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Saharanpur News: इन्हेलर साथ रखें अस्थमा और सांस के मरीज
Tue, 06 Jan 2026 01:13 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Tue, 06 Jan 2026 01:13 AM IST
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सहारनपुर। जैसे-जैसे सर्दी ने अपनी पकड़ मजबूत की है, जिनमें सांस और अस्थमा के मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। राजकीय मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीज बढ़ गए हैं। चिकित्सकों ने ऐसे मरीजों को इन्हेलर साथ रखने की सलाह दी है।
सर्दी का प्रकोप बढ़ रहा है। अस्पतालों में सांस व अस्थमा के मरीजों की लाइन लग रही है। यह मौसम अधिक घातक होता है। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. संजीव मिगलानी ने बताया कि इस मौसम में सुबह-शाम की सर्दी से सांस के मरीजों को बचना चाहिए, क्योंकि कोहरे की सर्दी से सांस की नली में सिकुड़न आ जाती है, जिससे सांस लेने में तकलीफ होती है। ऐसे में धूम्रपान व धूल और धुएं से बचाव करें। मास्क लगाएं। साथ ही बीमारी से बचने के लिए संतुलित खानपान, मौसमी फल व सब्जियों का प्रयोग करें।
अस्थमा के मरीज नियमित रूप से इन्हेलर का प्रयोग करें। एसबीडी जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. अनिल वोहरा ने बताया कि मरीज अपनी निर्धारित दवाइयों और इन्हेलर को नियमित रूप से लेने की आदत डालें। किसी भी स्थिति में इसको न छोड़ें। बंद कमरे में ब्लोअर (हीटर) का प्रयोग न करें। ऐसा करने से कमरे की हवा शुष्क हो जाती है और ऑक्सीजन का स्तर घट जाता है, जो सांस के रोगियों के लिए खतरा बन सकता है।
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-- सांस के मरीजों के लक्षण
- लगातार गले में खिच-खिच की आवाज
- खांसी के साथ सांस का फूलना
- सीढि़यां चढ़ते समय या घर का काम करते समय सांस का फूलना
- हाथ-पैर की अंगुलियाें या जीभ का नीला होना
- छाती से सीटी की आवाज आना
- सांस के साथ 1-10 तक की गिनती लगातार न बोल पाना
- सांस फूलने के साथ हाथ-पैरों में सूजन का आना
- स्टेज-4 में गफलत में चले जाना।
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-- ऐसे करें बचाव
- सांस मरीजों को सुबह-शाम कोहरे से बचना चाहिए
- अगर बाहर निकलना जरूरी हो तो मास्क लगाकर जाना चाहिए।
- इन्हेलर और सांस के कैप्सूल लगातार डॉक्टर की सलाह से लेने चाहिए।
- तीन से चार बार भाप लेनी चाहिए
- सर्दियों में बाहर निकलने से पहले गर्म कपड़े अच्छी तरह पहन लेने चाहिए।
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सर्दी का प्रकोप बढ़ रहा है। अस्पतालों में सांस व अस्थमा के मरीजों की लाइन लग रही है। यह मौसम अधिक घातक होता है। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. संजीव मिगलानी ने बताया कि इस मौसम में सुबह-शाम की सर्दी से सांस के मरीजों को बचना चाहिए, क्योंकि कोहरे की सर्दी से सांस की नली में सिकुड़न आ जाती है, जिससे सांस लेने में तकलीफ होती है। ऐसे में धूम्रपान व धूल और धुएं से बचाव करें। मास्क लगाएं। साथ ही बीमारी से बचने के लिए संतुलित खानपान, मौसमी फल व सब्जियों का प्रयोग करें।
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अस्थमा के मरीज नियमित रूप से इन्हेलर का प्रयोग करें। एसबीडी जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. अनिल वोहरा ने बताया कि मरीज अपनी निर्धारित दवाइयों और इन्हेलर को नियमित रूप से लेने की आदत डालें। किसी भी स्थिति में इसको न छोड़ें। बंद कमरे में ब्लोअर (हीटर) का प्रयोग न करें। ऐसा करने से कमरे की हवा शुष्क हो जाती है और ऑक्सीजन का स्तर घट जाता है, जो सांस के रोगियों के लिए खतरा बन सकता है।
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- लगातार गले में खिच-खिच की आवाज
- खांसी के साथ सांस का फूलना
- सीढि़यां चढ़ते समय या घर का काम करते समय सांस का फूलना
- हाथ-पैर की अंगुलियाें या जीभ का नीला होना
- छाती से सीटी की आवाज आना
- सांस के साथ 1-10 तक की गिनती लगातार न बोल पाना
- सांस फूलने के साथ हाथ-पैरों में सूजन का आना
- स्टेज-4 में गफलत में चले जाना।
- सांस मरीजों को सुबह-शाम कोहरे से बचना चाहिए
- अगर बाहर निकलना जरूरी हो तो मास्क लगाकर जाना चाहिए।
- इन्हेलर और सांस के कैप्सूल लगातार डॉक्टर की सलाह से लेने चाहिए।
- तीन से चार बार भाप लेनी चाहिए
- सर्दियों में बाहर निकलने से पहले गर्म कपड़े अच्छी तरह पहन लेने चाहिए।