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रफ्तार नहीं पकड़ रहा पशु टीकाकारण अभियान
Updated Tue, 03 Apr 2018 12:04 AM IST
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रफ्तार नहीं पकड़ रहा पशु टीकाकरण अभियान
सहारनपुर। खुरपका और मुंहपका रोगों से बचाव के लिए चलाया जा रहा पशु टीकाकरण अभियान रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। इससे पशु पालकों को परेशानी उठानी पड़ रही है। पशु पालन विभाग में स्टाफ की कमी होने के कारण अभियान की रफ्तार धीमी है।
जिले में पशुओं को खुरपका और मुंहपका रोग से बचाने के लिए पशु पालन विभाग द्वारा अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए शासन से आठ लाख वैक्सीन पिछले दिनों विभाग को प्राप्त हुई थी। मगर, टीकाकरण अभियान की रफ्तार धीमी है। पुवांरका ब्लॉक के गांव टोपरी निवासी पशुपालक नरेंद्र पाल का आरोप है कि टीकाकरण अभियान के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। उनके गांव में अभी तक पशुओं को टीके नहीं लगा गए हैं। रामपुर मनिहारान ब्लॉक के गांव उमाही निवासी ब्रहमपाल का कहना है कि पशुओं को टीकाकरण कराने के लिए उन्हें विभाग के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। बलियाखेड़ी ब्लॉक गांव बलियाखेड़ी निवासी रामपाल सिंह का कहना है कि गर्मी और बरसात के दिनों में खुरपका और मुंहपका बीमारी होने का खतरा रहता है। इसलिए गर्मी और बरसात से पहले ही पशुओं को टीकें लगाए जाते हैं। मगर, टीकाकरण अभियान से काफी पशुपालक अछूते रह गए हैं।
उधर, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी वाईपी सिंह का कहना है कि विभाग में स्टाफ की कमी पिछले काफी समय से चली आ रही है। जनपद के 32 पशु चिकित्सालयों में मात्र 16 चिकित्सक हैं। विभाग द्वारा हर पशु पालक तक पहुंचने के लिए टीमें काम कर रही हैं।
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सहारनपुर। खुरपका और मुंहपका रोगों से बचाव के लिए चलाया जा रहा पशु टीकाकरण अभियान रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। इससे पशु पालकों को परेशानी उठानी पड़ रही है। पशु पालन विभाग में स्टाफ की कमी होने के कारण अभियान की रफ्तार धीमी है।
जिले में पशुओं को खुरपका और मुंहपका रोग से बचाने के लिए पशु पालन विभाग द्वारा अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए शासन से आठ लाख वैक्सीन पिछले दिनों विभाग को प्राप्त हुई थी। मगर, टीकाकरण अभियान की रफ्तार धीमी है। पुवांरका ब्लॉक के गांव टोपरी निवासी पशुपालक नरेंद्र पाल का आरोप है कि टीकाकरण अभियान के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। उनके गांव में अभी तक पशुओं को टीके नहीं लगा गए हैं। रामपुर मनिहारान ब्लॉक के गांव उमाही निवासी ब्रहमपाल का कहना है कि पशुओं को टीकाकरण कराने के लिए उन्हें विभाग के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। बलियाखेड़ी ब्लॉक गांव बलियाखेड़ी निवासी रामपाल सिंह का कहना है कि गर्मी और बरसात के दिनों में खुरपका और मुंहपका बीमारी होने का खतरा रहता है। इसलिए गर्मी और बरसात से पहले ही पशुओं को टीकें लगाए जाते हैं। मगर, टीकाकरण अभियान से काफी पशुपालक अछूते रह गए हैं।
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उधर, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी वाईपी सिंह का कहना है कि विभाग में स्टाफ की कमी पिछले काफी समय से चली आ रही है। जनपद के 32 पशु चिकित्सालयों में मात्र 16 चिकित्सक हैं। विभाग द्वारा हर पशु पालक तक पहुंचने के लिए टीमें काम कर रही हैं।
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