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प्रसव के दौरान नवजात की मौत पर हंगामा
Updated Wed, 27 Sep 2017 02:07 AM IST
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गंगोह (सहारनपुर)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात एक महिला चिकित्सक की लापरवाही के कारण प्रसव के दौरान नवजात की मौत हो गई। यह आरोप लगाते हुए प्रसूता के परिजनों ने आरोपी चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
गांव मैनपुरा निवासी पीड़ित महिला लक्ष्मी पत्नी अर्जुन ने बताया कि सोमवार शाम प्रसव पीड़ा होने पर वह अपनी सास मीना और पति के साथ गंगोह सीएचसी में आई थी। वहां तैनात महिला चिकित्सक ने उसकी जांच के बाद कहा कि अभी डिलीवरी में समय है। इसके बाद उसे कुछ दवाई अस्पताल से दी गई और कुछ बाहर से लेने की बात कहते हुए वापस भेज दिया। वह गांव वापस लौट रही थी, तभी रास्ते में ही उसे प्रसव पीड़ा के साथ प्रसव होने लगा। परिजन उसे लेकर अस्पताल लौटे, लेकिन तब तक दम घुटने से बच्चे की मौत हो चुकी थी। परिजनों ने सीएचसी में हंगामा भी किया। उधर, सीएचसी प्रभारी डा. अनवर अंसारी ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि बच्चा सात माह का था और महिला में खून की कमी थी। अभी डिलीवरी की संभावना नजर नहीं आ रही थी इसीलिए महिला को दवाई देकर वापस भेजा गया था। उन्होंने कहा कि महिला ने अपने घर पर ही बच्चे को जन्म दिया है।
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गांव मैनपुरा निवासी पीड़ित महिला लक्ष्मी पत्नी अर्जुन ने बताया कि सोमवार शाम प्रसव पीड़ा होने पर वह अपनी सास मीना और पति के साथ गंगोह सीएचसी में आई थी। वहां तैनात महिला चिकित्सक ने उसकी जांच के बाद कहा कि अभी डिलीवरी में समय है। इसके बाद उसे कुछ दवाई अस्पताल से दी गई और कुछ बाहर से लेने की बात कहते हुए वापस भेज दिया। वह गांव वापस लौट रही थी, तभी रास्ते में ही उसे प्रसव पीड़ा के साथ प्रसव होने लगा। परिजन उसे लेकर अस्पताल लौटे, लेकिन तब तक दम घुटने से बच्चे की मौत हो चुकी थी। परिजनों ने सीएचसी में हंगामा भी किया। उधर, सीएचसी प्रभारी डा. अनवर अंसारी ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि बच्चा सात माह का था और महिला में खून की कमी थी। अभी डिलीवरी की संभावना नजर नहीं आ रही थी इसीलिए महिला को दवाई देकर वापस भेजा गया था। उन्होंने कहा कि महिला ने अपने घर पर ही बच्चे को जन्म दिया है।
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