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देवबंद में अलविदा जुमा पर मस्जिदों में उमड़ा अकीदतमंदों का सैलाब
Updated Sat, 09 Jun 2018 12:08 AM IST
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अलविदा जुमा पर मस्जिदों में उमड़ा अकीदतमंदों का सैलाब
देवबंद (सहारनपुर)। पवित्र रमजान माह के अलविदा (आखिरी) जुमा पर नगर व देहात क्षेत्र की मस्जिदों में अकीदतमंदों का सैलाब उमड़ गया। रोजेदारों ने नमाज अदा कर अल्लाह की बारगाह में हाथ फैलाकर अपने गुनाहों की तौबा करते हुए पूरे साल इसी तरह रहमतें और बरकतें नाजिल करने तथा मुल्क में शांति के लिए दुआएं मांगी।
मुकद्दस रमजान माह के अलविदा जुमा पर नगर एवं देहात क्षेत्र से भारी संख्या में अकीदतमंदों ने प्रसिद्ध मस्जिद रशीदिया, जामा मस्जिद, छत्ता मस्जिद, खानकाह मस्जिद, मस्जिद काजी, आदीनी मस्जिद में नमाज अदा की। नमाज के उपरांत छत्ता मस्जिद में जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि जुमा का दिन तमाम दिनों का सरदार है। क्योंकि जब हजरत आदम को पैदा किया गया तो वो जुमा का दिन था और जब दुनिया खत्म होगी तो भी जुमा का दिन ही होगा। उन्होंने कहा कि हुजूर पाक ने अपनी उम्मत को हिदायत दी कि जुमा के दिन ज्यादा से ज्यादा दुरुद-ओ-सलाम भेजा जाए। मस्जिद रशीदिया में मौलाना मुफ्ती अफ्फान कासमी ने कहा कि रमजान के तीसरे व आखिरी अशरे में एक रात ऐसी है जिसकी इबादत से 700 साल की इबादत के बराबर सवाब मिलता है। उधर, घरों में महिलाओं और मासूम बच्चियों ने भी नमाज अदा कर अल्लाह से दुआएं मांगी। अलविदा जुमा की नमाज अदा कर नगर एवं देहात क्षेत्र के लोगों ने बाजारों में जाकर ईद के लिए जमकर खरीदारी की।
उधर, चांद दिखा तो 15 जून को ईद हो सकती है। माना जा रहा है कि यदि ऐसा नहीं होता है तो 15 जून को अलविदा जुमा होगा।
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देवबंद (सहारनपुर)। पवित्र रमजान माह के अलविदा (आखिरी) जुमा पर नगर व देहात क्षेत्र की मस्जिदों में अकीदतमंदों का सैलाब उमड़ गया। रोजेदारों ने नमाज अदा कर अल्लाह की बारगाह में हाथ फैलाकर अपने गुनाहों की तौबा करते हुए पूरे साल इसी तरह रहमतें और बरकतें नाजिल करने तथा मुल्क में शांति के लिए दुआएं मांगी।
मुकद्दस रमजान माह के अलविदा जुमा पर नगर एवं देहात क्षेत्र से भारी संख्या में अकीदतमंदों ने प्रसिद्ध मस्जिद रशीदिया, जामा मस्जिद, छत्ता मस्जिद, खानकाह मस्जिद, मस्जिद काजी, आदीनी मस्जिद में नमाज अदा की। नमाज के उपरांत छत्ता मस्जिद में जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि जुमा का दिन तमाम दिनों का सरदार है। क्योंकि जब हजरत आदम को पैदा किया गया तो वो जुमा का दिन था और जब दुनिया खत्म होगी तो भी जुमा का दिन ही होगा। उन्होंने कहा कि हुजूर पाक ने अपनी उम्मत को हिदायत दी कि जुमा के दिन ज्यादा से ज्यादा दुरुद-ओ-सलाम भेजा जाए। मस्जिद रशीदिया में मौलाना मुफ्ती अफ्फान कासमी ने कहा कि रमजान के तीसरे व आखिरी अशरे में एक रात ऐसी है जिसकी इबादत से 700 साल की इबादत के बराबर सवाब मिलता है। उधर, घरों में महिलाओं और मासूम बच्चियों ने भी नमाज अदा कर अल्लाह से दुआएं मांगी। अलविदा जुमा की नमाज अदा कर नगर एवं देहात क्षेत्र के लोगों ने बाजारों में जाकर ईद के लिए जमकर खरीदारी की।
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उधर, चांद दिखा तो 15 जून को ईद हो सकती है। माना जा रहा है कि यदि ऐसा नहीं होता है तो 15 जून को अलविदा जुमा होगा।