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दूसरे राज्यों से खनिज सामग्री लाना पड़ेगा महंगा
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सहारनपुर। भूतत्व एवं खनिकर्म अनुभाग की ओर से अन्य राज्यों से आने वाले खनिज सामग्री वाले वाहनों पर अब 50 रुपये प्रति घनमीटर की दर से विनियमन शुल्क लगा दिया गया है। इसके चलते अब दूसरे राज्यों से खनिज सामग्री लाना पहले से महंगा पड़ेगा। इसके साथ ही खनिजों के वाहनों की जांच में लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व ) विनोद कुमार के अनुसार शासन की नई व्यवस्था में पत्थर, गिट्टी, बोल्डर, बालू आदि के वाहनों पर 50 प्रति घन मीटर की दर से विनियमन शुल्क लगेगा। अन्य राज्य से खनिज लेकर आने-वाले वाहन स्वामी द्वारा विभागीय पोर्टल www.uprmines.upsdc.gov.in पर इंटरस्टेट ट्रांजिट पास लॉगिन पर जाकर पंजीयन करना होगा। उन्होंने बताया कि यह पंजीयन नाम, पिता का नाम, निवास का पता, मोबाइल नं, ई-मेल आईडी के आधार पर किया जाएगा। इन सूचनाओं को पूरा करने पर वाहन स्वामी के रजिस्टर्ड ई-मेल और मोबाइल नंबर पर लॉगिन आईडी और पासवर्ड उपलब्ध हो जाएगा। इसके आधार पर परिवहनकर्ता ई-पेमेंट के माध्यम से एक मुश्त शुल्क धनराशि जमा कर सकेगा। इसके अलावा अंतरराज्यीय अभिवहन पास (ISTP) भी जनरेट होगा। इन प्रपत्रों के सत्यापित होने पर ही खनिज का परिवहन हो सकेगा। अब यदि हरियाणा, उत्तराखंड या अन्य किसी राज्य से खनिज का परिवहन होगा तो इन मानकों को पूरा करना होगा।
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अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व ) विनोद कुमार के अनुसार शासन की नई व्यवस्था में पत्थर, गिट्टी, बोल्डर, बालू आदि के वाहनों पर 50 प्रति घन मीटर की दर से विनियमन शुल्क लगेगा। अन्य राज्य से खनिज लेकर आने-वाले वाहन स्वामी द्वारा विभागीय पोर्टल www.uprmines.upsdc.gov.in पर इंटरस्टेट ट्रांजिट पास लॉगिन पर जाकर पंजीयन करना होगा। उन्होंने बताया कि यह पंजीयन नाम, पिता का नाम, निवास का पता, मोबाइल नं, ई-मेल आईडी के आधार पर किया जाएगा। इन सूचनाओं को पूरा करने पर वाहन स्वामी के रजिस्टर्ड ई-मेल और मोबाइल नंबर पर लॉगिन आईडी और पासवर्ड उपलब्ध हो जाएगा। इसके आधार पर परिवहनकर्ता ई-पेमेंट के माध्यम से एक मुश्त शुल्क धनराशि जमा कर सकेगा। इसके अलावा अंतरराज्यीय अभिवहन पास (ISTP) भी जनरेट होगा। इन प्रपत्रों के सत्यापित होने पर ही खनिज का परिवहन हो सकेगा। अब यदि हरियाणा, उत्तराखंड या अन्य किसी राज्य से खनिज का परिवहन होगा तो इन मानकों को पूरा करना होगा।
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