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बदला लेने की बजाय खुद को बदलें
Updated Thu, 29 Jun 2017 12:23 AM IST
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बदला लेने की बजाय खुद को बदलें
रामपुर मनिहारान (सहारनपुर)। विराट संत सम्मेलन में स्वामी सत्यानंद महाराज ने कहा कि जब तक मनुष्य अपने आप को नहीं बदलेगा वह सुखी नहीं रह सकता। उन्होंने कहा कि अपने आप को बदल लेना ही श्रेष्ठ कहलाता है। आज भाई-भाई का दुश्मन इसलिए हो रहा है कि वह अपने आप को नहीं बदल रहा है।
सम्मेलन में सोहम मंडल के उत्तराधिकारी स्वामी सत्यानंद जी महाराज ने कहा कि बदला न लो बल्कि खुद बदल जाओ। उन्होंने कहा कि अपने आप को बदलने के लिए सबसे पहले मन को शुद्ध रखना होगा। इसके लिए सत्संग जरूरी है। संतों की वाणी को मन में ग्रहण करने से ही अपने आप को बदलना संभव है। उन्होंने कहा कि जो अपने आप को नहीं बदलता उसका सर्वनाश हो जाता है अर्थात जिस प्रकार से रावण ने अपने आप को नहीं बदला इसी कारण उसका सर्वनाश श्रीराम के हाथों हुआ।
स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने कहा कि मनुष्य को विकारों से दूर रहना चाहिए। इस दौरान चौधरी धनेंद्र पंवार, काशी राम, ललित सैनी, सुरेंद्र सिंह, बाबूराम, सुशील प्रधान, पंडित सुरेंद्रानंद, संजय पंवार आदि का सहयोग रहा।
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रामपुर मनिहारान (सहारनपुर)। विराट संत सम्मेलन में स्वामी सत्यानंद महाराज ने कहा कि जब तक मनुष्य अपने आप को नहीं बदलेगा वह सुखी नहीं रह सकता। उन्होंने कहा कि अपने आप को बदल लेना ही श्रेष्ठ कहलाता है। आज भाई-भाई का दुश्मन इसलिए हो रहा है कि वह अपने आप को नहीं बदल रहा है।
सम्मेलन में सोहम मंडल के उत्तराधिकारी स्वामी सत्यानंद जी महाराज ने कहा कि बदला न लो बल्कि खुद बदल जाओ। उन्होंने कहा कि अपने आप को बदलने के लिए सबसे पहले मन को शुद्ध रखना होगा। इसके लिए सत्संग जरूरी है। संतों की वाणी को मन में ग्रहण करने से ही अपने आप को बदलना संभव है। उन्होंने कहा कि जो अपने आप को नहीं बदलता उसका सर्वनाश हो जाता है अर्थात जिस प्रकार से रावण ने अपने आप को नहीं बदला इसी कारण उसका सर्वनाश श्रीराम के हाथों हुआ।
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स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने कहा कि मनुष्य को विकारों से दूर रहना चाहिए। इस दौरान चौधरी धनेंद्र पंवार, काशी राम, ललित सैनी, सुरेंद्र सिंह, बाबूराम, सुशील प्रधान, पंडित सुरेंद्रानंद, संजय पंवार आदि का सहयोग रहा।
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