{"_id":"69123c0bf7baa85a8900673e","slug":"cleaning-completed-water-will-soon-flow-into-the-canal-benefiting-millions-of-farmers-saharanpur-news-c-30-1-smrt1053-162639-2025-11-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur News: सफाई पूरी, जल्द आएगा नहर में पानी, लाखों किसानों का फायदा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur News: सफाई पूरी, जल्द आएगा नहर में पानी, लाखों किसानों का फायदा
Tue, 11 Nov 2025 12:54 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Tue, 11 Nov 2025 12:54 AM IST
विज्ञापन
पूर्वी यमुना नहर सफाई के बाद।
सहारनपुर। पूर्वी यमुना नहर की सफाई का कार्य जनपद में पूरा कर लिया गया है। सिंचाई विभाग सहारनपुर ने 15 नवंबर तक पानी छोड़ने को हरी झंडी दे दी है। हालांकि, अभी शामली और बागपत में सफाई का कार्य चल रहा है।
पूर्वी यमुना नहर हथिनीकुंड बैराज से शुरू होकर सहारनपुर, शामली, बागपत, मुजफ्फरनगर और गाजियाबाद आदि को होते हुए दिल्ली जाकर यमुना में मिलती है। इसकी कुल लंबाई 142.700 किलोमीटर। पूर्वी यमुना नहर से 1,52,493 हैक्टेयर भूमि की सिंचाई होती है। ज्यादातर फायदा सहारनपुर मंडल के किसानों को मिलता है। ऐसे में एक लाख हैक्टेयर से अधिक भूमि की सिंचाई का जरिया पूर्वी यमुना नहर और इससे निकलने वाले 60 रजबहे और माइनर हैं। करीब 25 साल से नदी की सफाई नहीं होने की वजह से दोनों ओर किनारों को ढकते हुए बड़ी झाड़ियां उग आई थीं। इनकी वजह से नदी संकरी हो रही थी।
इसकी वजह से नदी में पानी की बहाव प्रभावित रहता था। 25 साल बाद शासन ने नहर की सफाई के लिए बजट जारी किया। इसके बाद सिंचाई विभाग ने 80 पोकलेन और 1800 से अधिक मजदूर लगाकर एक महीने में नदी की सफाई का कार्य कराया है। सफाई के लिए दोनों किनारों की झाड़ियों को हटाकर किनारे बनाए गए हैं। जहां भी कचरा और अन्य बाधाएं थी उन्हें हटाया गया है।
विज्ञापन
-- -- --
नौसेरा से कुआंखेड़ा तक की गई है सफाई
नहर की सफाई का कार्य हथिनीकुंड बैराज से दस किलोमीटर पहले नौसेरा से शुरू हुआ है, जो सहारनपुर शामली बॉर्डर के गांव कुआंखेड़ा तक किया गया है। यह दूरी करीब 80 किलोमीटर बैठती है। नहर की औसत चौड़ाई 30 मीटर है, जो करीब 100 फीट बैठती है। सफाई कार्य पांच अक्तूबर को शुरू हुआ था, जो आठ नवंबर को पूरा हो गया।
-- -- --
किसानों की बात -भाकियू टिकैत के जिलाध्यक्ष नरेश स्वामी का कहना है कि नहर की सफाई का कार्य अच्छी बात है, लेकिन समय गलत चुना गया।
-किसान प्रेमचंद शर्मा का कहना है कि पूर्वी यमुना नहर जिले में सिंचाई का बड़ा जरिया है, जिससे अनेक रजबहे व माइनर निकलते हैं।
-किसान राजू माजरा का कहना है कि सिंचाई विभाग रजबहों की सफाई कराता है, लेकिन पूर्वी यमुना नहर की सफाई में 25 साल लग गए।
