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तीन माह में तीन सिपाहियों के बयान दर्ज नहीं करा पाए अधिकारी

Sat, 21 Apr 2018 12:36 AM IST
Updated Sat, 21 Apr 2018 12:36 AM IST
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तीन माह में तीन सिपाहियों के बयान दर्ज नहीं करा पाए अधिकारी
सहारनपुर। सड़क हादसे में घायलों को उपचार न दिलाने के आरोप में फंसे तीन पुलिसकर्मियों के बयान कराने में पुलिस विभाग को तीन माह लग गए। अधिकारियों ने 15 दिन में ही बयान दर्ज कार्रवाई पूरी किए जाने का दावा किया था। ऐसे में सवाल उठने लाजिमी है कि यह पूरी हीलाहवाली पुलिस कर्मियों को बचाने के लिए तो नहीं हो रही।
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जनकपुरी थाना क्षेत्र के लिंक रोड पर 19 जनवरी की आधी रात को सेतिया विहार, नुमाइश कैंप निवासी दो छात्र अर्पित और सन्नी की बाइक खंभे से जा टकराई थी। दोनों छात्र नाले में गिर पड़े। लोगों ने उन्हें किसी तरह से निकाला। सूचना पर पहुंची डायल 100 के तीनों सिपाहियों ने सड़क पर तड़प रहे घायल अर्पित और सन्नी को यह कहते हुए सरकारी गाड़ी में अस्पताल ले जाने से मना कर दिया था कि उनकी गाड़ी खराब हो जाएगी। पुलिसकर्मियों की इस लापरवाही के चलते दोनों छात्रों ने सड़क पर ही तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया था। इस मामले को लेकर जमकर बवाल हुआ। अधिकारियों ने मौके की नजाकत को देखते हुए तीनों पुलिसकर्मियों उप निरीक्षक इंद्रपाल सिंह, कांस्टेबल पंकज कुमार और कांस्टेबल चालक मनोज कुमार को निलंबित कर दिया और आश्वासन दिया कि 15 दिन में जांच कर उनकी बर्खास्तगी भी कराई जाएगी।
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लेकिन पुलिस अधिकारियों की जांच इतनी लंबी हो गई कि तीन माह में भी पूरी नहीं हो सकी। 15 दिन तो नोटिस भेजने में ही लग गए। उसके बाद जवाब न मिलने का बहाना बनाया जाता रहा। तीनों आरोपी सिपाहियों ने जवाब दाखिल कर दिया तो बयान के लिए समय नहीं मिल पाया। घटना को तीन माह बीत गए, लेकिन अधिकारी तीन माह में तीनों पुलिसकर्मियों के बयान तक दर्ज नहीं करा सके। जिसको लेकर परिजन भी हताश नजर आ रहे हैं।
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सन्नी के पिता प्रवीन गुप्ता का कहना है कि पुलिस लापरवाही न करती तो उसका बेटा जीवित होता। अब उनका बेटा तो वापस आ नहीं सकता लेकिन किसी और के साथ इस प्रकार की लापरवाही न हो, इसके लिए उन सिपाहियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। ऐसे लोग पुलिस में नहीं होने चाहिए।

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वर्जन
आरोपियों के बयान नहीं हो सके हैं
मामले में दोषी तीनों आरोपियों के जवाब तो दाखिल हो चुके हैं। अभी बयान नहीं हो सके हैं। बयान होने के बाद ही आरोपी पुलिस कर्मियों पर अग्रिम कार्रवाई होगी।
प्रबल प्रताप सिंह, एसपी सिटी, सहारनपुर।
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