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चीनी के भाव में उछाल से किसानों में बढ़ी बकाया भुगतान की उम्मीद
Updated Sun, 10 Jun 2018 01:04 AM IST
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चीनी के भाव में उछाल से किसानों में बढ़ी बकाया भुगतान की उम्मीद
सहारनपुर। केंद्र सरकार द्वारा चीनी के आयात पर शुल्क लगाने और 30 लाख टन का बफर स्टॉक बनाने की घोषणा से चीनी के भाव में उछाल आ गया। शनिवार को शुगर मिलों में जहां 3147 रुपये प्रति क्विंटल चीनी की बिक्री हुई, वहीं थोक बाजार में इसका उच्चतम रेट 3500 रुपये प्रति क्विंटल रहा। इससे पहले चीनी का दाम कम रहने से शुगर मिलों को काफी नुकसान झेलना पड़ रहा था। केंद्र सरकार की घोषणा के बाद बाजार में चीनी के भाव में आए उछाल से मंदी से जूझ रहे शुगर इंडस्ट्रीज के साथ ही किसानों को राहत मिली है। पिछले एक पखवाडे़ में चीनी के रेट में लगातार इजाफा हो रहा है। शुगर मिलें चीनी बेचकर किसानों को बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान करती हैं। बाजार में भाव कम रहने से जहां मिलों को घाटे का सामना करना पड़ रहा है वहीं इसका विपरीत असर गन्ना मूल्य भुगतान पर भी पड़ रहा था। एक बार हालत यह हो गई थी कि चीनी का भाव 2600 प्रति क्विंटल तक पहुंच गया था। मंडी में चीनी के थोक व्यापारी प्रदीप गोयल ने बताया कि पिछले कई दिनों से चीनी के दामों में उछाल आया है। थोक में 3500 रुपये प्रति क्विंटल तक चीनी का रेट हो गया है। उनका कहना है कि भारत सरकार द्वारा आयात शुल्क लगाने और 30 लाख टन का बफर स्टाक बनाने की घोषणा आदि से बाजार में चीनी के रेट में तेजी आ रही है।
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इस तरह बढ़ रहे चीनी के प्रति क्विंटल दाम
तारीख चीनी के भाव रुपये में
01 जून 2938
02 जून 2935
03 जून 2948
04 जून 2947
05 जून 2977
07 जून 3022
08 जून 3100
09 जून 3147
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गन्ना विभाग के आंकड़ों के अनुसार।
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चीनी के रेट में लगातार हो रहे इजाफे का फायदा बकाया गन्ना मूल्य भुगतान करानो में होगा। शुगर मिलें बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान चीनी को बेचकर कर रही हैं। इससे प्राप्त होने वाले धन के 85 प्रतिशत का उपयोग गन्ना मूल्य का भुगतान करने में होता है। बाजार में चीनी के भाव बढ़ने से शुगर मिलों को अधिक धनराशि मिलेगी जिससे अधिक भुगतान हो सकेगा।
----डॉ. आरडी द्विवेदी, जिला गन्ना अधिकारी सहारनपुर।
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सहारनपुर। केंद्र सरकार द्वारा चीनी के आयात पर शुल्क लगाने और 30 लाख टन का बफर स्टॉक बनाने की घोषणा से चीनी के भाव में उछाल आ गया। शनिवार को शुगर मिलों में जहां 3147 रुपये प्रति क्विंटल चीनी की बिक्री हुई, वहीं थोक बाजार में इसका उच्चतम रेट 3500 रुपये प्रति क्विंटल रहा। इससे पहले चीनी का दाम कम रहने से शुगर मिलों को काफी नुकसान झेलना पड़ रहा था। केंद्र सरकार की घोषणा के बाद बाजार में चीनी के भाव में आए उछाल से मंदी से जूझ रहे शुगर इंडस्ट्रीज के साथ ही किसानों को राहत मिली है। पिछले एक पखवाडे़ में चीनी के रेट में लगातार इजाफा हो रहा है। शुगर मिलें चीनी बेचकर किसानों को बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान करती हैं। बाजार में भाव कम रहने से जहां मिलों को घाटे का सामना करना पड़ रहा है वहीं इसका विपरीत असर गन्ना मूल्य भुगतान पर भी पड़ रहा था। एक बार हालत यह हो गई थी कि चीनी का भाव 2600 प्रति क्विंटल तक पहुंच गया था। मंडी में चीनी के थोक व्यापारी प्रदीप गोयल ने बताया कि पिछले कई दिनों से चीनी के दामों में उछाल आया है। थोक में 3500 रुपये प्रति क्विंटल तक चीनी का रेट हो गया है। उनका कहना है कि भारत सरकार द्वारा आयात शुल्क लगाने और 30 लाख टन का बफर स्टाक बनाने की घोषणा आदि से बाजार में चीनी के रेट में तेजी आ रही है।
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इस तरह बढ़ रहे चीनी के प्रति क्विंटल दाम
तारीख चीनी के भाव रुपये में
01 जून 2938
02 जून 2935
03 जून 2948
04 जून 2947
05 जून 2977
07 जून 3022
08 जून 3100
09 जून 3147
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गन्ना विभाग के आंकड़ों के अनुसार।
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चीनी के रेट में लगातार हो रहे इजाफे का फायदा बकाया गन्ना मूल्य भुगतान करानो में होगा। शुगर मिलें बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान चीनी को बेचकर कर रही हैं। इससे प्राप्त होने वाले धन के 85 प्रतिशत का उपयोग गन्ना मूल्य का भुगतान करने में होता है। बाजार में चीनी के भाव बढ़ने से शुगर मिलों को अधिक धनराशि मिलेगी जिससे अधिक भुगतान हो सकेगा।
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----डॉ. आरडी द्विवेदी, जिला गन्ना अधिकारी सहारनपुर।