{"_id":"5a0b38a54f1c1b70548bd424","slug":"badrinath-is-badruddin-shah-which-is-the-religious-place-of-muslims-mohatim","type":"story","status":"publish","title_hn":"बद्रीनाथ है बदरुद्दीन शाह, जो है मुसलमानों का धार्मिक स्थलः मोहतमिम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बद्रीनाथ है बदरुद्दीन शाह, जो है मुसलमानों का धार्मिक स्थलः मोहतमिम
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Wed, 15 Nov 2017 12:10 AM IST
विज्ञापन
दारुल उलूम देवबंद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर के देवबंद में उत्तराखंड के रक्षा अभियान दल द्वारा बद्रीनाथ में रहने वाले मुसलमानों को गोमूत्र व गंगाजल पीने, नहीं तो बद्रीनाथ छोड़ने की धमकी दिए जाने पर दारुल उलूम निसवा के मोहतमिम मौलाना अब्दुल लतीफ ने कहा है कि धमकी देने वाले संगठन को शायद पता नहीं है कि बद्रीनाथ बदरुद्दीन शाह है जो मुसलमानों का धार्मिक स्थल है।
उत्तराखंड रक्षा अभियान दल की धमकी पर मंगलवार को प्रतिक्रिया देते हुए मौलाना अब्दुल लतीफ ने कहा कि एक तो इस संगठन के अंदर कोई भी पढ़ा लिखा व्यक्ति नहीं है। दूसरा इन्हें इतिहास की जरा भी जानकारी नहीं है।
जिसकी वजह से यह फिजूल की बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि असल बात यह है कि बद्रीनाथ धाम बद्रीनाथ नहीं है वो तो बदरुद्दीन शाह है जो मुसलमानों का धार्मिक स्थल है। इसलिए कायदे में उसे मुसलमानों के हवाले कर देना चाहिए।
विज्ञापन
नाथ लगाने से कोई व्यक्ति या स्थल हिंदू नहीं हो जाता। यह संगठन पहले इतिहास उठाकर देखें और उसके बाद बयानबाजी करें। मौलाना अब्दुल लतीफ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से उल्टे सीधे बयान देने वाले ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
विज्ञापन
उत्तराखंड रक्षा अभियान दल की धमकी पर मंगलवार को प्रतिक्रिया देते हुए मौलाना अब्दुल लतीफ ने कहा कि एक तो इस संगठन के अंदर कोई भी पढ़ा लिखा व्यक्ति नहीं है। दूसरा इन्हें इतिहास की जरा भी जानकारी नहीं है।
विज्ञापन
जिसकी वजह से यह फिजूल की बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि असल बात यह है कि बद्रीनाथ धाम बद्रीनाथ नहीं है वो तो बदरुद्दीन शाह है जो मुसलमानों का धार्मिक स्थल है। इसलिए कायदे में उसे मुसलमानों के हवाले कर देना चाहिए।
विज्ञापन
नाथ लगाने से कोई व्यक्ति या स्थल हिंदू नहीं हो जाता। यह संगठन पहले इतिहास उठाकर देखें और उसके बाद बयानबाजी करें। मौलाना अब्दुल लतीफ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से उल्टे सीधे बयान देने वाले ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की है।