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इस बहरी सरकार में मेरे लिए ना करें दया की अपील: रावण
Updated Mon, 05 Mar 2018 11:57 PM IST
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सहारनपुर। जातीय हिंसा के आरोप में जिला कारागार में बंद भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर रावण ने पत्र लिखकर कहा कि इस बहरी सरकार में मेरे लिए दया की अपील न करें। मैं झुकने वाला नहीं हूं और अन्याय के खिलाफ इसी तरह लड़ाई लड़ता रहूंगा।
भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर रावण ने कहा कि भीम आर्मी कार्यकर्ता आठ मार्च से जेल भरो आंदोलन कर रहे हैं। आप सब मेरी ताकत हो। महापुरुषों ने इतने कठिन संघर्ष के बाद भी अपना रास्ता नहीं बदला और उत्पीड़न तथा अन्याय के खिलाफ आंदोलन जारी रखा। जेल में रहने से मेरे हौसले टूटे नहीं बल्कि बुलंद हुए हैं। मैं यह सोचकर दुखी हूं कि मेरे साथी शिव कुमार प्रधान व सोनू निर्दोष होकर भी जेल में बंद हैं। मगर, मैं उनके साहस से गर्व महसूस करता हूं। हमारी लड़ाई अन्याय के खिलाफ हमेशा जारी रहेगी। उत्पीड़न करने वालों को हम सबक सिखाने का काम करेंगे। इस मिशन में कुछ कठिनाइयां आएंगी। मगर, हम इन कठिनाइयों से टूटने वाले नहीं हैं। चंद्रशेखर रावण ने आह्वान किया कि उत्पीड़न के खिलाफ भीम आर्मी के माध्यम से आवाज बुलंद करें। भीम आर्मी के सभी साथी ईमानदारी व त्याग की भावना से काम करें। हमें धैर्य रखकर अपने काम को करते रहना है। जेल में रहते हुए अपनी मां की चिंता होती है। मगर, हजारों माताओं के दर्द को यादकर अपना दर्द भूल जाता हूं। मैं अपने लक्ष्य की ओर हूं और मेरा लक्ष्य समाज के साथ होने वाले शोषण को जड़ से खत्म करना है।
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भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर रावण ने कहा कि भीम आर्मी कार्यकर्ता आठ मार्च से जेल भरो आंदोलन कर रहे हैं। आप सब मेरी ताकत हो। महापुरुषों ने इतने कठिन संघर्ष के बाद भी अपना रास्ता नहीं बदला और उत्पीड़न तथा अन्याय के खिलाफ आंदोलन जारी रखा। जेल में रहने से मेरे हौसले टूटे नहीं बल्कि बुलंद हुए हैं। मैं यह सोचकर दुखी हूं कि मेरे साथी शिव कुमार प्रधान व सोनू निर्दोष होकर भी जेल में बंद हैं। मगर, मैं उनके साहस से गर्व महसूस करता हूं। हमारी लड़ाई अन्याय के खिलाफ हमेशा जारी रहेगी। उत्पीड़न करने वालों को हम सबक सिखाने का काम करेंगे। इस मिशन में कुछ कठिनाइयां आएंगी। मगर, हम इन कठिनाइयों से टूटने वाले नहीं हैं। चंद्रशेखर रावण ने आह्वान किया कि उत्पीड़न के खिलाफ भीम आर्मी के माध्यम से आवाज बुलंद करें। भीम आर्मी के सभी साथी ईमानदारी व त्याग की भावना से काम करें। हमें धैर्य रखकर अपने काम को करते रहना है। जेल में रहते हुए अपनी मां की चिंता होती है। मगर, हजारों माताओं के दर्द को यादकर अपना दर्द भूल जाता हूं। मैं अपने लक्ष्य की ओर हूं और मेरा लक्ष्य समाज के साथ होने वाले शोषण को जड़ से खत्म करना है।
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