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Saharanpur News: फर्जी एसटी प्रमाण पत्र के जरिए 23 साल से नौकरी करने का आरोप
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- आरोपी पर अनुसूचित जाति छिपाकर जौनसारी प्रमाणपत्र बनवाया
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। नागरिक सुरक्षा विभाग मेरठ में तैनात भंडार अधीक्षक द्वितीय ग्रेड के एक कर्मचारी पर अनुसूचित जनजाति फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी हासिल करने का आरोप लगा है। मामले में कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज हुई है।
कोतवाली सदर बाजार में मधुबन विहार कॉलोनी निवासी ऋषभ जवालिया ने तहरीर देकर आरोप लगाया कि न्यू लक्ष्मीपुरम कॉलोनी निवासी नाथीराम मूल रूप से तीतरों क्षेत्र में गांव पूजना के रहने वाले हैं। वह अनुसूचित जाति के हैं। गोचर कृषि इंटर कॉलेज रामपुर मनिहारान के छात्र रजिस्टर और प्रमाण पत्र में भी यही विवरण अंकित है। आरोप है कि नाथीराम ने वर्ष 2003 में जाति छिपाकर अनुसूचित जनजाति जौनसारी का प्रमाण पत्र बनवाया। उसी के आधार पर आरक्षित पद पर नौकरी हासिल की। आरोप है कि सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त दस्तावेजों और जनसूचना के आधार पर यह मामला सामने आया। इस मामले में पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो वादी ने कोर्ट की शरण ली। अब कोर्ट के आदेश पर कोतवाली सदर बाजार पुलिस ने नाथीराम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। नागरिक सुरक्षा विभाग मेरठ में तैनात भंडार अधीक्षक द्वितीय ग्रेड के एक कर्मचारी पर अनुसूचित जनजाति फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी हासिल करने का आरोप लगा है। मामले में कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज हुई है।
कोतवाली सदर बाजार में मधुबन विहार कॉलोनी निवासी ऋषभ जवालिया ने तहरीर देकर आरोप लगाया कि न्यू लक्ष्मीपुरम कॉलोनी निवासी नाथीराम मूल रूप से तीतरों क्षेत्र में गांव पूजना के रहने वाले हैं। वह अनुसूचित जाति के हैं। गोचर कृषि इंटर कॉलेज रामपुर मनिहारान के छात्र रजिस्टर और प्रमाण पत्र में भी यही विवरण अंकित है। आरोप है कि नाथीराम ने वर्ष 2003 में जाति छिपाकर अनुसूचित जनजाति जौनसारी का प्रमाण पत्र बनवाया। उसी के आधार पर आरक्षित पद पर नौकरी हासिल की। आरोप है कि सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त दस्तावेजों और जनसूचना के आधार पर यह मामला सामने आया। इस मामले में पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो वादी ने कोर्ट की शरण ली। अब कोर्ट के आदेश पर कोतवाली सदर बाजार पुलिस ने नाथीराम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
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