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मेडिकल कॉलेज में मरीजों और गांवों में पीड़ितों के परिजनों के बयान दर्ज किए
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सहारनपुर। जहरीली शराब कांड की जांच के लिए एसआईटी ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर आईसीयू एवं वार्ड में भर्ती मरीजों से बात की। मेडिकल कालेज के चिकित्सकों एवं अधिकारियों से भर्ती मरीजों एवं उपचार के दौरान मरने वालों के बारे में रिपोर्ट ली। करीब एक घंटे तक एसआईटी ने मेडिकल कॉलेज में जांच की। उसके बाद ग्राम कोलकी में पहुंचकर मृतकों के परिजनों एवं ठीक होकर घर पहुंचे मरीजों के बयान दर्ज किए।
बृहस्पतिवार को पूर्वाह्न पौने 11 बजे एसआईटी अंबाला रोड पिलखनी स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंची और जहरीली शराब से बीमार हुए लोगों के बारे में चिकित्सकों एवं मेडिकल ऑफिसर से जानकारी ली। आईसीयू में लगभग 20 मिनट तक पूछताछ की गई। फिर वार्डों में भर्ती मरीजों के बयान लिए गए। लगभग आधा घंटे तक मरीजों के बयान दर्ज किए गए। एक-एक मरीज से शराब लाने एवं बेचे जाने के बारे में जानकारी ली गई। एसआईटी ने मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों से पूछा कि कितने लोगों की मौत उपचार के दौरान हुई तथा कितने लोग मृत अवस्था में अस्पताल लाए गए थे।
तीमारदारों को किया गया बाहर, सिर्फ अधिकारी रहे मौजूद
मेडिकल कॉलेज में बयान लिए जाने के दौरान सभी तीमारदारों को आईसीयू एवं मेडिकल वार्ड से बाहर कर दिया गया। इन मरीजों में अधिकांश कोलकीकला और उमाही गांव के ही बताए जा रहे हैं। बयान लेने के दौरान एसआईटी प्रमुख एडीजी रेलवे संजय सिंघल, आईजी शरद सचान, मंडलायुक्त सीपी त्रिपाठी, डीएम आलोक कुमार पांडेय और एसएसपी दिनेश कुमार ही मौजूद रहे।
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चार गांव के 50 लोगों के बयान दर्ज
गागलहेड़ी। जहरीली शराब कांड की जांच के लिए एसआईटी ने ग्राम कोलकी कला स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में पहुंचकर लोगों के बयान दर्ज किए। चार गांव के 50 लोगों के बयान लिखे गए, जिनमें ज्यादातर ने बालुपुर से शराब आने की बात कही, तो कुछ ने गांव में ही शराब बिक्री बताई।
बृहस्पतिवार दोपहर साढ़े 12 बजे ग्राम कोलकी कला में पहुंची एसआईटी ने सबसे पहले माली गांव के दीपचंद की पत्नी बबीता के बयान दर्ज किए। बबीता ने उसके पति द्वारा बालूपुर से शराब लाकर पीना बताया तथा राजू की मां कमाली देवी ने भी बालूपुर से ही शराब खरीदना बताया। इसके बाद ग्राम पुंडेन के अशोक ने बताया की वह बालूपुर से शराब खरीद कर लाया था और घर आकर पी थी। जिसके बाद उसकी तबीयत खराब हो गई। उसे सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी जान तो बच गई, लेकिन आंखों की रोशनी चली गई। इसके बाद ग्राम कोलकी कला के सेवाराम ने एसआईटी को बताया की उसने गांव के नितीश नामक व्यक्ति से शराब ली थी। रोज उसी से शराब खरीदकर पीता था, उस दिन भी उसी से ली। तबीयत खराब होने पर अस्पताल में भर्ती रहा जिससे उसकी जान बच गई। ग्राम कोलकी कला की रेशमा पत्नी विश्वास, माया पत्नी अरुण ने एसआईटी को बताया कि गांव के ही दो व्यक्ति और एक महिला शराब बेचते हैं। विश्वास और अरुण ने इनके यहां से शराब खरीदी थी। जिसके पीने के बाद दोनों की तबीयत खराब हो गई और उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई।
