फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Candidates will not enter into the village

प्रत्याशी को गांव में नहीं घुसने देंगे

Sun, 22 Jan 2017 01:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रामपुर मनिहारान
ब्यूरो/अमर उजाला, रामपुर मनिहारान Updated Sun, 22 Jan 2017 01:29 AM IST
विज्ञापन
Candidates will not enter into the village
बेहट के शाहपुर गांव में चुनावी चर्चा करते ग्रामीण। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
गांव मल्हीपुर के दलित मजरे पठानपुरा में जनप्रतिनिधियों द्वारा कोई विकास कार्य नहीं कराने से नाराज ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार का एलान किया है। कहा कि वह चुनाव के समय गांव में किसी प्रत्याशी और उसके समर्थकों को नहीं घुसने देंगे।
विज्ञापन

 
ग्रामीण अनिल कुमार, जय सिंह, सुरेश पाल, नरेश कुमार, इलम चंद, पाल्लू, धर्म सिंह आदि शनिवार को गांव में ही एकत्र हुए। उन्होंने चुनाव का बहिष्कार करते हुए कहा कि उनके गांव में किसी भी जनप्रतिनिधि ने पांच वर्षों में कोई विकास कार्य नहीं किया है। इसमें सड़कें, नालियां, पेंशन, शौचालय आदि की कोई सुविधा गरीब लोगों को नहीं दी गई है।
विज्ञापन


पूर्व चुनाव के समय गांव में पहुंचे जनप्रतिनिधियों ने उन्हें विकास कराने के सपने दिखाए थे परंतु उसके बाद आज तक किसी ने गांव की ओर रुख तक नहीं किया है। गांव पठानपुरा में दलित समाज के परिवार निवास करते हैं जो छोटी मोटी मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पाल रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि इस बार वह पूर्ण रूप से चुनाव में मतदान बहिष्कार की घोषणा करते हैं। चुनाव प्रचार के दौरान वह किसी जनप्रतिनिधि और प्रत्याशी को गांव में नहीं घुसने देंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


मतदान प्रतिशत बढ़ाने की अपील ः सहारनपुर। 15 फरवरी को होने वाले मतदान का प्रतिशत बढ़ाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। शनिवार को विभिन्न संगठनों की संयुक्त बैठक हुई, जिसमें लोगों से शत प्रतिशत मतदान की अपील की गई। काजी मोहम्मद साद सिद्दीकी, प्रो. शाहिद अंसारी, डॉ. हाजी गोहर अली, फरीद खान, आरिफ सलमानी, शहजाद अहमद, हसीन मलिक, डॉ. एस गौहर, अब्दुल सलाम, मुस्तकीम राना, हैदर, मनीष, यतिन गोयल, फहाद मौजूद रहे। 

जो म्हारी नदी पर पुल बनवाणे की जुम्मेदारी लेगा, उस तै देंगे वोट
बेहट। शाहपुर गांव में दोपहर के समय सेवाराम की बैठक पर हुक्के की गुड़गुड़ाहट के साथ चुनावी चर्चा कर रहे ग्रामीण इस बार उसी को वोट देने की बात कर रहे थे, जो उनकी समस्या के समाधान की जिम्मेदारी लेगा। सेवाराम ने कहा भाई उनका यही कहणा है, जो भी म्हारी नदी पर पुल बणवाने की जुम्मेदारी लेगा, उसी तै वोट देंगे। दूसरे उनके गाम की सड़क भी बनवाणी होगी। नहीं तै भाई हम नी देणे के किसी तै भी वोट।

सीध्धी बात है। पूर्व प्रधान जगपाल सिंह कह रहे थे, के भाई उनका गाम परवा और पछवा दोनों तरफ तै नदियों से घिरा हुआ है। जब भी बाढ़ आवै व तो गाम त बाहर ही न जा पाते। दस सालों से ज्यादा का टेम हो गया, उन्हें पुल की मांग करते हुए। उन्होंने न तो 2012 के विधायक के चुनाव मैं वोट दिए थे और न ही 2014 के सांसद के चुनाव मैं। उनका तो ये ही कहणा था, कि पहले पुल बणवाओ, तभी वोट देंगे। करेशन कह रहे थे भाई न तो म्हारे गाम में पुल है, न ही सड़क।


अबकै तो भाई ठोक बजाके बात करेंगे, वोट मांगने वालों तै। जो भी पुल और सड़क बणवाने की जुम्मेदारी लेगा, उसी तै वोट देंगे। सरकार कैसी होनी चाहिए, तो चुनावी चर्चा कर रहे लोगों का कहणा था, कि भाई सरकार त किसी भी बण जावै, किसानों कू तो कोई फायदा नी है। सब वोट मांगण आवै, उसके बाद किसी की शकल भी देखने कू नी मिलती।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed