आईएस यहूदियों की बनाई हुई तंजीम है। इसकी सारी हरकतें इस्लाम और मुसलमानों को नुकसान पहुंचाने वाली हैं।
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उन्होंने कहा कि यहूदी होने के चलते आईएस की तहरीक गैर इस्लामी है। लेकिन कुछ संगठन साजिश के तहत दहशतगर्दी के नाम पर मुसलमानों को निशाना बना रहे हैं जो सरासर गलत है। दोनों उलेमा ने कहा कि अल्लाह दूसरों की जान माल की हिफाजत करने का हुक्म देता है। कत्लेआम के लिए कोई गुंजाइश ही नहीं है।
दारुल उलूम के मोहतमिम बनारसी को राष्ट्रपति का बुलावा
देवबंद। स्वच्छ भारत अभियान को लेकर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना अबुल कासिम नोमानी बनारसी समेत देशभर से करीब 110 लोगों को राष्ट्रपति भवन आने का न्योता भेजे जाने के मामले में दारुल उलूम के जनसंपर्क अधिकारी अशरफ उस्मानी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि व्यवस्था के चलते मोहतमिम बनारसी बृहस्पतिवार को बुलावे पर दिल्ली नहीं जा पाएंगे। उनके स्थान पर कोई दूसरा व्यक्ति प्रतिनिधि के रुप में दिल्ली के लिए रवाना किया जाएगा।
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दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना अबुल कासिम नोमानी बनारसी ने कहा कि वर्ष 2008 में दारुल उलूम देवबंद ने दहशतगर्दी के खिलाफ सबसे पहला फतवा जारी किया था। जो आज पूरी दुनिया में एक नजीर के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। मौलाना बनारसी ने कहा कि हम किसी एक तंजीम नहीं बल्कि हर तरह की दहशतगर्दी के खिलाफ हैं। उन्होंने आईएस के खिलाफ जारी हुए फतवे को सही ठहराया है।
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वहीं, दारुल उलूम वक्फ के वरिष्ठ उस्ताद मौलाना मुफ्ती आरिफ कासमी और मदरसा जामिया तुल अनवरिया के मोहतमिम मौलाना नसीम अख्तर शाह कैसर ने कहा कि आईएस यहूदियों की बनाई हुई तंजीम है। इसकी सारी हरकतें इस्लाम और मुसलमानों को नुकसान पहुंचाने वाली हैं।
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उन्होंने कहा कि यहूदी होने के चलते आईएस की तहरीक गैर इस्लामी है। लेकिन कुछ संगठन साजिश के तहत दहशतगर्दी के नाम पर मुसलमानों को निशाना बना रहे हैं जो सरासर गलत है। दोनों उलेमा ने कहा कि अल्लाह दूसरों की जान माल की हिफाजत करने का हुक्म देता है। कत्लेआम के लिए कोई गुंजाइश ही नहीं है।
दारुल उलूम के मोहतमिम बनारसी को राष्ट्रपति का बुलावा
देवबंद। स्वच्छ भारत अभियान को लेकर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना अबुल कासिम नोमानी बनारसी समेत देशभर से करीब 110 लोगों को राष्ट्रपति भवन आने का न्योता भेजे जाने के मामले में दारुल उलूम के जनसंपर्क अधिकारी अशरफ उस्मानी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि व्यवस्था के चलते मोहतमिम बनारसी बृहस्पतिवार को बुलावे पर दिल्ली नहीं जा पाएंगे। उनके स्थान पर कोई दूसरा व्यक्ति प्रतिनिधि के रुप में दिल्ली के लिए रवाना किया जाएगा।