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Saharanpur News: अदालत में दोनों पक्षों में हुई 45 मिनट तीखी बहस, स्टे पर निर्णय रिजर्व

Sat, 25 Jul 2026 12:46 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Sat, 25 Jul 2026 12:46 AM IST
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Both sides had a heated debate in the court for 45 minutes, decision on stay reserved.
सहारनपुर। कलक्ट्रेट मस्जिद मामले की सुनवाई जिला जज की अदालत में शुक्रवार को भी जारी रही। दोनों पक्षों ने 45 मिनट तक जोरदार बहस की। इस दौरान एक-दूसरे की दलीलों को काटते हुए अपना-अपना पक्ष रखा। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद स्टे के मामले पर निर्णय रिजर्व कर लिया है।
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दरअसल, 16 जुलाई को सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने कलक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को अवैध करार देते हुए 30 दिनों में हटाने का निर्णय दिया था। इसके साथ ही 6.41 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया था। इसी आदेश के खिलाफ मस्जिद पक्ष ने अपनी याचिका अदालत में दाखिल की। मस्जिद पक्ष के अधिवक्ता तारीक सिद्दीकी ने बताया कि मामले में शुक्रवार को भी सुनवाई हुई। उन्होंने दलील दी कि मस्जिद सुन्नी वक्फ बोर्ड में पंजीकृत है। ऐसे में मस्जिद वक्फ संपत्ति है। इसकी सुनवाई का अधिकार सुन्नी वक्फ सेंट्रल बोर्ड लखनऊ को है। उन्होंने दलील दी कि 1991 का वर्शिप एक्ट भी 15 अगस्त 1947 से पहले बने धार्मिक ढांचे की स्थिति को यथावत रखने की अनुमति देता है।
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उन्होंने 6.41 करोड़ रुपये की कोर्ट फीस के प्रार्थना पत्र पर भी आपत्ति जताई। इस पर अदालत ने शासकीय अधिवक्ता द्वारा दिए प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया। वहीं शासकीय अधिवक्ताओं ने भी अपनी दलीलें रखीं। उन्होंने कहा कि फसली वर्ष 1324 और 1359 में जमीन में कलक्टरी दर्ज है। उन्होंने कहा कि मस्जिद का नाम किसी भी राजस्व अभिलेख में दर्ज नहीं है। विपक्ष द्वारा दाखिल किए गए नगर पालिका के अभिलेख मिल्कियत के दस्तावेज नहीं है। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद स्टे पर निर्णय को रिजर्व किया है।
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- बजरंगदल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने हाईकोर्ट में दाखिल की कैविएट
मामले के शिकायतकर्ता बजरंगदल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने मामले की सुनवाई पर कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा भरोसा है। इसी मामले से संबंधित कैविएट याचिका हाईकोर्ट में भी दाखिल की गई है। अपनी याचिका में उन्होंने इस मामले पर निर्णय से पहले उनके पक्ष को भी सुनने की प्रार्थना की।
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