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चंद्रशेखर को जमानत मिलने से गर्माने लगी सियासत

Fri, 03 Nov 2017 12:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर Updated Fri, 03 Nov 2017 12:02 AM IST
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Chandrasekhar is starting to get a boost from politics
चंद्रशेखर उर्फ रावण। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर में  भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर उर्फ रावण को जमानत मिलने के बाद निकाय चुनाव के बीच सियासत भी गर्माने लगी हैं। क्योंकि, चंद्रशेखर से समर्थन में दलित समाज का बड़ा तबका है। ऐसे में राजनीतिक दलों की नजरें भी चंद्रशेखर पर टिकी हैं।
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सहारनपुर में 9 मई को हुई जातीय हिंसा के आरोप में भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर उर्फ रावण इस समय जेल में है। चंद्रशेखर को पुलिस ने हिमाचल प्रदेश के डलहौजी से 8 जून को गिरफ्तार किया था। रावण पर पुलिस ने धारा 152, 154, 156, 162, 163 एवं आईटी एक्ट समेत 19 मामले दर्ज हुए थे।
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जिनमें से 14 मामले इन्हीं एफआईआर में मर्ज कर दिए गए थे। इन सभी मामलों की देहात कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई थी। रावण पर लोगों को जातीय हिंसा के लिए भड़काने, आगजनी के लिए उकसाने, लोगों को शांत कर रहे अधिकारियों के कार्य में बाधा डालने, सरकारी अधिकारियों पर हमला करने समेत कई आरोप लगाए गए।
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चंद्रशेखर को धारा 154 में सहारनपुर में ही कोर्ट से पहले ही जमानत मिल चुकी है। जबकि अन्य पांच मामलों में जमानत के लिए हाईकोर्ट में अपील की गई थी।
 
ये था मामलाः सहारनपुर में 5 मई को बड़गांव में दलितों और राजपूतों के बीच संघर्ष हुआ था। जिसमें राजपूत पक्ष के एक युवक की जान चली गई थी। आरोप है कि राजपूतों ने गांव में आगजनी की थी। जिसके विरोध में 9 मई को दलित समाज के लोगों ने प्रदर्शन किया।

पुलिस द्वारा रोके जाने पर दलित समाज के लोग भड़क उठे। आरोप है कि भीम आर्मी के नेतृत्व में लोग ग्राम रामनगर में एकत्रित हुए और वहां से सहारनपुर की ओर हिंसक रूप में बढ़ते चले गए। आक्रोशित लोगों ने एक दर्जन बाइकें, कार फूंक डाले, फायरिंग, पथराव किया।

अधिकारियों को दौड़ाया, पथराव किया। मारपीट भी की गई। साथ ही जिले के अन्य स्थानों पर भी जाम लगाकर आगजनी की घटनाओं को अंजाम दिया गया। इस मामले में भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर, राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन, जिलाध्यक्ष कमल वालिया एवं प्रवक्ता मंजीत सिंह समेत सैकड़ों लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। सभी पदाधिकारियों पर ईनाम भी घोषित किया गया था। 12 हजारी विनय रतन को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। 


एसएसपी बबलू कुमार का कहना है कि चंद्रशेखर को जमानत मिलने की सूचनाएं मिल रहीं हैं। कुछ मामलों में जमानत मिल गई है। लेकिन उनके पास जमानत से संबंधित कोई अधिकारिक दस्तावेज प्राप्त नहीं हो सके हैं।

 
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