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प्रशासन की मूर्तियां रखवाने की जल्दबाजी समझ से परे : दारुल उलूम
Sat, 03 Feb 2024 01:43 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 03 Feb 2024 01:43 AM IST
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देवबंद(सहारनपुर)। ज्ञानवापी के तहखाने में मूर्तियां रख पूजा पाठ करने के मुद्दे पर दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना अबुल कासिम नोमानी ने नाराजगी जताते हुए कई सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन की वहां मूर्तियां रखवाने की जल्दबाजी समझ से परे है, जबकि इसके लिए कोर्ट से एक सप्ताह का समय दिया गया था।
शुक्रवार को दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने कहा चिंता जताते हुए कहा कि जिला अदालत ने आठ दिन का समय दिया था, लेकिन प्रशासन ने दूसरे पक्ष को बिना वक्त दिए रात्रि में ही मस्जिद के तहखाने में मूर्तियां रखवा पूजा प्रारंभ करा दी। प्रशासन की यह जल्दबाजी समझ से परे है, जबकि अदालत के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील भी की जा रही थी। वहीं, शुक्रवार को जुमा की नमाज के बाद मस्जिदों में ज्ञानवापी मस्जिद की सुरक्षा के लिए विशेष दुआ की गई। दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने बृहस्पतिवार को ज्ञानवापी मस्जिद के लिए देशभर के लोगों से दुआ की अपील की थी। इसके साथ ही उन्होंने यह आह्वान भी किया था कि इसको लेकर किसी भी तरह का प्रदर्शन या काली पट्टी बांधकर विरोध न करें। बल्कि शांतिपूर्वक जुमा की नमाज के बाद अल्लाह की बारगाह में हाथ उठाकर दुआएं मांगे।
एसपी देहात सहित अधिकारी दारुल उलूम क्षेत्र में रहे मौजूद
देवबंद। ज्ञानवापी मस्जिद की सुरक्षा को लेकर दारुल उलूम की अपील के बाद एशिया की प्रसिद्ध मस्जिद रशीदिया में बड़ी संख्या में लोग जुमा की नमाज अदा करने पहुंचे। इस दौरान लोगों ने अल्लाह की बारगाह में हाथ उठाकर दुआएं मांगी और शांतिपूर्वक अपने घरों को चले गए। सुरक्षा की दृष्टि से एसपी देहात सागर जैन, एसडीएम अंकुर वर्मा और सीओ अशोक सिसोदिया पुलिस फोर्स के साथ दारुल उलूम क्षेत्र में मौजूद रहे। इसके अलावा नगर की विभिन्न मस्जिदों और मुख्य चौक चौराहों पर भी सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल तैनात किया गया था। खुफिया एजेंसियां भी सक्रिय रहीं।
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शुक्रवार को दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने कहा चिंता जताते हुए कहा कि जिला अदालत ने आठ दिन का समय दिया था, लेकिन प्रशासन ने दूसरे पक्ष को बिना वक्त दिए रात्रि में ही मस्जिद के तहखाने में मूर्तियां रखवा पूजा प्रारंभ करा दी। प्रशासन की यह जल्दबाजी समझ से परे है, जबकि अदालत के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील भी की जा रही थी। वहीं, शुक्रवार को जुमा की नमाज के बाद मस्जिदों में ज्ञानवापी मस्जिद की सुरक्षा के लिए विशेष दुआ की गई। दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने बृहस्पतिवार को ज्ञानवापी मस्जिद के लिए देशभर के लोगों से दुआ की अपील की थी। इसके साथ ही उन्होंने यह आह्वान भी किया था कि इसको लेकर किसी भी तरह का प्रदर्शन या काली पट्टी बांधकर विरोध न करें। बल्कि शांतिपूर्वक जुमा की नमाज के बाद अल्लाह की बारगाह में हाथ उठाकर दुआएं मांगे।
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एसपी देहात सहित अधिकारी दारुल उलूम क्षेत्र में रहे मौजूद
देवबंद। ज्ञानवापी मस्जिद की सुरक्षा को लेकर दारुल उलूम की अपील के बाद एशिया की प्रसिद्ध मस्जिद रशीदिया में बड़ी संख्या में लोग जुमा की नमाज अदा करने पहुंचे। इस दौरान लोगों ने अल्लाह की बारगाह में हाथ उठाकर दुआएं मांगी और शांतिपूर्वक अपने घरों को चले गए। सुरक्षा की दृष्टि से एसपी देहात सागर जैन, एसडीएम अंकुर वर्मा और सीओ अशोक सिसोदिया पुलिस फोर्स के साथ दारुल उलूम क्षेत्र में मौजूद रहे। इसके अलावा नगर की विभिन्न मस्जिदों और मुख्य चौक चौराहों पर भी सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल तैनात किया गया था। खुफिया एजेंसियां भी सक्रिय रहीं।
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