फिर एसआईटी ने गागलहेड़ी पहुंचकर पप्पू की पत्नी बबीता के बयान दर्ज किए। जिसमें बबीता ने बताया की उसे नहीं मालूम कि शराब कहां से लाकर पी थी। वहीं अविनाश की मां धन्नो देवी ने कुछ भी नहीं बताया। दिनारपुर निवासी आकाश के पिता मिंदर ने बताया कि उसके बेटे की मौत भी जहरीली शराब पीने से ही हुई लेकिन वह शराब कहां से लाया, यह नहीं मालूम।
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बृहस्पतिवार को पूर्वाह्न पौने 11 बजे एसआईटी अंबाला रोड पिलखनी स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंची और जहरीली शराब से बीमार हुए लोगों के बारे में चिकित्सकों एवं मेडिकल ऑफिसर से जानकारी ली। आईसीयू में लगभग 20 मिनट तक पूछताछ की गई। फिर वार्डों में भर्ती मरीजों के बयान लिए गए। लगभग आधा घंटे तक मरीजों के बयान दर्ज किए गए। एक-एक मरीज से शराब लाने एवं बेचे जाने के बारे में जानकारी ली गई। एसआईटी ने मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों से पूछा कि कितने लोगों की मौत उपचार के दौरान हुई तथा कितने लोग मृत अवस्था में अस्पताल लाए गए थे।
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तीमारदारों को किया गया बाहर, सिर्फ अधिकारी रहे मौजूद
मेडिकल कॉलेज में बयान लिए जाने के दौरान सभी तीमारदारों को आईसीयू एवं मेडिकल वार्ड से बाहर कर दिया गया। इन मरीजों में अधिकांश कोलकीकला और उमाही गांव के ही बताए जा रहे हैं। बयान लेने के दौरान एसआईटी प्रमुख एडीजी रेलवे संजय सिंघल, आईजी शरद सचान, मंडलायुक्त सीपी त्रिपाठी, डीएम आलोक कुमार पांडेय और एसएसपी दिनेश कुमार ही मौजूद रहे।
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चार गांव के 50 लोगों के बयान दर्ज
गागलहेड़ी। जहरीली शराब कांड की जांच के लिए एसआईटी ने ग्राम कोलकी कला स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में पहुंचकर लोगों के बयान दर्ज किए। चार गांव के 50 लोगों के बयान लिखे गए, जिनमें ज्यादातर ने बालुपुर से शराब आने की बात कही, तो कुछ ने गांव में ही शराब बिक्री बताई।
बृहस्पतिवार दोपहर साढ़े 12 बजे ग्राम कोलकी कला में पहुंची एसआईटी ने सबसे पहले माली गांव के दीपचंद की पत्नी बबीता के बयान दर्ज किए। बबीता ने उसके पति द्वारा बालूपुर से शराब लाकर पीना बताया तथा राजू की मां कमाली देवी ने भी बालूपुर से ही शराब खरीदना बताया। इसके बाद ग्राम पुंडेन के अशोक ने बताया की वह बालूपुर से शराब खरीद कर लाया था और घर आकर पी थी। जिसके बाद उसकी तबीयत खराब हो गई। उसे सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी जान तो बच गई, लेकिन आंखों की रोशनी चली गई। इसके बाद ग्राम कोलकी कला के सेवाराम ने एसआईटी को बताया की उसने गांव के नितीश नामक व्यक्ति से शराब ली थी। रोज उसी से शराब खरीदकर पीता था, उस दिन भी उसी से ली। तबीयत खराब होने पर अस्पताल में भर्ती रहा जिससे उसकी जान बच गई। ग्राम कोलकी कला की रेशमा पत्नी विश्वास, माया पत्नी अरुण ने एसआईटी को बताया कि गांव के ही दो व्यक्ति और एक महिला शराब बेचते हैं। विश्वास और अरुण ने इनके यहां से शराब खरीदी थी। जिसके पीने के बाद दोनों की तबीयत खराब हो गई और उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई।
फिर एसआईटी ने गागलहेड़ी पहुंचकर पप्पू की पत्नी बबीता के बयान दर्ज किए। जिसमें बबीता ने बताया की उसे नहीं मालूम कि शराब कहां से लाकर पी थी। वहीं अविनाश की मां धन्नो देवी ने कुछ भी नहीं बताया। दिनारपुर निवासी आकाश के पिता मिंदर ने बताया कि उसके बेटे की मौत भी जहरीली शराब पीने से ही हुई लेकिन वह शराब कहां से लाया, यह नहीं मालूम।