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कोरोना ने बिगाड़ा मशरूम उत्पादकों का जायका

Sat, 22 May 2021 11:40 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 22 May 2021 11:40 PM IST
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Corona spoiled the taste of mushroom growers
सहारनपुर। कोरोना कर्फ्यू ने मशरूम उत्पादकों का जायका बिगाड़ दिया है। मंडियों में मांग कम होने के कारण मशरूम की खेती घाटे का सौदा बन गई है। इन दिनों औसतन 150 रुपये प्रति किलो तक बिकने वाली मशरूम का औसत भाव इस समय 80 से 90 रुपये प्रति किलो चल रहा है। जनपद के 140 से अधिक मशरूम उत्पादक इससे प्रभावित हो रहे हैं।
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कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर मशरूम उत्पादकों पर भारी पड़ रही है। मंडियों में मशरूम की मांग कम होने से इसके भाव भी गिर गए हैं। मशरूम की सर्वाधिक मांग शादी विवाह, होटल एवं रेस्टोरेंट में होती है। कोविड संक्रमण के चलते जहां शादी विवाह में लोगों की संख्या सीमित हो गई है वहीं होटल एवं रेस्टोरेंट आदि भी बंद हैं। जनपद में करीब 140 मशरूम उत्पादक हैं। जो स्थानीय बाजारों के साथ ही देहरादून, चंडीगढ़ और दिल्ली सहित अन्य शहरों की मंडियों में भी मशरूम बेचते हैं।
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पौषक तत्वों से भरपूर
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी और मशरूम विशेषज्ञ डॉक्टर आईके कुशवाहा ने बताया कि मशरूम पौषक तत्वों से भरपूर होती है। इसमें प्रोटीन, विटामिन डी, विटामिन बी, आयरन, जिंक आदि पौषक तत्वों के साथ ही यह एंटी ऑक्सीडेंट भी होती है। इसके सेवन से शरीर में रोगों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
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- मंडियां कम समय के लिए खुल रही हैं। गर्मी में यह जल्दी खराब हो जाती है। जिससे मशरूम को बाहर की मंडियों में भेजना संभव नहीं हो पा रहा है। स्थानीय मंडियों में मांग कम होने से इसका औसत भाव 80 रुपये प्रति किलो चल रहा है। जबकि इस समय यह रेट 150 रुपये किलो से अधिक होना चाहिए था। --- हर्ष गोयल, मशरूम उत्पादक, देहरादून रोड।
- मशरूम की अधिक खपत महानगरों के होटल, रेस्टोरेंट आदि में होती है। कोरोना कर्फ्यू के चलते ये बंद हैं। इसलिए मशरूम की मांग कम हो गई है। इसके चलते सफेद बटन मशरूम को स्थानीय मंडी में 80 रुपये किलो के हिसाब से बेचना पडा है। -- अलीशेर, मशरूम उत्पादक, गांव पथरवा।

- कोरोना की दूसरी लहर से पहले मशरूम को दिल्ली और देहरादून की मंडियों में बेचते थे। अब परिवहन के उचित साधन नहीं मिलने और वहां की मंडियों में रेट कम होने से मशरूम की लागत भी नहीं निकल पा रही है। इसलिए स्थानीय स्तर पर ही औने पौने दामों पर मशरूम की बिक्री की जा रही है। --- सचिन शर्मा, मशरूम उत्पादक, गंगोह।
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