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धरातल पर नहीं दिख रही प्रधानमंत्री आवसीय योजना
Updated Wed, 16 May 2018 12:24 AM IST
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धरातल पर नहीं दिख रही प्रधानमंत्री आवासीय योजना
सहारनपुर। प्रधानमंत्री आवासीय योजना को ढाई साल बीत गया। मगर, धरातल पर योजना कहीं नहीं दिखाई दे रही है। पात्रों का चयन कर लिया गया, लेकिन ना ही किसी को मकान मिला और ना ही कच्चे मकान को पक्का करने के लिए पैसा आया है। हालांकि, सर्वे कर प्रशासन को पात्रों की सूची भेजी जा चुकी है।
प्रधानमंत्री आवासीय योजना जून 2015 में शुरू हुई थी। जिले में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को मकान दिए जाने के लिए 4400 पात्रों का चयन किया गया। इसके तहत जिन लोगों के पास जमीन है और मकान बनाने के लिए पैसा नहीं है, उन्हें सरकार की ओर से मकान बनाने के लिए मदद की जानी है। जिन लोगों के मकान कच्चे हैं, उन्हें पक्का मकान बनाने के लिए सरकार की ओर से ढाई लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता की जाएगी। इसके अलावा सरकार की ओर से एक-एक कमरे के फ्लैट भी बनाकर दिए जाने हैं। लेकिन ढाई वर्ष बाद भी प्रधानमंत्री आवासीय योजना के तहत किसी भी पात्र को लाभ नहीं मिला है। हालांकि, प्रशासन ने दिसंबर 2017 में पात्रों के मकानों का सर्वे कर शासन को सूची भेजी थी।
शहर के पीरवाली गली निवासी आमिर खान का कहना है कि उनका मकान कच्चा है। पक्का मकान बनाने के लिए उनका प्रधानमंत्री आवासीय योजना के तहत चयन हुआ था। मगर, अभी तक उन्हें लाभ नहीं मिल पाया है। पुवांरका ब्लॉक के गांव आसनवाली निवासी रमेश कुमार का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनके मकान का सर्वे हो चुका है। मगर, ढाई वर्ष बाद भी कोई मदद नहीं मिली। शारदानगर निवासी राजरानी का कहना है कि पीएम आवास योजना के तहत पक्का मकान बनवाने के लिए वह पत्र देकर थक चुकी हैं। पात्रों की सूची में उनका नाम है।
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प्रधानमंत्री आवासीय योजना के तहत पात्रों का चयन कर शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है। जल्द पात्रों को इसका लाभ मिलेगा। कुछ खामियां मिलने पर थोड़ा विलंब हुआ था।
-आरके कौशिक, परियोजना निदेशक जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा)।
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सहारनपुर। प्रधानमंत्री आवासीय योजना को ढाई साल बीत गया। मगर, धरातल पर योजना कहीं नहीं दिखाई दे रही है। पात्रों का चयन कर लिया गया, लेकिन ना ही किसी को मकान मिला और ना ही कच्चे मकान को पक्का करने के लिए पैसा आया है। हालांकि, सर्वे कर प्रशासन को पात्रों की सूची भेजी जा चुकी है।
प्रधानमंत्री आवासीय योजना जून 2015 में शुरू हुई थी। जिले में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को मकान दिए जाने के लिए 4400 पात्रों का चयन किया गया। इसके तहत जिन लोगों के पास जमीन है और मकान बनाने के लिए पैसा नहीं है, उन्हें सरकार की ओर से मकान बनाने के लिए मदद की जानी है। जिन लोगों के मकान कच्चे हैं, उन्हें पक्का मकान बनाने के लिए सरकार की ओर से ढाई लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता की जाएगी। इसके अलावा सरकार की ओर से एक-एक कमरे के फ्लैट भी बनाकर दिए जाने हैं। लेकिन ढाई वर्ष बाद भी प्रधानमंत्री आवासीय योजना के तहत किसी भी पात्र को लाभ नहीं मिला है। हालांकि, प्रशासन ने दिसंबर 2017 में पात्रों के मकानों का सर्वे कर शासन को सूची भेजी थी।
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शहर के पीरवाली गली निवासी आमिर खान का कहना है कि उनका मकान कच्चा है। पक्का मकान बनाने के लिए उनका प्रधानमंत्री आवासीय योजना के तहत चयन हुआ था। मगर, अभी तक उन्हें लाभ नहीं मिल पाया है। पुवांरका ब्लॉक के गांव आसनवाली निवासी रमेश कुमार का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनके मकान का सर्वे हो चुका है। मगर, ढाई वर्ष बाद भी कोई मदद नहीं मिली। शारदानगर निवासी राजरानी का कहना है कि पीएम आवास योजना के तहत पक्का मकान बनवाने के लिए वह पत्र देकर थक चुकी हैं। पात्रों की सूची में उनका नाम है।
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प्रधानमंत्री आवासीय योजना के तहत पात्रों का चयन कर शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है। जल्द पात्रों को इसका लाभ मिलेगा। कुछ खामियां मिलने पर थोड़ा विलंब हुआ था।
-आरके कौशिक, परियोजना निदेशक जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा)।