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उस्मान हत्याकांड में पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
Updated Wed, 05 Sep 2018 12:06 AM IST
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सहारनपुर। आल इंडिया गाड़ा विकास मंच ने मंगलवार को एसएसपी से मिलकर दुमझेड़ी के हाफिज उस्मान की हत्या को लेकर पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए है। उन्होंने पूरे मामले की जांच सीओ स्तर के अधिकारी से कराने की मांग की है।
गाड़ा विकास मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष हाजी अब्दुल कदीर के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को एसएसपी उपेंद्र कुमार अग्रवाल से मिलकर तीन सूत्रीय ज्ञापन दिया। उनका कहना था कि अपहरण वाली रात पुलिस हाफिज उस्मान को अपहरणकर्ताओं के चुंगल से बचाने के बजाए फिरौती की रकम का इंतजाम कराने में ज्यादा दिलचस्पी ले रही थी। उनका आरोप था कि कई ऐसेे सवाल है, जिनके जवाब नहीं मिल पाए है। ऐसे में पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल उठने स्वाभाविक है। उनका कहना था कि अपहरण और हत्या की साजिश में अभी और लोग भी शक के दायरे में है। एसएसपी से हत्याकांड की जांच सीओ स्तर के अधिकारी से कराने की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल में शोएब प्रधान, मुस्तकीम अहमद, अब्दुल हफीज, अब्दुल हफीज, आफताब, हसन बानो, अदनान, प्रवेज आलम, शहजाद माजरा, मो. नौशाद, इंतखाब आजाद, इम्तियाज, मुशर्रफ अली, नाजिम प्रधान आदि शामिल रहे।
पुलिस पर आरोप
सहारनपुर। पठोरी वक्काल निवासी आभेराम ने एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर नागल पुलिस और सीओ देवबंद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए है। आभेराम की तरफ से दिए प्रार्थना पत्र में बताया गया कि उसके बेटे मयंक की पांच अगस्त को हत्या कर दी गई थी, जिसे दुर्घटना का रूप दे दिया गया। पुलिस ने दुर्घटना की धारा में मुकदमा दर्ज किया था। इस मामले में अदालत की शरण ली गई। अदालत ने पुलिस को पीड़ित पक्ष द्वारा उपलब्ध कराए तथ्यों की नए सिरे से जांच के आदेश दिए थे। पुलिस ने किसी तरह की रुचि नहीं दिखाई तो एसएसपी ने सीओ देवबंद को इसकी जांच सौंपी थी। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि सीओ देवबंद भी जांच में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं।
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गाड़ा विकास मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष हाजी अब्दुल कदीर के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को एसएसपी उपेंद्र कुमार अग्रवाल से मिलकर तीन सूत्रीय ज्ञापन दिया। उनका कहना था कि अपहरण वाली रात पुलिस हाफिज उस्मान को अपहरणकर्ताओं के चुंगल से बचाने के बजाए फिरौती की रकम का इंतजाम कराने में ज्यादा दिलचस्पी ले रही थी। उनका आरोप था कि कई ऐसेे सवाल है, जिनके जवाब नहीं मिल पाए है। ऐसे में पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल उठने स्वाभाविक है। उनका कहना था कि अपहरण और हत्या की साजिश में अभी और लोग भी शक के दायरे में है। एसएसपी से हत्याकांड की जांच सीओ स्तर के अधिकारी से कराने की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल में शोएब प्रधान, मुस्तकीम अहमद, अब्दुल हफीज, अब्दुल हफीज, आफताब, हसन बानो, अदनान, प्रवेज आलम, शहजाद माजरा, मो. नौशाद, इंतखाब आजाद, इम्तियाज, मुशर्रफ अली, नाजिम प्रधान आदि शामिल रहे।
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पुलिस पर आरोप
सहारनपुर। पठोरी वक्काल निवासी आभेराम ने एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर नागल पुलिस और सीओ देवबंद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए है। आभेराम की तरफ से दिए प्रार्थना पत्र में बताया गया कि उसके बेटे मयंक की पांच अगस्त को हत्या कर दी गई थी, जिसे दुर्घटना का रूप दे दिया गया। पुलिस ने दुर्घटना की धारा में मुकदमा दर्ज किया था। इस मामले में अदालत की शरण ली गई। अदालत ने पुलिस को पीड़ित पक्ष द्वारा उपलब्ध कराए तथ्यों की नए सिरे से जांच के आदेश दिए थे। पुलिस ने किसी तरह की रुचि नहीं दिखाई तो एसएसपी ने सीओ देवबंद को इसकी जांच सौंपी थी। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि सीओ देवबंद भी जांच में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं।
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