-किसान नेता कुलदीप राणा ने कहा कि नहर और रजबहों की सफाई का कार्य बेहद जरूरी है, लेकिन सिंचाई सही समय पर करानी थी
-- -- --
सहारनपुर जनपद में पूर्वी यमुना नहर के 80 किलोमीटर हिस्से की सफाई का कार्य पूर्ण हो गया है। जब चाहे पानी छोड़ सकते हैं, लेकिन अभी शामली और बागपत में सफाई चल रही है।
सीएम प्रसाद, सहायक अभियंता, सिंचाई विभाग।
विज्ञापन
पूर्वी यमुना नहर हथिनीकुंड बैराज से शुरू होकर सहारनपुर, शामली, बागपत, मुजफ्फरनगर और गाजियाबाद आदि को होते हुए दिल्ली जाकर यमुना में मिलती है। इसकी कुल लंबाई 142.700 किलोमीटर। पूर्वी यमुना नहर से 1,52,493 हैक्टेयर भूमि की सिंचाई होती है। ज्यादातर फायदा सहारनपुर मंडल के किसानों को मिलता है। ऐसे में एक लाख हैक्टेयर से अधिक भूमि की सिंचाई का जरिया पूर्वी यमुना नहर और इससे निकलने वाले 60 रजबहे और माइनर हैं। करीब 25 साल से नदी की सफाई नहीं होने की वजह से दोनों ओर किनारों को ढकते हुए बड़ी झाड़ियां उग आई थीं। इनकी वजह से नदी संकरी हो रही थी।
विज्ञापन
इसकी वजह से नदी में पानी की बहाव प्रभावित रहता था। 25 साल बाद शासन ने नहर की सफाई के लिए बजट जारी किया। इसके बाद सिंचाई विभाग ने 80 पोकलेन और 1800 से अधिक मजदूर लगाकर एक महीने में नदी की सफाई का कार्य कराया है। सफाई के लिए दोनों किनारों की झाड़ियों को हटाकर किनारे बनाए गए हैं। जहां भी कचरा और अन्य बाधाएं थी उन्हें हटाया गया है।
विज्ञापन
नौसेरा से कुआंखेड़ा तक की गई है सफाई
नहर की सफाई का कार्य हथिनीकुंड बैराज से दस किलोमीटर पहले नौसेरा से शुरू हुआ है, जो सहारनपुर शामली बॉर्डर के गांव कुआंखेड़ा तक किया गया है। यह दूरी करीब 80 किलोमीटर बैठती है। नहर की औसत चौड़ाई 30 मीटर है, जो करीब 100 फीट बैठती है। सफाई कार्य पांच अक्तूबर को शुरू हुआ था, जो आठ नवंबर को पूरा हो गया।
किसानों की बात -भाकियू टिकैत के जिलाध्यक्ष नरेश स्वामी का कहना है कि नहर की सफाई का कार्य अच्छी बात है, लेकिन समय गलत चुना गया।
-किसान प्रेमचंद शर्मा का कहना है कि पूर्वी यमुना नहर जिले में सिंचाई का बड़ा जरिया है, जिससे अनेक रजबहे व माइनर निकलते हैं।
-किसान राजू माजरा का कहना है कि सिंचाई विभाग रजबहों की सफाई कराता है, लेकिन पूर्वी यमुना नहर की सफाई में 25 साल लग गए।
-किसान नेता कुलदीप राणा ने कहा कि नहर और रजबहों की सफाई का कार्य बेहद जरूरी है, लेकिन सिंचाई सही समय पर करानी थी
सहारनपुर जनपद में पूर्वी यमुना नहर के 80 किलोमीटर हिस्से की सफाई का कार्य पूर्ण हो गया है। जब चाहे पानी छोड़ सकते हैं, लेकिन अभी शामली और बागपत में सफाई चल रही है।
सीएम प्रसाद, सहायक अभियंता, सिंचाई विभाग।

पूर्वी यमुना नहर सफाई के बाद।

पूर्वी यमुना नहर सफाई के बाद।

पूर्वी यमुना नहर सफाई के बाद।

पूर्वी यमुना नहर सफाई के बाद।