{"_id":"5c3cdc25bdec22737830178b","slug":"51547492389-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब निजी अस्पताल में भी उपचार करा सकेंगे रेलवे कर्मर्चा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब निजी अस्पताल में भी उपचार करा सकेंगे रेलवे कर्मर्चा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर। नारदर्न रेलवे मेंस यूनियन के कर्मचारी अब रेलवे का चिकित्सा कार्ड दिखाकर निजी अस्पताल से भी आकस्मिक उपचार ले सकेंगे। रेलवे ने दिल्ली रोड स्थित सक्षम अस्पताल से अनुबंध किया है।
नारदर्न रेलवे मेंस यूनियन जंक्शन शाखा अध्यक्ष अवतार सिंह ने बताया कि यूनियन द्वारा कर्मचारियों को निजी अस्पताल से चिकित्सा दिलाने के लिए प्रयास किया जाना रहा था। यूनियन की बैठक में इस मुद्दे को लगातार रखा गया। जिस पर मंडल द्वारा मान लिया गया है। इसके लिए कोर्ट रोड स्थित सक्षम अस्पताल से अनुबंध किया गया है। उन्होंने बताया कि रेलवे चिकित्सक डॉक्टर ललित कुमार से यूनियन की हुई वार्ता में डॉक्टर ललित कुमार ने बताया कि आकस्मिक चिकित्सा जिसमें दुर्घटना, दिल का दौरा, गायनी के मामले एवं पैकेज से संबंधित मामलों को अनुबंधित अस्पताल में भेजा जाएगा। इसके लिए रेलवे कर्मचारियों के पास रेलवे चिकित्सा कार्ड एवं दो फोटो लाना अनिवार्य होगा। जिसमें रेफर लेटर बनाकर अस्पताल भेजा जाएगा, जिससे कर्मचारियों को उपचार उपलब्ध हो सकेगा। ओपीडी से संबंधित सभी उपचार रेलवे चिकित्सालय में ही होंगे।
विज्ञापन
नारदर्न रेलवे मेंस यूनियन जंक्शन शाखा अध्यक्ष अवतार सिंह ने बताया कि यूनियन द्वारा कर्मचारियों को निजी अस्पताल से चिकित्सा दिलाने के लिए प्रयास किया जाना रहा था। यूनियन की बैठक में इस मुद्दे को लगातार रखा गया। जिस पर मंडल द्वारा मान लिया गया है। इसके लिए कोर्ट रोड स्थित सक्षम अस्पताल से अनुबंध किया गया है। उन्होंने बताया कि रेलवे चिकित्सक डॉक्टर ललित कुमार से यूनियन की हुई वार्ता में डॉक्टर ललित कुमार ने बताया कि आकस्मिक चिकित्सा जिसमें दुर्घटना, दिल का दौरा, गायनी के मामले एवं पैकेज से संबंधित मामलों को अनुबंधित अस्पताल में भेजा जाएगा। इसके लिए रेलवे कर्मचारियों के पास रेलवे चिकित्सा कार्ड एवं दो फोटो लाना अनिवार्य होगा। जिसमें रेफर लेटर बनाकर अस्पताल भेजा जाएगा, जिससे कर्मचारियों को उपचार उपलब्ध हो सकेगा। ओपीडी से संबंधित सभी उपचार रेलवे चिकित्सालय में ही होंगे।
विज्ञापन