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बसपा में लगती है टिकट की बोली : स्वामी प्रसाद मौर्य
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Tue, 23 Aug 2016 12:07 AM IST
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स्वामी प्रसाद मौर्य का स्वागत करते लोग।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर में भाजपा में शामिल होने के बाद पहली बार सहारनपुर पहुंचे पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि बसपा में दलित और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों का हक मारा जा रहा है। उन्होंने सपा को गुंडों और बसपा को भ्रष्टाचारियों की पार्टी बताया।
सोमवार को जनमंच सभागार में लोकतांत्रिक बहुजन मंच की ओर से आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में पहुंचे स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि उन्होंने 35 साल की राजनीति में 20 साल बसपा में यही सोचकर बिताए कि दलितों और पिछड़ों के सम्मान की रक्षा होगी
लेकिन कांशीराम के अंतिम सांस लेने के बाद मायावती ने पलटी मारी और कांशीराम के नारे को बदलने तक का दुस्साहस किया। उन्होंने कहा कि बसपा में अब आर्थिक रूप से कमजोर लोगों का हक मारे जाने लगा है।
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जिला पंचायत और लोकसभा चुनाव में मायावती ने अपने नए नारे ‘जिसकी थैली जितनी भारी, उसकी उतनी भागेदारी’ के आधार पर टिकट बांटे। बसपा में अब मोटी थैली वालों को ही पूछा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बसपा ने 2014 में सुरक्षित सीटों से लेकर अन्य सीटों तक मोटी रकम लेकर टिकट दिए गए। मायावती ने ऐसे ही आर्थिक मानक 2017 के चुनाव के लिए तय कर दिए हैं।
जिसमें टिकट के नाम पर दलित उम्मीदवार से 25 लाख, पिछड़े से 50 लाख और सामान्य वर्ग के दावेदार से एक करोड़ रुपये वसूले जा रहे हैं। उन्होंने सपा सरकार को गुुंडों की सरकार बताया। कहा कि इस सरकार में अपराध बड़े पैमाने पर बढ़ा है।
सपा की चार साल की सरकार में पुलिस पर 900 हमले हुए हैं। जिसमें 700 पुलिसकर्मी मारे गए। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि इस पार्टी का नेतृत्व दिशाहीन है। कांग्रेस के नेताओं को क्या करना है उन्हें मालूम नहीं होता।
मौर्य ने मोदी सरकार की उपलब्धियों का जमकर बखान किया। कहा कि केंद्र सरकार दलितों की हितैषी है। बसपा ने अंबेडकर के मिशन को बेचने का प्रयास किया, वहीं मोदी सरकार ने जहां बाबा साहेब रहे, वहां उनके स्मारक बनवाने का काम किया है।
कार्यक्रम संयोजक मंच के मंडल प्रभारी संदीप सैनी और अन्य पदाधिकारियों ने स्वामी प्रसाद मौर्य का फूल मालाएं पहनाकर और तलवार भेंट कर स्वागत किया। अध्यक्षता प्रमोद कुमार और संचालन विनय सैनी ने किया।
जनमंच सभागार में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में स्वामी प्रसाद मौर्य के पहुंचने से पहले जय भीम, जय भारत के नारे भी गूंजते रहे। बसपा से भाजपा में शामिल हुए लोगों ने यह नारे लगाए तो कई पदाधिकारियों ने इशारे से उन्हें समझाया।
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सोमवार को जनमंच सभागार में लोकतांत्रिक बहुजन मंच की ओर से आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में पहुंचे स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि उन्होंने 35 साल की राजनीति में 20 साल बसपा में यही सोचकर बिताए कि दलितों और पिछड़ों के सम्मान की रक्षा होगी
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लेकिन कांशीराम के अंतिम सांस लेने के बाद मायावती ने पलटी मारी और कांशीराम के नारे को बदलने तक का दुस्साहस किया। उन्होंने कहा कि बसपा में अब आर्थिक रूप से कमजोर लोगों का हक मारे जाने लगा है।
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जिला पंचायत और लोकसभा चुनाव में मायावती ने अपने नए नारे ‘जिसकी थैली जितनी भारी, उसकी उतनी भागेदारी’ के आधार पर टिकट बांटे। बसपा में अब मोटी थैली वालों को ही पूछा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बसपा ने 2014 में सुरक्षित सीटों से लेकर अन्य सीटों तक मोटी रकम लेकर टिकट दिए गए। मायावती ने ऐसे ही आर्थिक मानक 2017 के चुनाव के लिए तय कर दिए हैं।
जिसमें टिकट के नाम पर दलित उम्मीदवार से 25 लाख, पिछड़े से 50 लाख और सामान्य वर्ग के दावेदार से एक करोड़ रुपये वसूले जा रहे हैं। उन्होंने सपा सरकार को गुुंडों की सरकार बताया। कहा कि इस सरकार में अपराध बड़े पैमाने पर बढ़ा है।
सपा की चार साल की सरकार में पुलिस पर 900 हमले हुए हैं। जिसमें 700 पुलिसकर्मी मारे गए। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि इस पार्टी का नेतृत्व दिशाहीन है। कांग्रेस के नेताओं को क्या करना है उन्हें मालूम नहीं होता।
मौर्य ने मोदी सरकार की उपलब्धियों का जमकर बखान किया। कहा कि केंद्र सरकार दलितों की हितैषी है। बसपा ने अंबेडकर के मिशन को बेचने का प्रयास किया, वहीं मोदी सरकार ने जहां बाबा साहेब रहे, वहां उनके स्मारक बनवाने का काम किया है।
कार्यक्रम संयोजक मंच के मंडल प्रभारी संदीप सैनी और अन्य पदाधिकारियों ने स्वामी प्रसाद मौर्य का फूल मालाएं पहनाकर और तलवार भेंट कर स्वागत किया। अध्यक्षता प्रमोद कुमार और संचालन विनय सैनी ने किया।
जनमंच सभागार में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में स्वामी प्रसाद मौर्य के पहुंचने से पहले जय भीम, जय भारत के नारे भी गूंजते रहे। बसपा से भाजपा में शामिल हुए लोगों ने यह नारे लगाए तो कई पदाधिकारियों ने इशारे से उन्हें समझाया।