{"_id":"67a3b201983189266d0665c7","slug":"car-collided-with-container-three-friends-died-saharanpur-news-c-30-1-smrt1014-141890-2025-02-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur News: कंटेनर से टकराई कार, तीन दोस्तों की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur News: कंटेनर से टकराई कार, तीन दोस्तों की मौत
Thu, 06 Feb 2025 12:16 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Thu, 06 Feb 2025 12:16 AM IST
विज्ञापन
नानौता के दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे पर दुर्घटना के बाद क्षतिग्रस्त कार। संवाद
नानौता। दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे पर देर रात हुए भीषण सड़क हादसे की दो बड़ी वजह रही। प्रत्यदर्शियों के अनुसार, कार की स्पीड तेज थी और सामने अचानक अधर में लटके पुल पर रास्ता बंद था। यही कारण रहा कि कंटेनर में पीछे से घुसी कार के परखच्चे उड़ गए और तीन जिंदगियां हमेशा के लिए खामोश हो गई।
दरअसल, हाईवे पर जंधेड़ी गांव के पास गंगनहर के पुल का निर्माण काफी समय से अधर में लटका हुआ है। ऐसे में सहारनपुर से शामली जाने के लिए हाईवे की लेन बनी हुई है, लेकिन शामली से सहारनपुर की तरफ जाते समय पुल के पास पहुंचते ही वाहनों को दूसरी लेन में जाना पड़ता है। पुल की ऊंचाई करीब छह से सात फीट है। वहां पर वाहनों को डायवर्ट करने के लिए कोई संकेतक भी नहीं लगाया गया। हादसे का कारण यही रहा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार की स्पीड तेज थी, जिससे तीनों दोस्तों को अचानक पुल पर चढ़ने का रास्ता दिखाई नहीं दिया और वह दूसरी लेन से कार निकालने लगे। सामने चल रहे कंटेनर ने अचानक ब्रेक लगा दिया और तीनों दोस्तों की कार कंटेनर के नीचे जा घुसी। अगर पुल पर रास्ता बंद नहीं होता तो शायद यह हादसा नहीं होता। आसपास के ग्रामीणों की मानें तो अधर में लटके पुल की वजह से पहले भी कई बार हादसे हो चुके हैं, लेकिन अब तक का यह सबसे बड़ा हादसा है।
विज्ञापन
किसानों के साथ मुआवजे का मामला चल रहा है, जिस कारण यह पुल अधर में लटका हुआ है। प्रयास किया जा रहा है कि जल्दी ही मुआवजे की समस्या का समाधान करा पुल का निर्माण पूरा कराया जाएगा।
- गोरेलाल, प्रोजेक्ट इंजीनियर
-- -- -- -- -- -- -- --
मां के दर्शन करते ही आ जाएंगे घर
पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे मृतक के परिजनों का कहना है कि तीनों की अच्छी दोस्ती थी। वह घर से यह कहकर निकले थे कि मां शाकुंभरी देवी के दर्शन करने हैं। दर्शन करने के बाद वहां से चल देंगे और बुधवार रात तक घर पहुंच जाएंगे। यह कहते-कहते परिजनों की आंखों से आंसू बह निकले। उनका सिर्फ इतना कहना था कि तीनों घर तो लौटेंगे, लेकिन कफन में।
-- -- -- --
यह बोला प्रत्यक्षदर्शी
जहां पर हादसा हुआ है उससे चंद कदमों की दूरी पर मिथुन पंडित का चाय का स्टॉल है। मिथुन पंडित ने बताया कि हादसा रात करीब एक बजे हुआ। कार की स्पीड तेज थी और अचानक सामने पुल आ जाने के कारण दूसरी तरफ गाड़ी करनी पड़ी, जहां कंटेनर से कार टकरा गई। टक्कर लगते ही इतना तेज धमाका हुआ कि कुछ समझ ही नहीं पाए। कार के एयरबैग भी खुले हुए थे। फिर भी तीनों दोस्तों की जान नहीं बच सकी। मिथुन पंडित ने भी पुलिस को फोन कर हादसे की जानकारी दी थी।
विज्ञापन
दरअसल, हाईवे पर जंधेड़ी गांव के पास गंगनहर के पुल का निर्माण काफी समय से अधर में लटका हुआ है। ऐसे में सहारनपुर से शामली जाने के लिए हाईवे की लेन बनी हुई है, लेकिन शामली से सहारनपुर की तरफ जाते समय पुल के पास पहुंचते ही वाहनों को दूसरी लेन में जाना पड़ता है। पुल की ऊंचाई करीब छह से सात फीट है। वहां पर वाहनों को डायवर्ट करने के लिए कोई संकेतक भी नहीं लगाया गया। हादसे का कारण यही रहा।
विज्ञापन
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार की स्पीड तेज थी, जिससे तीनों दोस्तों को अचानक पुल पर चढ़ने का रास्ता दिखाई नहीं दिया और वह दूसरी लेन से कार निकालने लगे। सामने चल रहे कंटेनर ने अचानक ब्रेक लगा दिया और तीनों दोस्तों की कार कंटेनर के नीचे जा घुसी। अगर पुल पर रास्ता बंद नहीं होता तो शायद यह हादसा नहीं होता। आसपास के ग्रामीणों की मानें तो अधर में लटके पुल की वजह से पहले भी कई बार हादसे हो चुके हैं, लेकिन अब तक का यह सबसे बड़ा हादसा है।
विज्ञापन
किसानों के साथ मुआवजे का मामला चल रहा है, जिस कारण यह पुल अधर में लटका हुआ है। प्रयास किया जा रहा है कि जल्दी ही मुआवजे की समस्या का समाधान करा पुल का निर्माण पूरा कराया जाएगा।
- गोरेलाल, प्रोजेक्ट इंजीनियर
मां के दर्शन करते ही आ जाएंगे घर
पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे मृतक के परिजनों का कहना है कि तीनों की अच्छी दोस्ती थी। वह घर से यह कहकर निकले थे कि मां शाकुंभरी देवी के दर्शन करने हैं। दर्शन करने के बाद वहां से चल देंगे और बुधवार रात तक घर पहुंच जाएंगे। यह कहते-कहते परिजनों की आंखों से आंसू बह निकले। उनका सिर्फ इतना कहना था कि तीनों घर तो लौटेंगे, लेकिन कफन में।
यह बोला प्रत्यक्षदर्शी
जहां पर हादसा हुआ है उससे चंद कदमों की दूरी पर मिथुन पंडित का चाय का स्टॉल है। मिथुन पंडित ने बताया कि हादसा रात करीब एक बजे हुआ। कार की स्पीड तेज थी और अचानक सामने पुल आ जाने के कारण दूसरी तरफ गाड़ी करनी पड़ी, जहां कंटेनर से कार टकरा गई। टक्कर लगते ही इतना तेज धमाका हुआ कि कुछ समझ ही नहीं पाए। कार के एयरबैग भी खुले हुए थे। फिर भी तीनों दोस्तों की जान नहीं बच सकी। मिथुन पंडित ने भी पुलिस को फोन कर हादसे की जानकारी दी थी।