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कोरोना मरीज तड़पता रहा पर नहीं मिला इलाज

Sat, 11 Dec 2021 11:51 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 11 Dec 2021 11:51 PM IST
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Corona patient kept suffering but did not get treatment
सहारनपुर। कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए तैयारियां दुरुस्त होने के दावे विभाग द्वारा किए जा रहे हैं। भर्ती के लिए मेडिकल कॉलेज भेजे गए कोरोना के पहले ही मरीज को इलाज नहीं मिल सका है। ऐसे में मरीज को एक घंटे से पहले अस्पताल छोड़कर यमुनानगर के निजी अस्पताल में जाना पड़ा।
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मिशन कंपाउंड निवासी 59 वर्षीय व्यक्ति शादी से लौटा था। इसके बाद से उन्हें बुखार की शिकायत थी। परिजनों ने उन्हें दिल्ली रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। वहां वह वेंटीलेटर पर थे। यहां भर्ती रहने के दौरान छह दिसंबर को उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसके बाद चिकित्सा विभाग ने मरीज को राजकीय मेडिकल कॉलेज के कोविड अस्पताल में भर्ती करने का निर्णय लिया था। मगर रिपोर्ट आने के बाद निजी अस्पताल ने मरीज को अपने यहां से रेफर कर दिया।
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मरीज के पुत्र कार्तिक का आरोप है कि वह निजी अस्पताल के बाहर खड़े एंबुलेंस के लिए फोन करते रहे, मगर सरकारी एंबुलेंस नहीं पहुंची। ऐसे में उन्हें निजी एंबुलेंस से मरीज को मेडिकल कॉलेज जाना पड़ा। आरोप है कि मेडिकल कॉलेज में उनके पिता को तुरंत भर्ती नहीं किया गया, जबकि उनका ऑक्सीजन लेवर 70 चल रहा था। वह बार-बार मरीज को ऑक्सीजन देने की मांग करते रहे। आरोप है कि बिन ऑक्सीजन मरीज एक घंटे तक एंबुलेंस ही में तड़पता रहा। किसी तरह मरीज को वार्ड में भर्ती किया। वहां बेडशीट गंदी थी। इंग्लिश शीट वाले शौचालय पर ताला जड़ा था। कहने बावजूद ताला नहीं खोला गया। ऐसे में मरीज को परेशानी हुई।
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आरोप है कि भर्ती होने के आधा घंटा बाद तक चिकित्सक भीतर नहीं गया। एक वार्ड ब्वाय को भीतर भेजकर ऑक्सीजन लगवाई। ऐसी अव्यवस्था से पिता को बचाने के लिए उन्हें मजबूरन एक ही घंटे में छुट्टी करा ली। इसके बाद वह यमुनानगर के निजी अस्पताल में ले गए, वहां उनकी हालत में सुधार है।
मरीज के आरोप बेबुनियाद
शेखुल हिंद मौलाना महमूद हसन मेडिकल कॉलेज पिलखनी के प्राचार्य डॉ. अरविंद त्रिवेदी ने आरोप बेबुनियाद बताए। उन्होंने बताया कि मरीज को तुरंत भर्ती किया। चिकित्सक व नर्स ने उन्हें देखा और ऑक्सीजन दी। रेमडेसिविर इंजेक्शन का घोल दिया गया था, मगर वह स्वेच्छा से मरीज को रेफर कराकर ले गए।

कोरोना की तीसरी लहर से निपटने की तैयारियां कई माह से चल रही हैं। विभाग पूरी तरह तैयार है। तीमारदार द्वारा लगाए आरोपों में सच्चाई नहीं है। मेडिकल कॉलेज का कई बार निरीक्षण हुआ है, जिसमें तमाम व्यवस्थाएं दुरुस्त पाई गई हैं।-शिवांका गौड़, नोडल अधिकारी
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