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जंधेड़ी में चाची-भतीजी को डेंगू, अस्पताल में कराया भर्ती
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Aunt and niece dengue in Jandhedi, hospitalized
जंधेड़ी में चाची-भतीजी को डेंगू, अस्पताल में कराया भर्ती
नानौता (सहारनपुर)। क्षेत्र के गांव जंधेड़ी में एक बार फिर से एक ही घर में रहने वाली चाची-भतीजी को डेंगू की पुष्टि होने का दावा परिजनों ने किया है। डेंगू के दोनों मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया गया है। उधर डेंगू के मरीज मिलने से गांव के लोगों में दहशत बनी है। क्योंकि एक पखवाड़ा पूर्व भी उक्त गांव में डेंगू से एक ग्रामीण की मौत हो चुकी है।
गांव जंधेड़ी में कक्षा नौ में पढ़ने वाली एक किशोरी रीतिका (16 वर्षीया) पुत्री राकेश कुमार व उसकी चाची सुधा देवी (55 वर्षीय) पत्नी उदय सिंह को पिछले कुछ दिन से बुखार आ रहा था। इसके बाद परिजनों द्वारा शामली जिले के जलालाबाद कस्बे के एक पैरा मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया था। वहां की एक पैथोलॉजी लैब पर बुखार होने पर जांच कराई गई। जहां दोनों को डेंगू होने की पुष्टि की गई। जहां छात्रा रीतिका की हालत बिगड़ने पर उसे मेरठ स्थित हायर सेंटर पर भर्ती कराया गया है। जबकि महिला का उपचार पैरा मेडिकल कालेज में ही चल रहा है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डा. बीएस सोढ़ी ने बताया कि अक्सर डेंगू पॉजीटिव केस आ जाते हैं। यदि इन डेंगू पॉजीटिव मरीजों का उपचार अच्छे अस्पताल में कराया जाएं तो वह चार-पांच दिन में ठीक हो जाते हैं।
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गौरतलब है कि गत सात अक्तूबर को इसी गांव के रहने वाले 30 वर्षीय अध्यापक सचिन पुत्र नाथीराम की डेंगू के चलते मौत हो चुकी है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों के खून की जांच भी की थी। लेकिन जांच में कोई डेंगू की पुष्टि नहीं हो पाई थी। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से गांव में एंटी लार्वा छिड़काव व फॉगिंग कराने की मांग की है।
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नानौता (सहारनपुर)। क्षेत्र के गांव जंधेड़ी में एक बार फिर से एक ही घर में रहने वाली चाची-भतीजी को डेंगू की पुष्टि होने का दावा परिजनों ने किया है। डेंगू के दोनों मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया गया है। उधर डेंगू के मरीज मिलने से गांव के लोगों में दहशत बनी है। क्योंकि एक पखवाड़ा पूर्व भी उक्त गांव में डेंगू से एक ग्रामीण की मौत हो चुकी है।
गांव जंधेड़ी में कक्षा नौ में पढ़ने वाली एक किशोरी रीतिका (16 वर्षीया) पुत्री राकेश कुमार व उसकी चाची सुधा देवी (55 वर्षीय) पत्नी उदय सिंह को पिछले कुछ दिन से बुखार आ रहा था। इसके बाद परिजनों द्वारा शामली जिले के जलालाबाद कस्बे के एक पैरा मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया था। वहां की एक पैथोलॉजी लैब पर बुखार होने पर जांच कराई गई। जहां दोनों को डेंगू होने की पुष्टि की गई। जहां छात्रा रीतिका की हालत बिगड़ने पर उसे मेरठ स्थित हायर सेंटर पर भर्ती कराया गया है। जबकि महिला का उपचार पैरा मेडिकल कालेज में ही चल रहा है।
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मुख्य चिकित्साधिकारी डा. बीएस सोढ़ी ने बताया कि अक्सर डेंगू पॉजीटिव केस आ जाते हैं। यदि इन डेंगू पॉजीटिव मरीजों का उपचार अच्छे अस्पताल में कराया जाएं तो वह चार-पांच दिन में ठीक हो जाते हैं।
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गौरतलब है कि गत सात अक्तूबर को इसी गांव के रहने वाले 30 वर्षीय अध्यापक सचिन पुत्र नाथीराम की डेंगू के चलते मौत हो चुकी है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों के खून की जांच भी की थी। लेकिन जांच में कोई डेंगू की पुष्टि नहीं हो पाई थी। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से गांव में एंटी लार्वा छिड़काव व फॉगिंग कराने की मांग की है।